सीवान के लकड़ी नबीगंज थाना क्षेत्र के लखनौरा सब्जी मंडी के पास 8 सितंबर को हुई चाकूबाजी की घटना में नामजद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से शुक्रवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। पीड़ित के पिता राजू प्रसाद और स्थानीय लोगों ने मलमलिया-मोहम्मदपुर मुख्य मार्ग पर टायर जलाकर सड़क जाम कर दी। इस दौरान पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। पीड़ित परिवार और ग्रामीणों का आरोप है कि चाकूबाजी की घटना का स्पष्ट सीसीटीवी फुटेज पुलिस के पास मौजूद है। इसके बावजूद नामजद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई। ग्रामीणों का दावा है कि आरोपी इलाके में खुलेआम घूम रहा है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… जोगी बाबा मेले में आरोपी के घूमने की सूचना का दावा ग्रामीणों ने कहा कि आरोपी के हाल में जोगी बाबा मेला में घूमने की जानकारी भी पुलिस को दी गई थी। इसके बावजूद पुलिस की ओर से तत्काल कार्रवाई नहीं की गई। इसी को लेकर ग्रामीणों में पुलिस की कार्यशैली के प्रति नाराजगी बढ़ती गई। पीड़ित के पिता ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप पीड़ित के पिता राजू प्रसाद ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि जिस वाहन से आरोपी पहुंचे थे, उस पर वीआईपी रजिस्ट्रेशन नंबर था और जदयू का झंडा लगा था। इसी आधार पर परिवार ने आरोपी को राजनीतिक संरक्षण मिलने की आशंका जताई है। मुख्य आरोपी की जगह दूसरे व्यक्ति की गिरफ्तारी परिजनों का आरोप है कि वीडियो साक्ष्य मौजूद होने के बावजूद मुख्य आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया। उनका कहना है कि मामले में दूसरे व्यक्ति की गिरफ्तारी दिखाकर खानापूर्ति की जा रही है। थानाध्यक्ष के पहुंचते ही बढ़ा विरोध सड़क जाम की सूचना पर लकड़ी नबीगंज थानाध्यक्ष सविता कुमारी मौके पर पहुंचीं। ग्रामीणों और परिजनों ने उनके सामने पुलिस कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई। थानाध्यक्ष ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि परिजन केस की जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं कर रहे हैं, पीड़ित से मिलने नहीं दे रहे हैं और आवश्यक कागजात भी उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। पुलिस पर पैसे लेकर कार्रवाई नहीं करने का आरोप प्रदर्शन के दौरान परिजनों ने थानाध्यक्ष पर पैसे लेकर कार्रवाई नहीं करने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ जैसे गंभीर आरोप भी लगाए। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। एसडीपीओ की भूमिका पर भी उठे सवाल ग्रामीणों ने महाराजगंज एसडीपीओ अमन की भूमिका को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि घटना के बाद एसडीपीओ मौके पर पहुंचे, लेकिन पीड़ित परिवार से मुलाकात नहीं की और मामले में अपेक्षित हस्तक्षेप नहीं किया। हंगामे के बाद एसडीओ ने संभाला मोर्चा हंगामे की सूचना पर महाराजगंज एसडीओ अनीता सिन्हा मौके पर पहुंचीं। उन्होंने पीड़ित परिवार और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक चले विरोध के बाद एसडीओ ने तीन दिन का समय मांगा। तीन दिन में गिरफ्तारी का भरोसा एसडीओ ने ग्रामीणों को भरोसा दिया कि तीन दिनों के भीतर मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की जाएगी। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त कराने की कोशिश की गई। कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी पीड़ित के पिता ने कहा कि यदि तय समय में पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो वे फिर से आंदोलन करेंगे और कड़ा कदम उठाने की चेतावनी दी। प्रशासन ने उन्हें भरोसा दिलाया कि मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अब पुलिस की कार्रवाई पर टिकी नजर चाकूबाजी की घटना के बाद सीसीटीवी फुटेज, नामजद आरोपी की गिरफ्तारी और पुलिस की जांच को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। अब प्रशासन की ओर से दिए गए तीन दिन के समय में पुलिस क्या कार्रवाई करती है, इस पर पीड़ित परिवार और ग्रामीणों की नजर