वाराणसी से 19 सितंबर को होगी मानसून की विदाई:घटने लगा गंगा का जलस्तर,घाट से सिल्ट सफाई की तीर्थ पुरोहितों ने उठाई मांग

वाराणसी से 19 सितंबर को होगी मानसून की विदाई:घटने लगा गंगा का जलस्तर,घाट से सिल्ट सफाई की तीर्थ पुरोहितों ने उठाई मांग

वाराणसी में मानसून की विदाई की आहट के बीच वाराणसी में मौसम लगातार बदलाव के दौर से गुजर रहा है। गुरुवार सुबह शहर का तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की रफ्तार करीब छह किलोमीटर प्रति घंटे रही, जबकि वातावरण में नमी 74 प्रतिशत दर्ज की गई। शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 62 रहा। मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव के कहा – अब मानसून की विदाई का समय नजदीक आ गया है। इसके चलते मौसम में रुक-रुककर बदलाव देखने को मिल सकता है। उन्होंने बताया कि गुरुवार शाम तक वाराणसी में हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक 19 सितंबर के बाद उत्तर प्रदेश से मानसून की विदाई शुरू हो सकती है। आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष एक जून से 17 सितंबर तक उत्तर प्रदेश में 860.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 15 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। मानसून की विदाई के साथ ही बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने का अनुमान है। गंगा का जलस्तर तेजी से घटा, घाटों पर सिल्ट की चुनौती वही, वाराणसी में गंगा का जलस्तर लगातार तेजी से घट रहा है। जलस्तर कम होने के बाद भी बाढ़ का असर घाटों पर साफ दिखाई दे रहा है। कई घाटों का संपर्क अभी पूरी तरह बहाल नहीं हुआ है। घाटों की सीढ़ियों, रास्तों और किनारे स्थित मंदिरों में बड़ी मात्रा में सिल्ट जमा है। अब इसे हटाने और घाटों की सफाई का काम शुरू किया गया है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, गंगा के जलस्तर में आगे भी लगातार गिरावट आने की संभावना है। हालांकि, जलस्तर घटने के बाद घाटों को सामान्य स्थिति में लाने के लिए बड़े स्तर पर सफाई की जरूरत है। घाट किनारे रहने वाले लोगों और स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम को जल्द से जल्द पंप लगाकर सिल्ट और जमा पानी की सफाई करानी चाहिए। उनका कहना है कि वाराणसी आने वाले पर्यटकों को घाटों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। बड़ी नाव चलाने की मांग, पुलिस ने अभी नहीं दी अनुमति गंगा का जलस्तर घटने के बाद नाविकों ने जल पुलिस के साथ बैठक कर नाव संचालन को लेकर अपनी मांग रखी है। नाविकों ने मांग की है कि बड़ी नावों को संचालन की अनुमति दी जाए। इसके अलावा गंगा आरती के दौरान श्रद्धालुओं को नाव पर बैठकर आरती देखने की अनुमति देने की भी मांग की गई है। हालांकि, पुलिस प्रशासन की ओर से फिलहाल नाव संचालन की अनुमति नहीं दी गई है। पुलिस ने नाविकों से प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि गंगा का जलस्तर सामान्य होने और परिस्थितियां सुरक्षित होने के बाद नाव संचालन को दोबारा शुरू कराया जाएगा। हरिश्चंद्र घाट की सीढ़ियों की भी सफाई शुरू इधर, हरिश्चंद्र घाट पर भी सफाई अभियान चलाया जा रहा है। घाट की सीढ़ियों पर जमा सिल्ट को हटाया जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि सफाई के बाद शवदाह गली के साथ घाट की सीढ़ियों पर भी आवश्यक गतिविधियां सुचारु रूप से हो सकें। गंगा का जलस्तर घटने के साथ अब घाटों को पहले की तरह सामान्य स्थिति में लाने की चुनौती सामने है।

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