राजस्थान के लोहावट थाना क्षेत्र के जंभेश्वरनगर गांव में घर के बाहर सो रही भंवरी देवी विश्नोई की धारदार हथियार से निर्मम हत्या और उनकी दो मासूम बेटियों पर हुए जानलेवा हमले के सनसनीखेज मामले में एक बड़ा और निर्णायक अपडेट सामने आया है। राजस्थान पुलिस महानिदेशक (DGP) के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (SIT) की मांग पर मंगलवार को जयपुर से स्टेट फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की पूरी विशेषज्ञों की टीम लोहावट पहुंची और मौका-ए-वारदात पर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम का सीन री-क्रिएट कराया। इस दौरान एसआईटी का नेतृत्व कर रहे डीआईजी देवेंद्र विश्नोई और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर खुद मौजूद रहे। पुलिस की इस हाई-टेक कार्रवाई से उम्मीद जताई जा रही है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों के जरिए अब उस अज्ञात नकाबपोश हत्यारे तक पहुंचने में मदद मिलेगी, जिसने आधी रात को सो रहे परिवार पर हमला करके पूरे गांव को दहशत में डाल दिया था।
FSL ने जुटाए साक्ष्य, बच्चियों के बयानों से खुलेगा राज!
एसआईटी के प्रमुख डीआईजी देवेंद्र विश्नोई ने मीडिया से बातचीत में बताया कि अनुसंधान को वैज्ञानिक दिशा देने के लिए जयपुर से फॉरेंसिक टीम को बुलाना जरूरी था।
मौके की वैज्ञानिक मैपिंग: एफएसएल की टीम ने घटनास्थल का विस्तृत मुआयना किया, अलग-अलग कोणों से हाई-रिज़ॉल्यूशन फोटोग्राफ्स लिए और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए।
बच्चियों से ली गई पूरी जानकारी: अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर लौटीं घायल बेटियों से टीम ने बेहद संवेदनशील तरीके से बात की। घटना के समय हमलावर की कद-काठी, उसकी हलचल और हमले के समय की स्थितियों को समझा।
ताऊ की एंट्री का सीन री-क्रिएशन: हमले के तुरंत बाद बच्चियों की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे उनके बड़े पिता (ताऊ) किस तरह वहां आए और उन्होंने क्या-क्या देखा, इसे भी फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मौजूदगी में दोबारा री-क्रिएट करके देखा गया।

3 संदिग्धों का पॉलीग्राफी टेस्ट, रिपोर्ट का इंतजार
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राजस्थान पुलिस की एसआईटी हर संभावित एंगल और पारिवारिक/रंजिश से जुड़े पहलुओं की गहनता से पड़ताल कर रही है। डीआईजी देवेंद्र विश्नोई के अनुसार, इस मर्डर केस में हिरासत में लिए गए 3 मुख्य संदिग्धों का पॉलीग्राफी टेस्ट करवाया जा चुका है।
एसआईटी को अब फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी से पॉलीग्राफी टेस्ट की आधिकारिक रिपोर्ट आने का इंतजार है। इस रिपोर्ट के विश्लेषण के बाद संदिग्धों के बयानों की सच्चाई सामने आ जाएगी। घटना के बाद से ही एसआईटी की अलग-अलग टीमें राजस्थान और पड़ोसी राज्यों में संदिग्धों के ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।
साक्ष्य देंगे जांच को नई दिशा
डीआईजी देवेंद्र विश्नोई ने बताया कि एफएसएल टीम अपनी जांच पूरी करने के बाद जल्द ही एक विस्तृत फॉरेंसिक रिपोर्ट एसआईटी को सौंपेगी। इस रिपोर्ट में घटना के समय इस्तेमाल किए गए हथियार के कोण, खून के धब्बों के पैटर्न और हमलावर की शारीरिक स्थिति से जुड़े महत्वपूर्ण वैज्ञानिक इनपुट्स होंगे।
उन्होंने उम्मीद जताई कि फॉरेंसिक री-क्रिएशन और पॉलीग्राफी रिपोर्ट का मिलान करने के बाद हत्या की इस पहेली को सुलझा लिया जाएगा। पुलिस ने गांव वालों को भरोसा दिलाया है कि आरोपी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, उसे सख्त से सख्त कानूनी सजा दिलाई जाएगी।

