चित्तौड़गढ़ में तीन दिन बारिश का अलर्ट:सामान्य से 23.74% कम बरसात, 40 किमी की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

चित्तौड़गढ़ में तीन दिन बारिश का अलर्ट:सामान्य से 23.74% कम बरसात, 40 किमी की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

चित्तौड़गढ़ जिले में इस मानसून सीजन में औसत से काफी कम बारिश होने के बाद अब एक बार फिर मौसम बदलने के संकेत मिले हैं। गुरुवार सुबह से ही शहर और आसपास के इलाकों में आसमान पर काले बादल छाए हुए है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 17 से 19 सितंबर तक जिले में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान तेज हवाएं चलने, मेघ गर्जन और आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे लोगों के लिए यह अनुमान राहत देने वाला माना जा रहा है। हालांकि मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की भी अपील की है। औसत से काफी कम रही बारिश इस बार जिले में मानसून उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। अब तक जिले में सामान्य बारिश का केवल 76.26 प्रतिशत ही पानी गिरा है। बारिश कम होने का असर जलाशयों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। जिले का एक भी बांध इस बार पूरी तरह नहीं भर पाया है। पिछले दो दिनों में कुछ इलाकों में हल्की बारिश जरूर हुई, लेकिन इससे बारिश के कुल आंकड़ों में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई। खेती और पेयजल दोनों के लिहाज से लोग अभी भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। अगर अगले तीन दिनों में अनुमान के मुताबिक बारिश होती है तो कुछ राहत मिल सकती है। उमस से लोग परेशान हल्की बारिश के बाद फिर से तापमान बढ़ने लगा है। बारिश नहीं होने और नमी बढ़ने से दिनभर उमस महसूस की जा रही है। गुरुवार को चित्तौड़गढ़ का अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह से बादल छाए रहने के बावजूद वातावरण में उमस बनी रही। मौसम बदलने के कारण लोग दिनभर गर्मी और चिपचिपाहट से परेशान हो सकते हैं। ऐसे में लोगों की नजर अब अगले तीन दिनों के मौसम पर टिकी हुई है। तेज हवा और बिजली गिरने की भी संभावना मौसम विभाग के अनुसार 17 से 19 सितंबर के बीच जिले के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। मेघ गर्जन के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। ऐसे मौसम में खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग का कहना है कि 19 सितंबर के बाद बारिश की गतिविधियां कम हो सकती हैं और इसके साथ ही मानसून की विदाई की स्थिति भी बनने लगेगी।

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