हाथरस जिले के श्री दाऊजी महाराज मेले में शुक्रवार रात झूलों का चलना बंद हो गया। कई दिनों से एनओसी नहीं मिलने के कारण ठेकेदार ने यह फैसला लिया है। ठेकेदार ने प्रशासनिक अधिकारियों पर परेशान करने का आरोप लगाया है। इस वजह से मेले में झूलों का मजा लेने आए लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा। इस दौरान दुकानें भी बंद करा दी गईं। मेले की शुरुआत 15 सितंबर को हुई थी। शुरुआत में झूलों को चलाने के लिए एनओसी नहीं मिली थी, जिससे वे चल नहीं पाए थे। गुरुवार को कुछ झूलों को चलाने की अनुमति मिली थी। हालांकि, शुक्रवार देर रात झूला ठेकेदार ने सभी झूलों को पूरी तरह बंद कर दिया। झूले के लिए लाइन में लगे लोग काफी देर तक उनके चालू होने का इंतजार करते रहे। ठेकेदार ने फिर से प्रशासन पर परेशान करने का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर ऐसी ही स्थिति रही तो शनिवार को वह मेले से अपना सामान हटाना शुरू कर देंगे। ठेकेदार बबलू का कहना है कि उन्होंने मेले का ठेका 1 करोड़ 5 लाख 53 हजार रुपये में लिया है, जिस पर 18 प्रतिशत जीएसटी अलग से देना है। उनके मुताबिक अब तक करीब 35 लाख रुपये जमा हो चुके हैं। उनका आरोप है कि टेंडर मिलने के बाद से ही उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है, जबकि उन्होंने प्रशासन की ओर से बताई गई सभी जरूरी शर्तें पूरी की हैं। बबलू ने दाऊजी महाराज मंदिर के सामने लगाए गए फूड कोर्ट को लेकर भी सवाल उठाए। उनका दावा है कि यह जगह करीब तीन लाख रुपये की व्यावसायिक कीमत वाली है, लेकिन प्रशासन की ओर से इसे मुफ्त में लगवाया गया है। उन्होंने मंदिर की रंगाई-पुताई और साउंड व्यवस्था पर भी ज्यादा खर्च कराने का आरोप लगाया। ठेकेदार पर होगी कार्रवाई इस मामले पर एडीएम प्रशांत तिवारी ने कहा कि ठेकेदार से मंच पर एसी की व्यवस्था करने और बिजली ठीक करने के लिए कहा गया था। एडीएम ने बताया कि ठेकेदार काम नहीं करना चाहता है। उन्होंने कहा कि इस मामले में ठेकेदार पर कार्रवाई की जाएगी।

