कमीशन टीम फिर ग्वालियर की सड़कों पर सैंपल लेने उतरी:AG ऑफिस पुल से विक्की फैक्ट्री तक सड़क की सैंपलिंग; सोमवार को हाईकोर्ट में पेश होगी जांच रिपोर्ट

कमीशन टीम फिर ग्वालियर की सड़कों पर सैंपल लेने उतरी:AG ऑफिस पुल से विक्की फैक्ट्री तक सड़क की सैंपलिंग; सोमवार को हाईकोर्ट में पेश होगी जांच रिपोर्ट

स्लग : ग्वालियर में 8 जगह CC रोड के सैंपल लिए हेडलाइन : ग्वालियर में सड़कों के निर्माण में अनियमितताओं की जांच तेज हो गई है। रविवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ द्वारा गठित तीन सदस्यीय स्पेशल कमीशन की टीम तकनीकी विशेषज्ञों और पुलिस बल के साथ जमीनी निरीक्षण पर पहुंची। टीम ने एजी ऑफिस पुल से विक्की फैक्ट्री तक हाल ही में बनी सीमेंट कंक्रीट (CC) रोड के करीब 8 स्थानों से सैंपल लिए। सैंपल कोर ड्रिल मशीन और जेसीबी की मदद से लिए गए। इनसे सड़क की मोटाई, कंक्रीट की गुणवत्ता और बेस मटेरियल की जांच होगी। सैंपल सील कर सीधे सेंट्रल टेस्टिंग लैब भेजे जाएंगे। सोमवार को कोर्ट में पेश होगी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट मामले में सोमवार को हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है। कमीशन सैंपलों की प्रारंभिक और भौतिक जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में कोर्ट के सामने पेश करेगा। रिपोर्ट के आधार पर घटिया निर्माण और गुणवत्ता में लापरवाही के लिए जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों, नगर निगम/पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों और ठेकेदारों की जिम्मेदारी पर फैसला हो सकता है। हाईकोर्ट ने पहले ही 116 चिन्हित सड़कों से सैंपल लिए जाने के दौरान पैचवर्क या किसी तरह की लीपापोती पर रोक लगाई है। लैब रिपोर्ट आने तक संबंधित ठेकेदारों के भुगतान पर भी रोक रहेगी। ​तीन सदस्यीय कमीशन कर रहा सड़क निर्माण की जांच हाईकोर्ट द्वारा गठित एडवोकेट कमीशन में चेयरमैन गौरव समाधिया, सदस्य पवन सिसोदिया और हिमांशु शर्मा शामिल हैं। जांच के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अवधेश सिंह तोमर और कोर्ट द्वारा नामित कोर्ट कमिश्नर अधिवक्ता भी मौजूद रहे। सैंपलिंग के दौरान विवाद की स्थिति न बने और ठेकेदार या विभागीय अधिकारी जांच में हस्तक्षेप न कर सकें, इसके लिए पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञों की मौजूदगी रही। ​19 अगस्त से अलग-अलग रूट पर जांच जारी सड़कों में भ्रष्टाचार और घटिया पैचवर्क को लेकर दायर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने प्रमुख मार्गों से सैंपल लेने के निर्देश दिए हैं। कमीशन की टीम ने 19 अगस्त को गुढ़ी-गुढ़ा का नाका और बेटी बचाओ चौराहा की सड़कों से जेसीबी और कोर ड्रिल मशीन की मदद से सैंपल लिए थे। 30 अगस्त को विक्की फैक्ट्री से झांसी रोड, चेतकपुरी से सिंधिया महल गेट और चेतकपुरी से एजी ऑफिस पुल तक तीन रूट की डिजिटल स्कैनिंग की गई थी। इसके लिए एनएसवी (नेटवर्क सर्वे व्हीकल) और हाईटेक कैमरों का इस्तेमाल किया गया था। 3 सितंबर को NHAI-44 के मारा टोल की रोड से सैंपल लिए गए। 6 सितंबर को महल गेट से वसंत विहार और फूलबाग तक सड़क के जोड़ों के सैंपल लिए गए थे। ये सैंपल भी जांच के लिए भेजे गए हैं।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *