Pratapgarh Election Result 2026: प्रतापगढ़ जिले में नगरीय निकाय चुनाव 2026 के परिणामों ने जिले की स्थानीय राजनीति की अलग-अलग तस्वीर सामने रखी है। प्रतापगढ़ नगर परिषद में कांग्रेस सबसे बड़े दल के रूप में उभरकर सामने आई है, जबकि अरनोद नगरपालिका में भाजपा ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर बोर्ड गठन की स्थिति मजबूत कर ली है। धरियावद नगरपालिका में भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला पूरी तरह बराबरी पर रहा। वहीं, छोटीसादड़ी नगरपालिका में भाजपा ने एक सीट की मामूली बढ़त के साथ बोर्ड बनाने की स्थिति मजबूत की है। हालांकि, कुल मतों के लिहाज से कांग्रेस भाजपा से आगे रही।
प्रतापगढ़ के चारों नगरीय निकायों में सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू हुई। सबसे पहले डाक मतपत्रों की प्रक्रिया पूरी की गई और इसके बाद ईवीएम की गणना शुरू हुई। जैसे-जैसे वार्डवार परिणाम सामने आते गए, कहीं भाजपा तो कहीं कांग्रेस ने बढ़त बनाई। कुछ वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी दोनों प्रमुख दलों को पीछे छोड़ते हुए जीत दर्ज की। इन परिणामों के बाद अब सबसे ज्यादा नजर उन निकायों पर है, जहां बोर्ड गठन के लिए बहुमत का आंकड़ा निर्णायक भूमिका निभाएगा।
प्रतापगढ़ नगर परिषद में कांग्रेस 20 सीटों के साथ सबसे आगे
प्रतापगढ़ नगर परिषद के 40 वार्डों की मतगणना के उपलब्ध रुझानों में कांग्रेस ने बढ़त बना ली है। अब तक सामने आए वार्डवार परिणामों के अनुसार कांग्रेस के खाते में 20 वार्ड, भाजपा के खाते में 17 वार्ड और निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में 3 वार्ड गए हैं। नगर परिषद में बहुमत के लिए 21 पार्षदों की जरूरत है। ऐसे में कांग्रेस बहुमत के बेहद करीब पहुंच गई है।
कांग्रेस को बहुमत का आंकड़ा छूने के लिए सिर्फ एक निर्दलीय पार्षद के समर्थन की जरूरत होगी। दूसरी ओर भाजपा के पास 17 सीटें हैं और उसे बहुमत के लिए चार अतिरिक्त पार्षदों का समर्थन जुटाना पड़ेगा। ऐसे में तीन निर्दलीय पार्षदों की भूमिका नगर परिषद की नई राजनीतिक तस्वीर तय करने में बेहद अहम हो गई है।

प्रतापगढ़ नगर परिषद में मतगणना के दौरान शुरुआती रुझानों से ही कांग्रेस और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। वार्डवार तस्वीर सामने आने के बाद कांग्रेस सबसे बड़े दल के रूप में उभरती दिखाई दी। कांग्रेस ने कई वार्डों में जीत दर्ज करते हुए 20 सीटों तक अपनी बढ़त बनाई।
कांग्रेस के वार्डवार परिणामों की बात करें तो वार्ड नंबर 1 में गोवर्धनलाल, वार्ड 2 में दिग्विजय सिंह राणावत, वार्ड 4 में सुशील कुमार, वार्ड 5 में पायल, वार्ड 13 में ज्योति सोनी, वार्ड 14 में आशुतोष, वार्ड 15 में आबिद हुसैन, वार्ड 18 में दीपिका, वार्ड 20 में शकील, वार्ड 22 में विवेक, वार्ड 23 में हेमप्रकाश, वार्ड 24 में पल्लवी, वार्ड 26 में राजदीप सिंह, वार्ड 27 में शशि भावसार, वार्ड 28 में रेखा जैन, वार्ड 29 में उदयलाल, वार्ड 30 में राखी, वार्ड 31 में खुर्शीद मोहम्मद, वार्ड 34 में तेज कंवर और वार्ड 37 में ज्योतिबाला के जीत दर्ज करने की स्थिति बनी है।
वहीं भाजपा ने भी 17 वार्डों में अपनी पकड़ कायम रखी। भाजपा के उम्मीदवार वार्ड नंबर 3 में विकास चनाल, 6 में धर्मा, 7 में कला मीणा, 8 में नितेश कुमावत, 11 में कुसुम, 12 में सौरभ दोषी, 16 में सीमा डोसी, 17 में राकेश, 19 में दीपेश आमेटा, 21 में सोमेश टांक, 25 में अर्जुन, 32 में विजय, 33 में अमृता चंडालिया, 35 में मनीषा, 36 में अविश, 38 में रमेशचंद्र राठौर और 40 में प्रीति सोमानी के जीतने की स्थिति में हैं।
