सिटी रिपोर्टर|बेतिया जिले के 90 आंगनबाड़ी केंद्रों को जल्द ही अपना नया और सर्वसुविधायुक्त भवन मिलने जा रहा है। इसमें 35 केंद्रों के निर्माण को लेकर कवायद शुरू कर दी गई है। इसमें 19 भवनों का निर्माण कार्य शुरू हो गया है, जबकि 16 केंद्रों के निर्माण को लेकर उपलब्ध कराई गई भूमि का सीमांकन कार्य अंतिम चरण में है। इन भवनों के निर्माण नाबार्ड कराएगा। वहीं, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी निर्माण कार्य की मॉनिटरिंग करेंगे जिससे महिला एवं बाल विकास विभाग की बुनियादी व्यवस्था को नई संजीवनी मिलेगी। आइसीडीएस की डीपीओ कविता रानी ने बताया कि प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र के निर्माण पर 12 लाख रुपए की राशि खर्च की जाएगी। यानी कुल 90 केंद्रों के निर्माण पर लगभग 10.80 करोड़ रुपए का भारी-भरकम बजट खर्च किया जाएगा। प्रखंड का नाम केंद्र की संख्या सिकटा 02 रामनगर 03 गौनाहा 03 नौतन 02 मैनाटांड 02 मधुबनी-पिपरासी 03 ठकराहां 02 इस राशि से न केवल पक्की और सुरक्षित इमारत खड़ी की जाएगी, बल्कि बच्चों के अनुकूल वातावरण तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इमारत में बच्चों के लिए स्वच्छ पेयजल, आधुनिक शौचालय, बाउंड्री वॉल, रसोईघर और खेलने-पढ़ने के लिए पर्याप्त खुली जगह का प्रबंध होगा। दीवारों को आकर्षक बाला पेंटिंग तकनीक से सजाया जाएगा। जिले के 4 हजार 131 में से 2 हजार 183 आंगनबाड़ी केंद्र किराए के कमरों में चलते हैं। इन आंगनबाड़ी केंद्रों अपर्याप्त सुविधाओं, सीलन भरे कमरों और बिना शौचालय वाली जगहों पर चल रहे हैं। बारिश के मौसम में इन केंद्रों पर बच्चों को भेजना माता-पिता के लिए चिंता का विषय रहता था। नाबार्ड के इस वित्तीय सहयोग से निर्मित होने वाले मॉडल भवन न केवल नौनिहालों को सुरक्षित माहौल देंगे, बल्कि गर्भवती व धात्री माताओं को समय पर पोषण आहार और स्वास्थ्य परामर्श देने में भी आसानी होगी। बता दें कि 1 हजार 514 आंगनबाड़ी केंद्रों को अपना भवन है। 422 केंद्र सरकारी भवन संचालित होते हैं। डीडीसी काजले वैभव नितिन ने निर्देश दिया है कि भवनविहीन केंद्रों का संचालन फिलहाल पंचायत भवनों में भी कराया जाय। जिले के नौतन प्रखंड में नाबार्ड की ओर से दो आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कराया जाना है। सिटी रिपोर्टर|बेतिया जिले के 90 आंगनबाड़ी केंद्रों को जल्द ही अपना नया और सर्वसुविधायुक्त भवन मिलने जा रहा है। इसमें 35 केंद्रों के निर्माण को लेकर कवायद शुरू कर दी गई है। इसमें 19 भवनों का निर्माण कार्य शुरू हो गया है, जबकि 16 केंद्रों के निर्माण को लेकर उपलब्ध कराई गई भूमि का सीमांकन कार्य अंतिम चरण में है। इन भवनों के निर्माण नाबार्ड कराएगा। वहीं, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी निर्माण कार्य की मॉनिटरिंग करेंगे जिससे महिला एवं बाल विकास विभाग की बुनियादी व्यवस्था को नई संजीवनी मिलेगी। आइसीडीएस की डीपीओ कविता रानी ने बताया कि प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र के निर्माण पर 12 लाख रुपए की राशि खर्च की जाएगी। यानी कुल 90 केंद्रों के निर्माण पर लगभग 10.80 करोड़ रुपए का भारी-भरकम बजट खर्च किया जाएगा। प्रखंड का नाम केंद्र की संख्या सिकटा 02 रामनगर 03 गौनाहा 03 नौतन 02 मैनाटांड 02 मधुबनी-पिपरासी 03 ठकराहां 02 इस राशि से न केवल पक्की और सुरक्षित इमारत खड़ी की जाएगी, बल्कि बच्चों के अनुकूल वातावरण तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इमारत में बच्चों के लिए स्वच्छ पेयजल, आधुनिक शौचालय, बाउंड्री वॉल, रसोईघर और खेलने-पढ़ने के लिए पर्याप्त खुली जगह का प्रबंध होगा। दीवारों को आकर्षक बाला पेंटिंग तकनीक से सजाया जाएगा। जिले के 4 हजार 131 में से 2 हजार 183 आंगनबाड़ी केंद्र किराए के कमरों में चलते हैं। इन आंगनबाड़ी केंद्रों अपर्याप्त सुविधाओं, सीलन भरे कमरों और बिना शौचालय वाली जगहों पर चल रहे हैं। बारिश के मौसम में इन केंद्रों पर बच्चों को भेजना माता-पिता के लिए चिंता का विषय रहता था। नाबार्ड के इस वित्तीय सहयोग से निर्मित होने वाले मॉडल भवन न केवल नौनिहालों को सुरक्षित माहौल देंगे, बल्कि गर्भवती व धात्री माताओं को समय पर पोषण आहार और स्वास्थ्य परामर्श देने में भी आसानी होगी। बता दें कि 1 हजार 514 आंगनबाड़ी केंद्रों को अपना भवन है। 422 केंद्र सरकारी भवन संचालित होते हैं। डीडीसी काजले वैभव नितिन ने निर्देश दिया है कि भवनविहीन केंद्रों का संचालन फिलहाल पंचायत भवनों में भी कराया जाय। जिले के नौतन प्रखंड में नाबार्ड की ओर से दो आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कराया जाना है।

