फर्रुखाबाद में दीवानी न्यायालय कर्मचारी संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन मंगलवार को 12 बजे करीब विधायक नागेंद्र सिंह राठौर को सौंपा। ज्ञापन में न्यायालय कर्मचारियों की सेवा, वेतन, पद सृजन और कार्य परिस्थितियों से जुड़ी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की गई है। एफटीसी न्यायालयों के कर्मचारियों के वेतन में उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में हर साल 10 प्रतिशत बढ़ोतरी और सेवा नियमितीकरण की मांग की गई। इसके अलावा,पदोन्नति के लिए सेवा शर्तों में ढील देने वाले प्रस्तावित नियमावली संशोधन को जल्द मंजूरी देने की बात कही गई है। पेड अप्रेंटिस पदों को कनिष्ठ सहायक पदों में समायोजित करने संबंधी नियमावली संशोधन और जनपद न्यायालयों में खत्म हो चुके वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के पद को फिर से बनाने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। ज्ञापन में ग्रेड वेतन 4600 रुपये वाले क्लर्क पदों को राजपत्रित दर्जा देने, मकान किराया भत्ते को फिर से तय करने और क्लर्क वर्ग के कर्मचारियों की शैक्षणिक योग्यता स्नातक तय करते हुए ग्रेड वेतन 2800 रुपये (पे लेवल-5) देने की मांग की गई है। काम के बोझ के हिसाब से अतिरिक्त पद बनाने और पद बनने तक अतिरिक्त कार्य भत्ता देने की बात भी कही गई है।बयान लिखने के लिए बयान लेखक के नियमित पद बनाने की मांग भी इस ज्ञापन में शामिल है। दीवानी न्यायालय कर्मचारी संघ फर्रुखाबाद के कार्यवाहक अध्यक्ष ऋषि यादव ने कहा कि न्यायालय कर्मचारी न्यायिक व्यवस्था को सही ढंग से चलाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने जोर दिया कि कर्मचारियों की सेवा संबंधी समस्याओं और काम के बोझ से जुड़ी दिक्कतों का समाधान जरूरी है। सरकार से सकारात्मक कार्रवाई की उम्मीद बताया संघ अपनी मांगों को लोकतांत्रिक और अहिंसात्मक तरीके से सरकार के सामने रख रहा है। उन्हें सरकार से सकारात्मक कार्रवाई की उम्मीद है। चेतावनी दी किअगर शासन ने मांगों पर जरूरी ध्यान नहीं दिया,तो महात्मा गांधी जयंती और अंतर्राष्ट्रीयअहिंसा दिवस पर जिले में शांतिपूर्ण तिरंगा रैली निकाली जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि अगर इसके बाद भी कर्मचारियों की इन मांगों को नजरअंदाज किया गया, तो प्रांतीय संघ के आह्वान पर 25 अक्टूबर कोलखनऊ में पूरे प्रदेश के न्यायालय कर्मचारी सत्याग्रह करने पर मजबूर होंगे।