तीन निर्दलीय बने किंगमेकर
प्रतापगढ़ नगर परिषद के तीन वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने भाजपा और कांग्रेस दोनों को पीछे छोड़ते हुए जीत दर्ज की है। वार्ड नंबर 9 में मुकेश कुमार, वार्ड नंबर 10 में प्रह्लाद गुर्जर और वार्ड नंबर 39 में आनंद गुर्जर ने जीत दर्ज की है।
40 सदस्यीय नगर परिषद में बहुमत का आंकड़ा 21 है। मौजूदा उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक कांग्रेस 20 सीटों के साथ बहुमत से सिर्फ एक कदम दूर है। यदि कांग्रेस को किसी एक निर्दलीय पार्षद का समर्थन मिल जाता है तो वह बहुमत का आंकड़ा हासिल कर सकती है। भाजपा 17 सीटों के साथ कांग्रेस से तीन सीट पीछे है और उसे बहुमत के लिए चार अतिरिक्त पार्षदों के समर्थन की जरूरत होगी।

यानी प्रतापगढ़ नगर परिषद में बोर्ड गठन की राजनीति में तीन निर्दलीय पार्षदों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। उनका समर्थन किस दल की ओर जाता है, यह आने वाले समय में सभापति चुनाव की तस्वीर भी तय कर सकता है। हालांकि उपलब्ध आंकड़े मतगणना के रुझानों पर आधारित हैं और अंतिम आधिकारिक परिणाम के बाद ही नगर परिषद की पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।
प्रतापगढ़ नगर परिषद में 40 वार्डों की मतगणना 7 टेबल पर 6 राउंड में कराई जा रही है। टेबलवार राउंड पूरे होने के साथ वार्डों के परिणाम सामने आते गए। मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। प्रत्याशियों और उनके प्रतिनिधियों की आवाजाही के लिए प्रशासन की ओर से निर्धारित व्यवस्था लागू की गई।
जैसे-जैसे परिणाम सामने आते गए, प्रत्याशियों और समर्थकों की धड़कनें बढ़ती गईं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि 20 सीटों के साथ सबसे आगे चल रही कांग्रेस बहुमत का आंकड़ा पूरा कर पाती है या तीन निर्दलीय पार्षदों की भूमिका से बोर्ड गठन की राजनीति नया मोड़ लेती है।
अरनोद में भाजपा का दबदबा, 20 में से 14 वार्ड जीते
प्रतापगढ़ जिले की अरनोद नगरपालिका के चुनाव परिणामों में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया है। कुल 20 वार्डों में भाजपा ने 14 वार्डों में जीत दर्ज की है। कांग्रेस को 4 वार्डों में जीत मिली, जबकि 2 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने बाजी मारी। इन परिणामों के बाद अरनोद नगरपालिका में भाजपा का बोर्ड बनने की तस्वीर मजबूत नजर आ रही है। भाजपा 14 सीटों के साथ बहुमत के आंकड़े से काफी आगे है। कांग्रेस के पास 4 और निर्दलीयों के पास 2 सीटें हैं। ऐसे में अध्यक्ष पद की दौड़ में भाजपा का पलड़ा स्पष्ट रूप से भारी नजर आ रहा है।
अरनोद के चुनाव परिणामों में कई बड़े और चर्चित चेहरों को भी हार का सामना करना पड़ा। वार्ड 7 में भाजपा के ईश्वर चौधरी ने कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष एवं निवर्तमान उपप्रधान कैलाश भाटी को 93 वोट से शिकस्त दी। कैलाश भाटी चार बार वार्ड पंच रह चुके हैं। उनकी हार को कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
