जौनपुर में कलेक्ट्रेट में मंगलवार दोपहर 1 से 3 बजे तक आंगनवाड़ी कर्मचारी यूनियन के नेतृत्व में दो दर्जन से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने PLI (परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव) को वेतन का हिस्सा बनाने और मुख्यमंत्री की घोषित 12 हजार व 8 हजार रुपए मासिक वेतन की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। अयोध्या में हुई थी वेतन बढ़ोतरी की घोषणा आंगनवाड़ी कर्मचारी यूनियन की जिलाध्यक्ष सुनीता यादव ने बताया कि 8 सितंबर को अयोध्या में बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कर्मचारियों को बुलाया गया था। वहां वेतन बढ़ोतरी की घोषणा की गई थी। घोषणा के मुताबिक आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को कुल 12 हजार और सहायिकाओं को कुल 6 हजार रुपए मासिक मानदेय अक्टूबर से मिलना था। उन्होंने बताया कि इसमें कार्यकर्ताओं के 2500 और सहायिकाओं के 1250 रुपए PLI के रूप में शामिल हैं। इस हिसाब से मानदेय में वास्तविक बढ़ोतरी कार्यकर्ताओं के लिए 1500 और सहायिकाओं के लिए 750 रुपए ही हुई है। PLI को वेतन का हिस्सा बनाने की मांग सुनीता यादव ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से कार्यकर्ताओं को कुल 4 हजार और सहायिकाओं को 2 हजार रुपए प्रतिमाह PLI के मद में दिए जा रहे हैं। उनका कहना है कि PLI अतिरिक्त राशि है, जिसे कभी भी बंद किया जा सकता है। इसलिए इसे खत्म कर वेतन का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी सेवा पिछले 50 साल से बच्चों के विकास और माताओं के लिए जरूरी सेवाएं दे रही है। ऐसे में काम के प्रदर्शन के आधार पर PLI लागू करना उचित नहीं है। अप्रैल 2026 से बढ़ा हुआ मानदेय देने की मांग यूनियन ने मांग की कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 12 हजार और सहायिकाओं को 8 हजार रुपए मासिक मानदेय अप्रैल 2026 से दिया जाए। इसके लिए तत्काल बजट आवंटित कर एरियर समेत भुगतान करने की मांग की गई। कुशल मजदूरों के मानदेय का दिया हवाला सुनीता यादव ने कहा कि राज्य के कुशल मजदूरों को 16 हजार और अर्धकुशल मजदूरों को 14 हजार रुपए मिल रहे हैं। ऐसे में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में भी उचित बढ़ोतरी की जानी चाहिए। पोषाहार की गुणवत्ता और बजट बढ़ाने की मांग यूनियन ने राज्य में कुपोषण की स्थिति को गंभीर बताते हुए आंगनवाड़ी केंद्रों पर दिए जाने वाले पोषाहार का बजट बढ़ाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने बच्चों को अच्छी गुणवत्ता वाला ताजा पका भोजन उपलब्ध कराने की मांग भी की। हर महीने 7 तारीख तक भुगतान की मांग प्रदर्शनकारियों ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को हर महीने की 7 तारीख तक मानदेय का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की। यूनियन ने कहा कि भुगतान में देरी से कर्मचारियों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। ये हैं प्रमुख मांगें आंगनवाड़ी कर्मचारियों का PLI खत्म कर उसे वेतन का हिस्सा बनाया जाए। आंगनवाड़ी सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाकर 8 हजार रुपए किया जाए। कार्यकर्ताओं को 12 हजार और सहायिकाओं को 8 हजार रुपए मानदेय अप्रैल 2026 से दिया जाए और एरियर का भुगतान किया जाए। आंगनवाड़ी केंद्रों पर पोषाहार का बजट बढ़ाकर अच्छी गुणवत्ता वाला ताजा पका भोजन उपलब्ध कराया जाए। कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को हर महीने की 7 तारीख तक मानदेय का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

