टीकमगढ़ में रविवार को प्राथमिक माध्यमिक शिक्षक संघ ने टेट परीक्षा के विरोध में प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने कुंडेश्वर स्थित शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान से रैली निकाली और नारेबाजी की। इसके बाद शिव धाम कुंडेश्वर मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान पुरानी पेंशन बहाली की मांग भी उठाई गई। शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष सतीश खरे ने बताया कि उन्होंने वैध नियमों और पूरी पात्रता के साथ नियुक्ति पाई थी। 20-25 साल की सेवा के बाद बीच में नियम बदलकर उन पर टेट थोपना अन्याय है। उन्होंने टेट से स्थायी मुक्ति और ‘गो बैक टेट’ की मांग की। शिक्षकों ने मध्यप्रदेश के शिक्षकों को केंद्र के समान ‘केंद्रीय वेतनमान’ तुरंत देने की मांग की। साथ ही, ‘समान कार्य के लिए समान वेतन’ के संवैधानिक अधिकार को सुनिश्चित करने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि वास्तविक नियुक्ति तिथि से वरिष्ठता और सेवा की गणना होनी चाहिए। शिक्षकों का कहना है कि शासन बदलने से किसी बच्चे की जन्मतिथि नहीं बदलती, वैसे ही उनकी मूल नियुक्ति तिथि भी नहीं बदलनी चाहिए। कार्यवाही और सेवानिवृत्ति में मूल तिथि देखी जाती है, लेकिन वरिष्ठता में दशकों की सेवा को शून्य मानकर 2018 से नई सेवा मानना गलत है। उन्होंने अपनी पुरानी सेवा को सम्मान देने और पहली नियुक्ति की तारीख से पूरी वरिष्ठता बहाल करने की मांग की। शिक्षकों ने पुरानी पेंशन योजना को बिना शर्त फिर से लागू करने की मांग की। उनका कहना है कि यह जीवन भर सेवा करने वाले शिक्षकों के बुढ़ापे का एकमात्र सहारा और सुरक्षा है। शिक्षक संघ ने भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना की कि नीति-निर्माताओं को सद्बुद्धि और संवेदनशीलता मिले। ताकि वे इस न्याय को स्वीकार करें और शिक्षकों के साथ न्याय हो।

