राजधानी में सूने मकानों को निशाना बनाने वाले नकबजन बेखौफ हैं। कोलार से मिसरोद तक एक ही रात में चोरों ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी। हाल की वारदातों में चोरों ने पुलिस को सीधी चुनौती देते हुए कोलार में ट्रैफिक एसीपी विजय कुमार दुबे के घर से करीब 10 लाख रुपए नकद, सोने के जेवर, और चांदी के सिक्के-बर्तन चोरी कर लिए। वहीं, मिसरोद की हाई-प्रोफाइल गोल्डन सिटी में तार फेंसिंग काटकर तीन बंगलों को निशाना बनाया। शहर में 1 जनवरी से 10 सितंबर तक 375 से ज्यादा नकबजनी के मामले सामने आ चुके हैं। यानी करीब साढ़े आठ महीने में औसतन हर महीने 45 घर चोरों के निशाने पर रहे। पिछले साल 452 नकबजनी हुई थीं। इस साल सितंबर के पहले सप्ताह तक ही 375 से ज्यादा मामले हो चुके हैं। यानी, पिछले साल से 10 फीसदी से अधिक वृद्धि हुई है। सीसीटीवी और अन्य सुराग के बावजूद कई मामलों में आरोपी पकड़ से बाहर हैं। रैकी कर बदमाश कर रहे वारदात बदमाश रैकी कर वारदात को अंजाम देकर आसानी से निकल जाते हैं। पुलिस को कार सवार लोगों पर शक भी नहीं होता। नकबजनी के मामलों में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि रिटायर्ड जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के सूने मकान में हुई लाखों रुपए की चोरी में पुलिस वारदात में शामिल गिरोह की पहचान होने का दावा कर चुकी है। कई सप्ताह बाद भी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। अब एसीपी के घर हुई चोरी ने पुलिस की चुनौती और बढ़ा दी है। हाई प्रोफाइल चोरियाें में भी पुलिस के हाथ खाली एसीपी के घर चोरी एसीपी विजय कुमार दुबे 10 सितंबर सुबह 9 बजे ड्यूटी पर गए। पत्नी वसुधा दुबे 11:30 बजे घर में ताला लगाकर उज्जैन चली गईं। रात 12:30 बजे लौटने पर गेट का ताला टूटा मिला। सीसीटीवी डीवीआर गायब था। बेडरूम से सोने के जेवर, बच्चों के कमरे से चांदी के सिक्के-बर्तन और करीब 10 लाख रुपए चोरी मिले। फुटेज में रात 10:30 बजे घर के सामने सफेद कार, कुछ लोगों आते-जाते दिखे। गोल्डन सिटी में बदमाश
मिसरोद की गोल्डन सिटी सोसायटी की बाउंड्री वॉल की तार फेंसिंग 11 सितंबर सुबह कटी मिली। सीसीटीवी में रात 2 से 2:15 बजे तीन लोग तार काटकर कॉलोनी में घुसते दिखे। मकान नंबर 25 के पीछे से दरवाजे की जाली खोलने की कोशिश की। केयरटेकर राकेश के शोर मचाने पर भाग गए। मकान नंबर 45 के पीछे भी तार काटने के निशान मिले। सामान चोरी नहीं हुआ। सुरक्षा गार्ड तैनात हैं।