है। सीवान के लकड़ी नबीगंज थाना क्षेत्र के लखनौरा सब्जी मंडी के पास 8 सितंबर को हुई चाकूबाजी की घटना में नामजद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से शुक्रवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। पीड़ित के पिता राजू प्रसाद और स्थानीय लोगों ने मलमलिया-मोहम्मदपुर मुख्य मार्ग पर टायर जलाकर सड़क जाम कर दी। इस दौरान पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। पीड़ित परिवार और ग्रामीणों का आरोप है कि चाकूबाजी की घटना का स्पष्ट सीसीटीवी फुटेज पुलिस के पास मौजूद है। इसके बावजूद नामजद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई। ग्रामीणों का दावा है कि आरोपी इलाके में खुलेआम घूम रहा है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… जोगी बाबा मेले में आरोपी के घूमने की सूचना का दावा ग्रामीणों ने कहा कि आरोपी के हाल में जोगी बाबा मेला में घूमने की जानकारी भी पुलिस को दी गई थी। इसके बावजूद पुलिस की ओर से तत्काल कार्रवाई नहीं की गई। इसी को लेकर ग्रामीणों में पुलिस की कार्यशैली के प्रति नाराजगी बढ़ती गई। पीड़ित के पिता ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप पीड़ित के पिता राजू प्रसाद ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि जिस वाहन से आरोपी पहुंचे थे, उस पर वीआईपी रजिस्ट्रेशन नंबर था और जदयू का झंडा लगा था। इसी आधार पर परिवार ने आरोपी को राजनीतिक संरक्षण मिलने की आशंका जताई है। मुख्य आरोपी की जगह दूसरे व्यक्ति की गिरफ्तारी परिजनों का आरोप है कि वीडियो साक्ष्य मौजूद होने के बावजूद मुख्य आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया। उनका कहना है कि मामले में दूसरे व्यक्ति की गिरफ्तारी दिखाकर खानापूर्ति की जा रही है। थानाध्यक्ष के पहुंचते ही बढ़ा विरोध सड़क जाम की सूचना पर लकड़ी नबीगंज थानाध्यक्ष सविता कुमारी मौके पर पहुंचीं। ग्रामीणों और परिजनों ने उनके सामने पुलिस कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई। थानाध्यक्ष ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि परिजन केस की जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं कर रहे हैं, पीड़ित से मिलने नहीं दे रहे हैं और आवश्यक कागजात भी उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। पुलिस पर पैसे लेकर कार्रवाई नहीं करने का आरोप प्रदर्शन के दौरान परिजनों ने थानाध्यक्ष पर पैसे लेकर कार्रवाई नहीं करने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ जैसे गंभीर आरोप भी लगाए। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। एसडीपीओ की भूमिका पर भी उठे सवाल ग्रामीणों ने महाराजगंज एसडीपीओ अमन की भूमिका को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि घटना के बाद एसडीपीओ मौके पर पहुंचे, लेकिन पीड़ित परिवार से मुलाकात नहीं की और मामले में अपेक्षित हस्तक्षेप नहीं किया। हंगामे के बाद एसडीओ ने संभाला मोर्चा हंगामे की सूचना पर महाराजगंज एसडीओ अनीता सिन्हा मौके पर पहुंचीं। उन्होंने पीड़ित परिवार और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक चले विरोध के बाद एसडीओ ने तीन दिन का समय मांगा। तीन दिन में गिरफ्तारी का भरोसा एसडीओ ने ग्रामीणों को भरोसा दिया कि तीन दिनों के भीतर मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की जाएगी। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त कराने की कोशिश की गई। कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी पीड़ित के पिता ने कहा कि यदि तय समय में पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो वे फिर से आंदोलन करेंगे और कड़ा कदम उठाने की चेतावनी दी। प्रशासन ने उन्हें भरोसा दिलाया कि मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अब पुलिस की कार्रवाई पर टिकी नजर चाकूबाजी की घटना के बाद सीसीटीवी फुटेज, नामजद आरोपी की गिरफ्तारी और पुलिस की जांच को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। अब प्रशासन की ओर से दिए गए तीन दिन के समय में पुलिस क्या कार्रवाई करती है, इस पर पीड़ित परिवार और ग्रामीणों की नजर है।

