6 साल की बच्ची की नदीं में डूबने से मौत:बांका में बचपन से रह रही थी नानी के घर , जयपुर अस्पताल में नहीं मिली इमरजेंसी सेवा

6 साल की बच्ची की नदीं में डूबने से मौत:बांका में बचपन से रह रही थी नानी के घर , जयपुर अस्पताल में नहीं मिली इमरजेंसी सेवा

बांका में रविवार की शाम दोगच्छा घाट पर नदी में डूबने से 6 साल की बच्ची की मौत हो गई। घटना जयपुर थाना क्षेत्र के कोल्हासार पंचायत अंतर्गत लक्ष्मीपुर डैम के पैस की है। मृतका की पहचान बौंसी थाना क्षेत्र के ललमटिया (डिगरी पहाड़ी) निवासी मुंशी किस्कू की बेटी पूनम किस्कू(6) के रूप में हुई है। पूनम बचपन से ही दोगच्छा स्थित अपनी नानी बाहमुनी हांसदा के घर रह रही थी और नानी ही उसका लालन-पालन कर रही थी। रविवार को पूनम अपने चचेरे नाना के साथ चांदन नदी की ओर मवेशी चराने गई थी। इस दौरान सभी लोग नदी में स्नान करने लगे। स्नान के दौरान उसके दोनों चचेरे नाना तैरते हुए नदी के दूसरी ओर चले गए, जबकि पूनम इसी किनारे पर स्नान करती रही। नदी किनारे कपड़े देखकर तलाश करने लगे नाना इसी दौरान वह गहरे पानी में चली गई और डूब गई। कुछ देर बाद दोनों चचेरे नाना वापस नदी के इस छोर पर लौटे तो पूनम को वहां नहीं पाया। नदी किनारे उसके कपड़े रखे हुए थे। इसके बाद दोनों ने पानी में उसकी तलाश शुरू की, लेकिन सफलता नहीं मिली। घटना की सूचना गांव में देने के बाद मृतका के मामा गणेश हांसदा, मौसा अभय कुमार समेत अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे और नदी में खोजबीन शुरू की। काफी प्रयास के बाद पूनम गहरे पानी में डूबी मिली। ग्रामीणों ने उसे बाहर निकाला और तत्काल अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जयपुर लेकर पहुंचे। बच्ची को लेकर 30 किमी दूर इलाज के लिए पहुंचे परिजन परिजनों का आरोप है कि जयपुर एपीएचसी में उस समय न तो चिकित्सक उपलब्ध थे और न ही एएनएम या अन्य स्वास्थ्यकर्मी। आसपास के लोगों से पूछताछ के बाद एक महिला,जिसे एएनएम बताया गया,केंद्र पर पहुंची। एएनएम ने बच्ची का नाम-पता दर्ज करने के बाद उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटोरिया रेफर कर दिया। एएनएम ने परिजनों को बताया कि रविवार को केंद्र बंद रहता है और पदस्थापित चिकित्सक देवघर में हैं। इसके बाद परिजन पूनम को लेकर करीब 30 किलोमीटर दूर सीएचसी कटोरिया पहुंचे। वहां चिकित्सक डॉ. विनोद कुमार एवं डॉ. शैलजानंद शुक्ला ने सीपीआर समेत अन्य प्रयास किए, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। चिकित्सकों ने पूनम को मृत घोषित कर दिया। इसकी सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। अस्पताल प्रबंधन से सूचना मिलने पर कटोरिया पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। मृतका के पिता मुंशी किस्कू द्वारा पोस्टमार्टम नहीं कराने के लिखित आग्रह के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। इमर्जेंसी सुविधा उपलब्ध नहीं होने पर जताया आक्रोश