वार्ड 2 में मुकाबला बेहद करीबी रहा। यहां निर्दलीय सतीश खराड़ी ने कांग्रेस के नारायण लाल को महज 3 वोट से हराकर जीत दर्ज की। इस वार्ड में भाजपा के बालू कटारा तीसरे स्थान पर रहे। बालू कटारा को नगरपालिका अध्यक्ष पद के दावेदारों में माना जा रहा था। भाजपा से जुड़े कई चर्चित चेहरों को भी चुनाव में झटका लगा। वार्ड 1 में भाजपा समर्थित पूर्व सरपंच शांति बाई तीसरे स्थान पर रहीं। उनके पति बालू मीणा को भी हार का सामना करना पड़ा, जिन्हें अध्यक्ष पद के दावेदारों में माना जा रहा था।
वहीं वार्ड 8 में भाजपा से अलग होकर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरे निवर्तमान सरपंच पति भरत राणा को भाजपा के राहुल मीणा ने 89 वोट से हरा दिया। वार्डवार परिणामों में वार्ड 1 से कांग्रेस की पिंकी मीणा ने जीत दर्ज की। वार्ड 2 में निर्दलीय सतीश खराड़ी विजयी रहे। वार्ड 3 में भाजपा की सपना जैन, वार्ड 4 में निधि चौधरी और वार्ड 5 में कांग्रेस के भेरूलाल मीणा ने जीत हासिल की। वार्ड 6 में भाजपा के अमित जैन, वार्ड 7 में ईश्वर चौधरी और वार्ड 8 में राहुल मीणा विजयी रहे। वार्ड 9 में भाजपा की प्रतिभा जैन, वार्ड 10 में बाबूलाल तेली, वार्ड 11 में मंजु तेली और वार्ड 12 में दीपक प्रजापति ने जीत दर्ज की।
वार्ड 13 में कांग्रेस की नानी बाई विजयी रहीं। वार्ड 14 में भाजपा के आयुष सोनी ने जीत हासिल की। वार्ड 15 में निर्दलीय देवु बाई ने कांग्रेस की कविता मेघवाल को हराकर जीत दर्ज की। वार्ड 16 में भाजपा के शांतिलाल रैदास, वार्ड 17 में आशुतोष कुमावत, वार्ड 18 में राधा कुंवर और वार्ड 19 में तूफान सिंह विजयी रहे। वार्ड 20 में कांग्रेस के दोलतराम गाड़ी लोहार ने जीत दर्ज की। जीत के अंतर की बात करें तो वार्ड 18 में भाजपा की राधा कुंवर ने कांग्रेस की नमिता व्यास को 110 वोट से हराया।

दिए गए प्रमुख मुकाबलों में यह सबसे बड़ा अंतर रहा। वार्ड 4 में भाजपा की निधि चौधरी ने 109 वोट से जीत दर्ज की, जबकि वार्ड 7 में ईश्वर चौधरी की 93 वोट की जीत भी प्रमुख रही। सबसे करीबी मुकाबला वार्ड 2 में रहा, जहां निर्दलीय सतीश खराड़ी ने सिर्फ 3 वोट से जीत हासिल की। इस तरह अरनोद में भाजपा का प्रदर्शन मजबूत रहा और 14 सीटों के साथ पार्टी ने बोर्ड गठन की स्थिति लगभग स्पष्ट कर दी।
धरियावद में भाजपा-कांग्रेस बराबर, 10-10 वार्डों में जीत
प्रतापगढ़ जिले की धरियावद नगरपालिका में मुकाबला पूरी तरह बराबरी पर रहा। कुल 20 वार्डों के चुनाव परिणामों में भाजपा और कांग्रेस दोनों ने 10-10 वार्डों पर जीत दर्ज की। धरियावद में भारत आदिवासी पार्टी यानी बीएपी, बहुजन समाज पार्टी यानी बसपा और निर्दलीय उम्मीदवारों का खाता नहीं खुल सका। इस तरह यहां दोनों प्रमुख दलों ने बराबर सीटें हासिल कीं। वार्डवार परिणामों में वार्ड 1 में कांग्रेस की सविता चौधरी ने 220 मत हासिल कर जीत दर्ज की। वार्ड 2 में कांग्रेस के अनिल कुमार वक्तावत 278 मतों के साथ विजयी रहे। वार्ड 3 में भाजपा के अनवर हुसैन को 185 मत मिले और उन्होंने जीत हासिल की।
वार्ड 4 में कांग्रेस के हरिराम चौधरी 226 मत लेकर विजयी रहे। वार्ड 5 में कांग्रेस की बसन्ती देवी ने 171 मत हासिल किए। वार्ड 6 में सोनल जैन ने 138 मतों के साथ जीत दर्ज की। वार्ड 7 में कांग्रेस के प्रकाश चन्द्र 193 मत लेकर विजयी रहे। वार्ड 8 में भाजपा के जयप्रकाश ने 133 मतों से जीत दर्ज की। वार्ड 9 में भाजपा के रजत को 163 मत मिले और वे विजयी रहे। वार्ड 10 में भाजपा की हेमलता ने 184 मत हासिल कर जीत दर्ज की। वार्ड 11 में भाजपा की रेखा 147 मतों के साथ विजयी रहीं। वार्ड 12 में भाजपा के भुवन प्रताप सिंह ने 192 मत हासिल किए। वार्ड 13 में कांग्रेस के दिलीप कुमार पटवा 132 मत लेकर विजयी रहे। वार्ड 14 में भाजपा के बाबू लाल विजयवर्गीय ने 252 मत हासिल कर जीत दर्ज की।
