कोटा के रामपुरा स्थित श्री नगर सेठ गणपति पंडाल में 18 सितंबर की रात हुए हंगामे के विरोध में शनिवार को व्यापारियों ने बाजार बंद कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। श्री गणपति सेवा समिति ने एक व्यक्ति पर तलवार और पिस्टल दिखाकर दहशत फैलाने, धमकी देने और नगर सेठ को पहनाए गए आभूषण व करीब 50 हजार रुपए नकद ले जाने का प्रयास करने के आरोप लगाए हैं। मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर व्यापारियों में आक्रोश है। श्री गणपति सेवा समिति के अध्यक्ष विशाल साहू के अनुसार, सम्राट पाटोन नाम का व्यक्ति अपने परिवार के साथ पंडाल में आया था। आरोप है कि वह नशे की हालत में था और कई बार स्टेज पर चढ़ा। रात करीब 1:30 बजे वह दोबारा पंडाल पहुंचा। समिति का आरोप है कि उस समय उसके हाथ में तलवार और पिस्टल थी। उसने तलवार लहराई और पिस्टल दिखाकर धमकी दी, जिससे पंडाल में अफरा-तफरी मच गई। समिति अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि आरोपी ने नगर सेठ को पहनाए गए आभूषण और करीब 50 हजार रुपए नकद ले जाने का प्रयास भी किया। घटना के बाद समिति पदाधिकारियों ने पुलिस से आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। मामले की जानकारी पर एडिशनल एसपी सुभाष मिश्रा मौके पर पहुंचे और समिति पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से समझाइश की। समिति का कहना है कि उन्होंने जान से मारने की धमकी और लूट के प्रयास से जुड़ी धाराओं में कार्रवाई की मांग की है, जबकि पुलिस ने फिलहाल सामान्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। व्यापारियों ने आरोपी को पंडाल में लाकर कार्रवाई करने और उसका जुलूस निकालने की मांग की है।होलसेल व्यापार महासंघ हाड़ौती संभाग के अध्यक्ष पंकज बागड़ी के नेतृत्व में व्यापारियों ने बाजार बंद कर विरोध जताया। समिति ने चेतावनी दी है कि मांगों पर कार्रवाई होने तक धरना जारी रहेगा और नगर सेठ की आरती नहीं की जाएगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तलवार, पिस्टल और लूट के प्रयास के आरोपों की पुष्टि की जाएगी।