मृतका के मामा गणेश हांसदा ने जयपुर एपीएचसी में इमर्जेंसी सुविधा उपलब्ध नहीं होने पर आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि आकस्मिक स्थिति में जयपुर से करीब 30 किलोमीटर दूर कटोरिया ले जाना गंभीर मरीज के लिए जोखिम भरा है। इधर, सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि इमर्जेंसी सेवा सिर्फ कटोरिया मुख्यालय में उपलब्ध है। परिजनों ने बताया कि पूनम के माता-पिता शनिवार को उससे मिलने नानी के घर आए थे। रविवार को पूनम से मिलकर दोनों अपने घर लौट गए थे। उनके घर पहुंचने से पहले ही बच्ची के नदी में डूबने की घटना हो गई। बांका में रविवार की शाम दोगच्छा घाट पर नदी में डूबने से 6 साल की बच्ची की मौत हो गई। घटना जयपुर थाना क्षेत्र के कोल्हासार पंचायत अंतर्गत लक्ष्मीपुर डैम के पैस की है। मृतका की पहचान बौंसी थाना क्षेत्र के ललमटिया (डिगरी पहाड़ी) निवासी मुंशी किस्कू की बेटी पूनम किस्कू(6) के रूप में हुई है। पूनम बचपन से ही दोगच्छा स्थित अपनी नानी बाहमुनी हांसदा के घर रह रही थी और नानी ही उसका लालन-पालन कर रही थी। रविवार को पूनम अपने चचेरे नाना के साथ चांदन नदी की ओर मवेशी चराने गई थी। इस दौरान सभी लोग नदी में स्नान करने लगे। स्नान के दौरान उसके दोनों चचेरे नाना तैरते हुए नदी के दूसरी ओर चले गए, जबकि पूनम इसी किनारे पर स्नान करती रही। नदी किनारे कपड़े देखकर तलाश करने लगे नाना इसी दौरान वह गहरे पानी में चली गई और डूब गई। कुछ देर बाद दोनों चचेरे नाना वापस नदी के इस छोर पर लौटे तो पूनम को वहां नहीं पाया। नदी किनारे उसके कपड़े रखे हुए थे। इसके बाद दोनों ने पानी में उसकी तलाश शुरू की, लेकिन सफलता नहीं मिली। घटना की सूचना गांव में देने के बाद मृतका के मामा गणेश हांसदा, मौसा अभय कुमार समेत अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे और नदी में खोजबीन शुरू की। काफी प्रयास के बाद पूनम गहरे पानी में डूबी मिली। ग्रामीणों ने उसे बाहर निकाला और तत्काल अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जयपुर लेकर पहुंचे। बच्ची को लेकर 30 किमी दूर इलाज के लिए पहुंचे परिजन परिजनों का आरोप है कि जयपुर एपीएचसी में उस समय न तो चिकित्सक उपलब्ध थे और न ही एएनएम या अन्य स्वास्थ्यकर्मी। आसपास के लोगों से पूछताछ के बाद एक महिला,जिसे एएनएम बताया गया,केंद्र पर पहुंची। एएनएम ने बच्ची का नाम-पता दर्ज करने के बाद उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटोरिया रेफर कर दिया। एएनएम ने परिजनों को बताया कि रविवार को केंद्र बंद रहता है और पदस्थापित चिकित्सक देवघर में हैं। इसके बाद परिजन पूनम को लेकर करीब 30 किलोमीटर दूर सीएचसी कटोरिया पहुंचे। वहां चिकित्सक डॉ. विनोद कुमार एवं डॉ. शैलजानंद शुक्ला ने सीपीआर समेत अन्य प्रयास किए, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। चिकित्सकों ने पूनम को मृत घोषित कर दिया। इसकी सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। अस्पताल प्रबंधन से सूचना मिलने पर कटोरिया पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। मृतका के पिता मुंशी किस्कू द्वारा पोस्टमार्टम नहीं कराने के लिखित आग्रह के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। इमर्जेंसी सुविधा उपलब्ध नहीं होने पर जताया आक्रोश

मृतका के मामा गणेश हांसदा ने जयपुर एपीएचसी में इमर्जेंसी सुविधा उपलब्ध नहीं होने पर आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि आकस्मिक स्थिति में जयपुर से करीब 30 किलोमीटर दूर कटोरिया ले जाना गंभीर मरीज के लिए जोखिम भरा है। इधर, सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि इमर्जेंसी सेवा सिर्फ कटोरिया मुख्यालय में उपलब्ध है। परिजनों ने बताया कि पूनम के माता-पिता शनिवार को उससे मिलने नानी के घर आए थे। रविवार को पूनम से मिलकर दोनों अपने घर लौट गए थे। उनके घर पहुंचने से पहले ही बच्ची के नदी में डूबने की घटना हो गई।  

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