वार्ड 15 में भाजपा की हिना मेघवाल 259 मतों के साथ विजयी रहीं। वार्ड 16 में भाजपा के मौलिक शाह ने 266 मत हासिल किए। वार्ड 17 में कांग्रेस के भूपेन्द्र 263 मतों के साथ विजयी रहे। वार्ड 18 में भाजपा के अमित दोषी ने पूरे चुनाव में सर्वाधिक 378 मत हासिल कर जीत दर्ज की। वार्ड 19 में कांग्रेस के पुष्कर डामोर 208 मतों के साथ विजयी रहे, जबकि वार्ड 20 में कांग्रेस की मंजू कुंवर ने 83 मत लेकर जीत हासिल की। धरियावद के परिणामों में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीटों का अंतर शून्य रहा। दोनों दलों को 10-10 वार्ड मिले। बीएपी, बसपा और निर्दलीय प्रत्याशी किसी भी वार्ड में जीत दर्ज नहीं कर सके।
मतों के लिहाज से वार्ड 18 के भाजपा प्रत्याशी अमित दोषी 378 मतों के साथ सबसे आगे रहे। वहीं वार्ड 9 से निर्दलीय उम्मीदवार संजय को केवल 1 मत मिला, जो सभी प्रत्याशियों में सबसे कम रहा। वार्ड 19 से निर्दलीय जगदीश कुमार मीणा को 2 मत मिले। इस तरह धरियावद नगरपालिका का चुनाव परिणाम पूरी तरह संतुलित रहा। यहां भाजपा और कांग्रेस दोनों के पास 10-10 सीटें हैं, इसलिए बोर्ड गठन की आगे की राजनीतिक तस्वीर महत्वपूर्ण होगी।
छोटीसादड़ी में भाजपा 13 सीटों के साथ आगे, कांग्रेस 12 पर
प्रतापगढ़ जिले की छोटीसादड़ी नगरपालिका के 25 वार्डों के परिणाम में भाजपा ने मामूली बढ़त हासिल की है। भाजपा ने 13 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस को 12 वार्डों में जीत मिली। सीटों के आंकड़ों में भाजपा एक सीट आगे रही, लेकिन कुल पड़े मतों में कांग्रेस ने भाजपा से अधिक वोट हासिल किए। नगरपालिका क्षेत्र में कुल 12,224 मत पड़े। इनमें कांग्रेस को 6,110 और भाजपा को 5,859 वोट मिले। यानी कुल मतों में कांग्रेस भाजपा से 251 वोट आगे रही। वहीं आरएलपी को 106 वोट मिले, जबकि 149 मतदाताओं ने नोटा का विकल्प चुना। कांग्रेस की ओर से सबसे बड़ी जीत वार्ड नंबर 2 में अजय कुमार ने दर्ज की। उन्होंने भाजपा के राज कुमार को 345 वोटों के बड़े अंतर से हराया। अजय कुमार को 560, जबकि राज कुमार को 215 वोट मिले।
कांग्रेस की एक और बड़ी जीत वार्ड नंबर 9 में रही, जहां फातेमा बोहरा ने शारदा देवी लोहार को 295 वोटों से मात दी। वार्ड नंबर 10 में मधु देवी ने 257 वोट, वार्ड 7 में रश्मी ने 191 और वार्ड 16 में मंगला देवी ने 196 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। कांग्रेस के लिए सबसे करीबी मुकाबला वार्ड नंबर 21 में रहा। यहां सुमित कुमार ने भाजपा के पंकज को महज 4 वोटों से हराया। सुमित कुमार को 181 और पंकज को 177 मत मिले। इसके अलावा वार्ड 1 में सीमा ने 70, वार्ड 6 में द्रोपती ने 54, वार्ड 12 में भरत ने 88, वार्ड 13 में भरत ने 88, वार्ड 19 में इन्द्रा ने 61 और वार्ड 20 में हरीश कुमार ने 42 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।
