कोंडागांव जिले में विश्व प्राथमिक उपचार दिवस पर बच्चों ने प्राथमिक उपचार का तरीका सीखा, वहीं बड़ेराजपुर के स्कूल में विद्यार्थियों को नियमित योग कराया जा रहा है। इसी बीच धनोरा गांव के युवा देवकरण नाग ने CFA न्यू रेफरी परीक्षा पास कर लेवल-8 स्टेट रेफरी का दर्जा हासिल किया है। बच्चों ने लकड़ी के स्ट्रक्चर से समझाया प्राथमिक उपचार 12 सितंबर को विश्व प्राथमिक उपचार दिवस के मौके पर शासकीय प्राथमिक शाला डोंगरीपारा की कब-बुलबुल टीम और उप स्वास्थ्य केंद्र जामकोटपारा की ओर से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बच्चों को बताया गया कि दुर्घटना या इमरजेंसी में अस्पताल पहुंचने से पहले घायल को कैसे प्राथमिक सहायता दें। यह कार्यक्रम भारत स्काउट एवं गाइड जिला संघ कोंडागांव के जिला संरक्षक और कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना के निर्देश पर हुआ। जिला आयुक्त और जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान ने भी इसके लिए निर्देश दिए थे। जिला संगठन आयुक्त गाइड संजना हरमिट और जिला सचिव चमन लाल सोरी ने बच्चों का मार्गदर्शन किया। एडवांस कब मास्टर पवन कुमार साहू और आरएचओ शारदा साहू के नेतृत्व में बच्चों ने इसमें भाग लिया। बच्चों ने सीखा हादसे में घायल को कैसे दें प्राथमिक मदद कार्यक्रम में कब-बुलबुल टीम के बच्चों ने लकड़ी का एक स्ट्रक्चर बनाया। उन्होंने दिखाया कि दुर्घटना में घायल व्यक्ति को कैसे सुरक्षित तरीके से उठाएं और प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल पहुंचाएं। इसके बाद बच्चों को पास के उप स्वास्थ्य केंद्र जामकोटपारा ले जाया गया। वहां आरएचओ शारदा साहू ने प्राथमिक उपचार की जरूरी बातें बताईं। शारदा साहू ने बताया कि दुर्घटना के बाद का शुरुआती समय ‘गोल्डन आवर’ कहलाता है। इस समय सही प्राथमिक सहायता मिलने से घायल की हालत बिगड़ने से रुक सकती है और उसकी जान बच सकती है। उन्होंने कहा कि अगर अस्पताल पहुंचने से पहले किसी को प्राथमिक उपचार की जानकारी हो, तो इमरजेंसी में तुरंत मदद मिल सकती है। शारदा साहू ने बताया प्राथमिक उपचार का महत्व शारदा साहू ने बच्चों और वहां मौजूद लोगों को समझाया कि प्राथमिक उपचार का मकसद इमरजेंसी में मरीज को तुरंत सहायता देना है। इससे उसकी हालत गंभीर होने से बच जाती है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक उपचार की थोड़ी सी जानकारी भी मुश्किल समय में बड़ा फर्क ला सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि हम सभी को प्राथमिक उपचार की बुनियादी जानकारी रखनी चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर किसी की मदद की जा सके। हर शनिवार विद्यार्थियों को कराया जा रहा योग स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय बड़ेराजपुर में विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ने के लिए हर शनिवार सामूहिक योगाभ्यास कराया जाता है। प्राचार्य सीएल मरकाम की देखरेख में विद्यार्थी शिक्षकों के मार्गदर्शन में अलग-अलग योगासन और व्यायाम करते हैं। विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि बच्चों के बेहतर विकास के लिए पढ़ाई के साथ उनका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य भी जरूरी है। नियमित योग से एकाग्रता, अनुशासन और सकारात्मक सोच बढ़ाने में मदद मिलती है। इसी उद्देश्य से योग को विद्यार्थियों की दिनचर्या का हिस्सा बनाने का प्रयास किया जा रहा है। धनोरा के देवकरण नाग बने लेवल-8 स्टेट रेफरी इधर, कोंडागांव के धनोरा गांव के युवा देवकरण नाग ने फुटबॉल के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने CFA न्यू रेफरी परीक्षा पास कर लेवल-8 स्टेट रेफरी का दर्जा हासिल किया है। देवकरण ने गांव के मैदान से फुटबॉल खेलना शुरू किया था। खेल के दौरान उनकी रुचि फुटबॉल के नियमों और रेफरिंग में बढ़ी। इसके बाद उन्होंने रेफरी बनने की तैयारी शुरू की और लगातार ट्रेनिंग व अभ्यास के बाद परीक्षा पास की। देवकरण ने युवाओं से कहा कि खेल में सिर्फ खिलाड़ी बनने के ही अवसर नहीं हैं। रेफरी, कोच और तकनीकी अधिकारी के रूप में भी करियर बनाया जा सकता है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय परिवार, प्रशिक्षकों और खेल से जुड़े साथियों को दिया। उन्होंने कहा कि मेहनत और सीखने की इच्छा के दम पर ग्रामीण क्षेत्र का युवा भी राज्य स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है।

