जयपुर। गणेश चतुर्थी के अवसर पर 14 सितंबर को मोती डूंगरी गणेश मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने रूट और पार्किंग का विशेष प्लान जारी किया है। जाम और ट्रैफिक अव्यवस्था से बचने के लिए मंदिर के आसपास ‘नो-व्हीकल जोन’ रहेगा। वहीं, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए क्यूआर कोड भी जारी किया गया है, जिसे स्कैन कर मोबाइल पर ही पार्किंग की लाइव स्थिति (खाली/फुल) देखी जा सकेगी। इससे श्रद्धालु घर से निकलने से पहले ही पार्किंग की स्थिति जान सकेंगे और उसी के अनुसार अपना रूट तय कर पाएंगे।
रूट डायवर्जन : यहां से रास्ता बदलकर निकलें
- जेएलएन मार्ग: मालवीय नगर से आने वाले वाहनों को गांधी सर्किल से गांधीनगर मोड़ व रॉयल्टी तिराहे की तरफ भेजा जाएगा।
- टोंक रोड का इस्तेमाल करें: मानसरोवर, सांगानेर व जगतपुरा से चारदीवारी जाने वाले लोग जेएलएन मार्ग के बजाय टोंक रोड से जाएं।
- लक्ष्मी मंदिर तिराहा: गोपालपुरा की ओर से आने वाली गाड़ियों को सहकार मार्ग की तरफ डायवर्ट किया जाएगा।
- रामबाग चौराहा: यहां से जेडीए चौराहा जाने वाला ट्रैफिक टोंक रोड पर मोड़ा जाएगा।
- दिल्ली रोड से सिंधी कैंप आने-जाने वाली बसें: चंदवाजी से एक्सप्रेस-वे, रोड नंबर 14 पुलिया, सीकर रोड और पानीपेच-चौमूं तिराहा होकर संचालित होंगी। आगरा रोड की रोडवेज बसें रोटरी सर्किल से, जबकि निजी और स्लीपर बसें टीपी नगर स्थित प्राइवेट बस स्टैंड से संचालित होंगी।
नो-व्हीकल जोन
- त्रिमूर्ति सर्किल से जेडीए चौराहा तक।
- आरबीआई तिराहा से मोती डूंगरी मंदिर (तख्तेशाही रोड)।
- धर्मसिंह सर्किल से गणेश मंदिर तक।
यहां पार्क करें गाड़ी
- रामनिवास बाग (अंडरग्राउंड): 1500 चारपहिया व 1000 दोपहिया वाहन।
- राजस्थान यूनिवर्सिटी: सेंट्रल लाइब्रेरी, समाज विज्ञान विभाग, स्विमिंग पूल व पटेल रोड।
- अन्य स्थल: सुबोध कॉलेज/स्कूल पार्किंग, महाराजा कॉलेज ग्राउंड और सेंट्रल पार्क (गेट 3, 4 व लिलीपूल)।

नो-पार्किंग, फ्री ई-रिक्शा, बस सेवा
- आरोग्य पथ से गांधी सर्किल और रामबाग से जेडीए चौराहा तक ‘नो-पार्किंग जोन’ रहेगा, उल्लंघन पर चालान होगा।
- श्रद्धालुओं को पार्किंग स्थल से मंदिर तक लाने-ले जाने के लिए मंदिर प्रशासन की ओर से निःशुल्क ई-रिक्शा और जेसीटीएसएल की विशेष लो-फ्लोर बसें चलेंगी।
सहायता के लिए हेल्पलाइन…
यातायात समस्या या जानकारी के लिए हेल्पलाइन 1095 या वॉट्सऐप 8764866972 पर संपर्क करें। एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाओं का रास्ता खुला रहेगा।