भाजपा की सबसे बड़ी जीत वार्ड नंबर 25 में पुरुषोत्तम के नाम रही। उन्होंने कांग्रेस के मुकेश को 328 वोटों से हराया। पुरुषोत्तम को 455 और मुकेश को 127 मत मिले। वार्ड नंबर 3 में गोविन्द राव ने 189, वार्ड 5 में वर्षा ने 213, वार्ड 14 में भेरू लाल ने 151 और वार्ड 23 में पुष्पेन्द्र कुमावत ने 97 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। भाजपा के लिए सबसे करीबी मुकाबला वार्ड नंबर 17 में रहा, जहां प्रदीप कुमार ने कांग्रेस के अंकित को महज 6 वोटों से हराया। प्रदीप कुमार को 227 और अंकित को 221 वोट मिले। वार्ड 11 में विनोद कुमार ने 32, वार्ड 8 में अमर सिंह ने 45, वार्ड 18 में प्रदीप ने 47, वार्ड 22 में प्रकाश चन्द ने 55 और वार्ड 24 में रामचन्द्र ने 92 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।
छोटीसादड़ी के परिणामों में सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश सीटों और कुल वोटों के आंकड़े के बीच का अंतर रहा। कांग्रेस को कुल मतों में बढ़त मिली, लेकिन सीटों के गणित में भाजपा आगे निकल गई। कांग्रेस की कई सीटों पर बड़े अंतर से जीत ने उसके कुल वोटों को बढ़ाया, जबकि भाजपा ने कई वार्डों में कम और मध्यम अंतर से जीत दर्ज करते हुए 13 सीटें अपने नाम कीं। तीसरे मोर्चे और नोटा का प्रभाव सीमित रहा। आरएलपी को कुल 106 वोट मिले, जबकि 149 मतदाताओं ने नोटा का विकल्प चुना। वार्ड 10 और वार्ड 25 में नोटा को सबसे अधिक 17-17 वोट मिले।
चारों निकायों के नतीजों से बनी अलग-अलग राजनीतिक तस्वीर
प्रतापगढ़ जिले के चारों नगरीय निकायों के परिणामों को एक साथ देखें तो भाजपा और कांग्रेस दोनों को अलग-अलग निकायों में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। प्रतापगढ़ नगर परिषद में कांग्रेस 20 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी है, लेकिन बहुमत से एक सीट दूर है। यहां तीन निर्दलीय पार्षदों की भूमिका निर्णायक हो सकती है। अरनोद में भाजपा ने 20 में से 14 सीटें जीतकर स्पष्ट बढ़त हासिल की है। कांग्रेस को 4 और निर्दलीयों को 2 सीटें मिली हैं। ऐसे में अरनोद में भाजपा का बोर्ड बनना मजबूत स्थिति में दिखाई देता है।
धरियावद में दोनों प्रमुख दलों ने 10-10 सीटें जीतकर मुकाबले को बराबरी पर रोक दिया है। यहां किसी भी तीसरे दल या निर्दलीय को सीट नहीं मिली। वहीं छोटीसादड़ी में भाजपा 13 सीटों के साथ कांग्रेस से एक कदम आगे है। हालांकि कुल वोटों में कांग्रेस 251 मतों से भाजपा से आगे रही। इन परिणामों ने यह भी दिखाया कि केवल कुल वोटों की संख्या और जीती गई सीटों का गणित हमेशा एक जैसा नहीं होता। छोटीसादड़ी इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जहां कांग्रेस को भाजपा से अधिक कुल वोट मिले, लेकिन भाजपा ने एक सीट ज्यादा जीत ली।
प्रतापगढ़ नगर परिषद में अब सबसे ज्यादा नजर निर्दलीय पार्षदों पर है। कांग्रेस बहुमत से सिर्फ एक सीट दूर है, जबकि भाजपा को चार सीटों के समर्थन की जरूरत है। ऐसे में तीनों निर्दलीय पार्षदों का रुख बोर्ड गठन की राजनीति में महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि, यह पूरी तस्वीर उपलब्ध मतगणना के परिणामों और रुझानों पर आधारित है। अंतिम आधिकारिक परिणाम और उसके बाद होने वाली राजनीतिक गतिविधियों से ही यह पूरी तरह स्पष्ट होगा कि किस निकाय में कौन सा दल बोर्ड बनाने में सफल रहता है और सभापति या अध्यक्ष पद की तस्वीर किस दिशा में जाती है।
प्रतापगढ़ जिले के नगरीय निकाय चुनाव परिणामों ने फिलहाल चार अलग-अलग तस्वीरें सामने रखी हैं। प्रतापगढ़ में कांग्रेस बहुमत के करीब, अरनोद में भाजपा का स्पष्ट दबदबा, धरियावद में दोनों दल बराबर और छोटीसादड़ी में एक सीट की भाजपा बढ़त। अब इन निकायों में बोर्ड गठन और अध्यक्ष पद के लिए होने वाली राजनीतिक गतिविधियों पर सभी की नजर रहेगी।

