जालौन में पिता की हत्या के आरोप से बेटा बरी:दो साल जेल में बंद था, सबूतों के अभाव में कोर्ट ने किया दोषमुक्त

जालौन में पिता की हत्या के आरोप से बेटा बरी:दो साल जेल में बंद था, सबूतों के अभाव में कोर्ट ने किया दोषमुक्त

जालौन में कोंच कोतवाली क्षेत्र के ताहरपुरा गांव में वर्ष 2019 में हुई एक व्यक्ति की हत्या के मामले में मंगलवार को अपर जिला जज प्रथम सतीश चंद्र द्विवेदी की अदालत ने फैसला सुनाया। अदालत ने पिता की हत्या के आरोप में करीब दो वर्ष तक जेल में रहे आरोपी पुत्र हनुमंत सिंह को पर्याप्त और विश्वसनीय साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। अधिवक्ता विनय चौरसिया के अनुसार, ताहरपुरा गांव निवासी मालती ने वर्ष 2019 में पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसके पति की हत्या उसके पुत्र हनुमंत सिंह ने डंडे से मारकर की है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने हनुमंत सिंह के खिलाफ हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने घटना के दिन ही आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने घटना में प्रयुक्त बताए गए डंडे की बरामदगी का भी दावा किया था। जांच पूरी करने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। इसके बाद मामले की सुनवाई शुरू हुई। आरोपी हनुमंत सिंह करीब दो वर्ष तक जेल में रहा। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से वादी मालती समेत अन्य गवाहों के बयान न्यायालय में दर्ज कराए गए। अभियोजन ने गवाहों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपना पक्ष रखा। वहीं, बचाव पक्ष के अधिवक्ता विनय चौरसिया ने आरोपी को निर्दोष बताते हुए अभियोजन के साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर सवाल उठाए। उन्होंने अदालत से आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त करने की मांग की। मंगलवार को दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद अपर जिला जज प्रथम सतीश चंद्र द्विवेदी ने मामले में उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयान और दोनों पक्षों की दलीलों का परीक्षण किया। पर्याप्त और विश्वसनीय साक्ष्य नहीं मिलने पर अदालत ने हनुमंत सिंह को पिता की हत्या के आरोप से बरी कर दिया। अदालत के फैसले के साथ ही करीब सात वर्ष से चल रहे मुकदमे का निस्तारण हो गया।

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