जालौन में आटा थाना क्षेत्र के चमारी टोल प्लाजा पर करीब पांच वर्ष पहले पकड़ी गई लगभग नौ करोड़ रुपए कीमत की हेरोइन तस्करी के मामले में मंगलवार को गैंगस्टर एक्ट कोर्ट ने फैसला सुनाया। न्यायाधीश भारतेंदु की अदालत ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। दोनों दोषियों पर 2-2 लाख रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया। वहीं, तीसरे आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर अदालत ने उसे दोषमुक्त कर दिया। टोल प्लाजा पर पकड़ी गई थी करोड़ों की हेरोइन अभियोजन पक्ष के अनुसार, करीब पांच वर्ष पहले आटा थाना क्षेत्र के चमारी टोल प्लाजा पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किया था। जांच में बरामद हेरोइन की कीमत करीब नौ करोड़ रुपए आंकी गई थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना पूरी करने के बाद न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था। दोनों पक्षों की दलीलें और साक्ष्य सुने मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपों के समर्थन में उपलब्ध साक्ष्य और दस्तावेज अदालत के सामने रखे। बचाव पक्ष की ओर से भी आरोपियों के पक्ष में दलीलें दी गईं। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलों और रिकॉर्ड पर उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद दो आरोपियों को मादक पदार्थ तस्करी का दोषी माना। तीसरा आरोपी साक्ष्य के अभाव में बरी मंगलवार को सुनाए गए फैसले में अदालत ने दोनों दोषियों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास के साथ 2-2 लाख रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। वहीं, तीसरे आरोपी के खिलाफ आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर उसे दोषमुक्त कर दिया गया। करीब पांच वर्ष से चल रहे इस मामले में अदालत का फैसला पुलिस और अभियोजन पक्ष के लिए अहम माना जा रहा है।

