जयश्री गायत्री फूड्स प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड के मिल्क प्रोडक्ट की करीब 15 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी और गबन के मामले में भोपाल कोर्ट ने फैसला सुनाया है। भोपाल न्यायालय के न्यायाधीश इरशाद अहमद की कोर्ट ने पुलिस की जांच और कोर्ट की सुनवाई की प्रक्रिया में कमियां पाई हैं। जिसके बाद पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को अस्वीकार करते हुए मामला वापस मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट भोपाल को भेज दिया है। मामला हबीबगंज थाने का है, जहां 29 अगस्त 2023 को कंपनी के फाइनेंस अधिकारी प्रदीप कुमार राठौर की शिकायत पर सुनील त्रिपाठी, बलजीत शर्मा, अभिषेक त्रिपाठी, हितेश पंजाबी और वाहिद सिद्दीकी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ था। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कंपनी के जिम्मेदार पद पर रहते हुए फर्जी फर्में बनाकर, कूटरचित इनवॉइस और फर्जी लैब रिपोर्ट बनाकर मिल्क प्रोडक्ट बटर, पनीर की चोरी कर अवैध बिक्री की। सीजेएम कोर्ट की तीन मुख्य कमियां पुलिस की मुख्य कमियां

