पीलीभीत में वाहन चोरी की घटनाओं पर कार्रवाई करते हुए सुनगढ़ी कोतवाली पुलिस और सर्विलांस (एसओजी) टीम ने एक वाहन चोर गिरोह का खुलासा किया है। संयुक्त टीम ने चेकिंग के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 17 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। पुलिस के मुताबिक गिरोह का नेटवर्क पीलीभीत के अलावा रामपुर, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर और मुरादाबाद तक फैला था। रविवार दोपहर करीब 3 बजे पुलिस लाइन में एएसपी नताशा गोयल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का खुलासा किया। मॉल, अस्पताल और बाजारों के बाहर बनाते थे निशाना एएसपी के मुताबिक, वाहन चोरी की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद एसपी के निर्देश पर पुलिस टीम गठित की गई थी। टीम ने चेकिंग के दौरान घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे भीड़भाड़ वाले इलाकों में खड़ी मोटरसाइकिलों पर नजर रखते थे। खासकर मॉल, अस्पताल और बाजारों के बाहर खड़ी बाइकों को निशाना बनाया जाता था। मौका मिलते ही बाइक चोरी करने के बाद उन्हें कम कीमत में बेच दिया जाता था। एएसपी नताशा गोयल ने बताया कि बरामद 17 मोटरसाइकिलों में ज्यादातर स्प्लेंडर हैं। पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई कि आरोपियों के मुताबिक इस मॉडल का लॉक दूसरी बाइकों की तुलना में आसानी से तोड़ा जा सकता है। बाजार में इसकी मांग अधिक होने के कारण चोरी की बाइक बेचने में भी उन्हें आसानी होती थी। दो आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के तोता बैरिया गांव निवासी सुखविंदर सिंह और रामपुर के बिलासपुर निवासी सिकंदर सिंह के रूप में की है। पुलिस के अनुसार दोनों के खिलाफ पीलीभीत समेत अन्य जिलों में पहले से तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। सुनगढ़ी कोतवाली में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के बाद दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इंजन-चेचिस नंबर से मालिकों की तलाश पुलिस अब बरामद 17 मोटरसाइकिलों के इंजन और चेचिस नंबर के आधार पर उनके वास्तविक मालिकों की जानकारी जुटा रही है। इससे यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कौन-कौन सी बाइक कहां से चोरी हुई थी। एएसपी नताशा गोयल ने वाहन चोरी के मामले के खुलासे के लिए सुनगढ़ी पुलिस और सर्विलांस टीम की कार्रवाई की सराहना की।

