Tapeworm Infection Cause: पेट में दर्द होना, दस्त लगना या बिना किसी वजह के वजन घटने लगना हम में से ज्यादातर लोग इन दिक्कतों को आम पेट की गड़बड़ी, गैस या गलत खानपान का नतीजा मानकर टाल देते हैं। लेकिन अगर ये समस्याएं बार-बार हो रही हैं या लंबे समय से बनी हुई हैं, तो इसे हल्के में लेना भारी पड़ सकता है। यह पेट में कीड़े यानी टैपवॉर्म इन्फेक्शन (Tapeworm Infection) की वजह से भी हो सकता है। क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के मुताबिक, टैपवॉर्म इंसानों की आंतों में पनपने वाला एक ऐसा परजीवी (parasite) है, जो चुपके से शरीर को नुकसान पहुंचाता है। आइए समझते हैं कि टैपवॉर्म इन्फेक्शन क्या है, यह शरीर में कैसे पहुंचता है, इसके क्या लक्षण हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है।
टैपवॉर्म इन्फेक्शन आखिर क्या होता है?
मेयो क्लिनिक के अनुसार, टैपवॉर्म एक तरह का फीताकृमि या चपटा कीड़ा (flatworm) होता है, जो इंसानों या जानवरों की आंतों में रहता है। यह दिखने में किसी पतले रिबन या फीते जैसा होता है। जब कोई व्यक्ति टैपवॉर्म के अंडे या उसके छोटे लावे से दूषित खाना या पानी खा-पी लेता है, तो ये कीड़े पेट के अंदर पहुंच जाते हैं। आंत में पहुंचकर ये कीड़े आंत की दीवार से चिपक जाते हैं और आप जो भी खाना खाते हैं, उससे पोषण खुद सोखने लगते हैं। इसी वजह से व्यक्ति खाना तो पूरा खाता है, लेकिन फिर भी उसका वजन घटने लगता है और शरीर कमजोर होने लगता है।
इंसानों में टैपवॉर्म इन्फेक्शन के मुख्य लक्षण
- लगातार पेट दर्द या ऐंठन रहना।
- दस्त या उल्टी आना।
- भूख में बदलाव।
- बिना वजह वजन कम होना।
- हर वक्त थकान रहना।
- पॉटी (मल) करते समय या अंडरगारमेंट्स में सफेद रंग के चावल के दाने जैसे टुकड़े दिखाई दे सकते हैं।
- सिर में तेज दर्द होना।
- चक्कर आना या दौरे (seizures) पड़ना।
- आंखों की रोशनी में धुंधलापन आना।
- त्वचा के नीचे छोटी-छोटी गांठें महसूस होना।
यह इन्फेक्शन कैसे फैलता है?
- अधपका या कच्चा मांस खाना।
- दूषित पानी या भोजन।
- सफाई की कमी।
इससे बचाव के उपाय
- हाथों की सफाई और टॉयलेट का इस्तेमाल करने के बाद साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड तक हाथ जरूर धोएं।
- मांस को अच्छी तरह पकाएं।
- फल और सब्जियां धोकर खाएं।
- साफ पानी पीएं।
डॉक्टर से परामर्श कब लें?
अगर आपको पेट में दर्द, दस्त, कमजोरी और वजन घटने की समस्या कई दिनों से परेशान कर रही है, या मल में कीड़े के टुकड़े दिखे हैं, तो बिना झिझक के तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर स्टूल टेस्ट (मल की जांच) करके इसका आसानी से पता लगा लेते हैं। इसके लिए पेट के कीड़ों की साधारण एंटी-पारासिटिक दवाइयां आती हैं, जिनसे कुछ ही दिनों में टैपवॉर्म पूरी तरह खत्म हो जाता है।

