हरदोई जिला कचहरी परिसर में शनिवार, 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई गई। यह लोक अदालत दोपहर 12 बजे शुरू होकर शाम 5 बजे तक चली। जिला जज रीता कौशिक और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रिचा वर्मा ने दीप जलाकर इसका शुभारंभ किया। इस लोक अदालत का मकसद लंबे समय से अटके मामलों को सुलह-समझौते से जल्दी निपटाकर लोगों को राहत देना था। राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी और अपर जिला जज भूपेन्द्र प्रताप ने लोगों से अपील की कि वे ज्यादा से ज्यादा मामलों का निपटारा समझौते से कराकर लोक अदालत को सफल बनाएं।
सिविल जज सीनियर डिवीजन और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की प्रभारी सचिव स्मिता गोस्वामी ने बताया कि कोर्ट में लगे मामलों को निपटाने का मौका लोगों को दिया गया। जिले के सभी बैंकों को भी लोक अदालत में बुलाया गया था। बैंकों ने नोटिस जारी किए, ताकि कर्ज वसूली से जुड़े मामलों को समझौते से निपटाया जा सके। कचहरी परिसर में अलग-अलग विभागों के काउंटर और कैंप लगाए गए थे। परिवहन और आरटीओ विभाग ने वाहन चालान, ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन और दूसरे छोटे-मोटे मामलों को निपटाने का इंतजाम किया। वाहन मालिकों को मौके पर ही चालान निपटाने की सुविधा मिली। ई-चालान से जुड़े मामलों को भी सुलझाया गया।
बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बिजली बिलों में सुधार, बकाया भुगतान और राजस्व से जुड़े विवादों को सुलझाने के लिए काउंटर संभाले। बैंकों की टीमें कर्ज वसूली, पैसों के लेन-देन और एनपीए से जुड़े मामलों में समझौते के लिए मौजूद थीं। अधिकारियों और न्यायिक कर्मचारियों ने लोगों की समस्याएं सुनीं और मामलों को निपटाने में मदद की।
लोक अदालत में आपराधिक मामले, धारा 138 एनआई एक्ट, बैंक कर्ज वसूली, मोटर दुर्घटना, वैवाहिक विवाद, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण, सिविल और राजस्व से जुड़े कई तरह के मामले शामिल थे। आम जनता खुद या अपने वकील के जरिए इन मामलों को निपटा सकती थी। अलग-अलग विभागों की टीमें काउंटरों पर मौजूद थीं। इससे लोगों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से राहत मिली और समझौते से विवाद खत्म करने का मौका मिला।

