मऊ न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत की शुरुआत हुई। इसका उद्घाटन जनपद न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय कुमार यादव ने किया। इस लोक अदालत में कुल 61,950 मामले निपटाए गए। साथ ही, 16,86,800 रुपये के उत्तराधिकार प्रमाण पत्र भी दिए गए। लोक अदालत के दौरान, जनपद न्यायाधीश संजय कुमार यादव ने एक आर्बिट्रेशन मामला भी निपटाया। मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति ट्रिब्यूनल के अधिकारी चंद्रगुप्त ने 62 मामलों का निपटारा करते हुए पीड़ितों को 3 करोड़ 46 लाख 60 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति दिलवाई। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय निरंजन चंद्र पांडे ने 80 मामले निपटाए। इस दौरान आपसी सुलह और पारिवारिक सहमति के आधार पर 22 दंपतियों को फिर से साथ रहने के लिए भेजा गया। अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय कोर्ट-2 प्रदीप कुमार राम ने भी 43 मामले निपटाए। 206 बिजली के मामलों का निपटारा किया स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष हीरालाल और सदस्य विकास भाई निकुंभ ने 10 मामले निपटाते हुए 10 लाख 82 हजार 917 रुपये की समझौता राशि दिलवाई। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नासेहा वसीम ने 4,899 मामले निपटाए और 12 लाख 44 हजार 90 रुपये का जुर्माना जमा कराया। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रवीन कुमार यादव ने 2,575 मामले निपटाए। एफटीसी कोर्ट संख्या-1 के अपर जनपद न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव ने 206 बिजली के मामलों का निपटारा किया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट छांगुर राम ने पांच, विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट अनिल कुमार वर्मा ने एक और अपर जनपद न्यायाधीश कोर्ट संख्या-1 बाकर शमीम रिजवी ने दो मामले निपटाए। राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न बैंकों, बीएसएनएल, टोरेन्टो गैस और सोनाटा फाइनेंस से जुड़े 693 मामले भी निपटाए गए। इनसे 3 करोड़ 9 लाख 25 हजार 536 रुपये की बकाया राशि मिली। राजस्व विभाग ने मुकदमा शुरू होने से पहले के 46,382 मामले निपटाए। पंचायत विभाग ने भी 4,950 मामले निपटाए। श्रम विभाग और मनरेगा से जुड़े 556, नगर पालिका के 110, बिजली विभाग के 259 और बाट-माप विभाग के 20 मामलों का भी निपटारा हुआ। वन विभाग और स्वास्थ्य विभाग ने मिलकर 107 मामले निपटाए। लोक अदालत के माध्यम से बड़ी संख्या में लंबित और प्री-लिटिगेशन मामलों का समाधान होने से लोगों को मुकदमों की लंबी प्रक्रिया से राहत मिली और आपसी सहमति के आधार पर विवादों के निस्तारण को बढ़ावा मिला।

