लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित गोमती बुक फेस्ट के दौरान ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। उन्होंने अपनी जीवन यात्रा और बच्चों के लिए मोटिवेशनल विचार साझा किए। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा भारत में बहुत कुछ नया और महत्वाकांक्षी काम हो रहा है। बच्चों को इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए और आगे बढ़ना चाहिए। वह पुस्तक मेला के धरती से अंतरिक्ष तक सपनों की उड़ान में शामिल हुए। कार्यक्रम में उनकी किताब द सेकंड आर्बिट का विमोचन किया गया। इसमें उनके पिता शंभू दयाल शुक्ला, माता आशा शुक्ला व पत्नी डॉक्टर कामना शुक्ला मौजूद रहीं। कार्यक्रम में शुभांशु के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री चली। इसके साथ ही उनके मिशन का भी वीडियो चलाकर बच्चों को सीख दी गई। किताब के जरिए अपनी जर्नी साझा की पुस्तक मेले और अपनी पुस्तक पर बात करते हुए शुभांशु ने बताया कि उन्होंने किताब के माध्यम से अपनी पूरी जीवन यात्रा साझा की है। उन्होंने कहा मैं बच्चों को यह बताना चाहता हूं कि कैसे एक साधारण क्लासरूम से निकलकर मैं इस मुकाम तक पहुंचा। अगर मैं यहां तक पहुंच सकता हूं, तो आज के बच्चे भी पहुंच सकते हैं। उनकी किताब पर भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा ने एक वीडियो संदेश में कहा कि यह किताब इसके कवर से ना जज किया जाए। एक वीडियो मैसेज में बताया कि इस किताब में शुभांशु ने अपनी जर्नी व एक्सपीरियंस को साझा किया है। उन्होंने कहा कि नई तकनीक के जरिए भविष्य में और बेहतर काम हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह किताब इसके कवर से ना किया जाए। आज की Gen-Z और Alpha जनरेशन बेहद स्मार्ट युवा पीढ़ी पर बात करते हुए शुभांशु शुक्ला ने कहा कि आज की Gen-Z और Gen-Alpha पीढ़ी बहुत स्मार्ट और इंटेलिजेंट है। उन्हें सिर्फ सही दिशा दिखाने की जरूरत है, बाकी मंजिल तक वे खुद पहुंच जाएंगे। अंतरिक्ष पर बात करते हुए कहा कि आज कि वहां जाने में बहुत एनर्जी लगती है। मौके पर अपने मिशन पर भी बात रखी।

