“दोनों कभी-कभी मिला करते थे। पड़ोसी थे, इसलिए जान-पहचान और बातचीत होना नॉर्मल बात थी। हमें कभी लगा ही नहीं कि दोनों के बीच प्यार है या उनका अफेयर चल रहा है।” यह कहना है सफीना खातून के पति सलाउल्लाह खान का। दरअसल, मोतिहारी में शुक्रवार की सुबह करीब 20 फीट ऊंचे आम के पेड़ से एक हिंदू युवक और मुस्लिम महिला के शव लटके मिले। दोनों की पहचान हरसिद्धि थाना क्षेत्र के पकड़िया गांव निवासी जोगेंद्र बैठा के बेटे भोला बैठा (30) और उसी इलाके की सफीना खातून (30) के रूप में हुई है। भोला का शव सफीना के दुपट्टे से लटका था, जबकि सफीना का शव भोला के गमछे से लटका मिला। बताया जा रहा है, सफीना की शादी के करीब 10 साल बाद उसकी भोला से नजदीकियां बढ़ीं और दोनों के बीच प्रेम-संबंध बन गया। घटना हरसिद्धि थाना क्षेत्र के सोनबरसा गिरि टोला सरेह स्थित आम के बगीचे की है। पहले घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए… धर्म अलग फिर भी दोनों को एक दूसरे से कैसे हुआ प्यार? 2 साल का प्यार मौत तक कैसे पहुंचा? क्या दोनों ने खुदकुशी की या फिर उनकी हत्या कर शवों को पेड़ से लटकाया गया? पुलिस किन बिंदुओं पर कर रही जांच? सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए पूरी खबर… घटनास्थल से 2KM दूर मृतकों का घर घटना की जानकारी मिलने के बाद दैनिक भास्कर की टीम जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर मृतकों के गांव पहुंची। टीम उसी रास्ते से होकर गुजरी, जहां शुक्रवार सुबह भोला और सफीना के शव आम के पेड़ से लटके मिले थे। घटनास्थल पर पहुंचने के बाद वहां का मंजर कई सवाल खड़े कर रहा था। आम के पेड़ की एक टहनी से करीब 10 फीट की ऊंचाई पर भोला का शव लटका था, जबकि दूसरी टहनी से करीब 8 फीट की ऊंचाई पर सफीना का शव मिला था। दोनों के शव के ठीक नीचे जमीन पर उनकी चप्पलें एक ही जगह पर साथ रखी हुई थी। घटनास्थल से आगे बढ़ने पर रास्ता आसान नहीं था। भास्कर की टीम ने नाव का सहारा लिया और करीब 2 किलोमीटर का सफर तय कर पहले भोला के घर पहुंची। घर के अंदर पत्नी और बेटी का रो-रोकर बुरा हाल था। वहीं, भोला के पिता जोगेंद्र आंगन में चौकी पर बैठे बेटे को याद कर रहे थे। पत्नी के सामने हाथ में हाथ डालकर घुमता था भोला भास्कर की टीम ने भोला की पत्नी लीलावती देवी से बात करने की कोशिश की। पति की मौत के सदमे में वह ज्यादा कुछ बोल नहीं पा रही थी। कुछ देर बाद उसने सिर्फ इतना बताया कि घर से आखिरी बार निकलते समय भोला ने मुझसे कहा था- “अब मैं जा रहा हूं, कभी वापस लौटकर नहीं आऊंगा।” लीलावती देवी ने बताया, भोला पहले भी कई बार इस तरह की बातें किया करते थे, इसलिए उस दिन भी मैंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। भोला आमतौर पर अपना मोबाइल फोन कभी घर पर छोड़कर नहीं जाते थे, लेकिन घटना वाले दिन उन्होंने अपना फोन बेटी के हाथ में दे दिया था। उस वक्त मुझे यह बात थोड़ी अजीब लगी, लेकिन मैंने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। जब भास्कर ने भोला और सफीना के बीच चल रहे रिश्ते को लेकर सवाल किया तो पत्नी ने कहा, मुझे इस बारे में जानकारी थी। भोला कई बार मेरे सामने ही सफीना का हाथ पकड़कर उसके साथ निकल जाते थे। मैं सब कुछ जानने के बावजूद चुप रही। इसकी सबसे बड़ी वजह मेरी बेटी थी। मैं अपना घर और शादी टूटने नहीं देना चाहती थी। मुझे उम्मीद थी कि किसी तरह परिवार को संभाल लिया जाएगा और बात आगे नहीं बढ़ेगी, लेकिन मुझे इस बात का अंदाजा नहीं था कि यह सुसाइड तक चला जाएगा। बहू के फोन से मिली बेटे के गायब होने की जानकारी इसके बाद भास्कर की टीम ने भोला के पिता जोगेंद्र बैठा से बात की। उन्होंने बताया, मैं खेती करता हूं। मेरा बेटा भोला किराना दुकान चलाने के साथ पिकअप गाड़ी भी चलाता था। घटना वाले दिन भी सुबह सब कुछ रोज की तरह ही था। सुबह करीब 8 बजे खाना खाने के बाद मैं खेती के काम से निकल गया था। भोला भी मेरे साथ ही किराना दुकान पर काम के लिए चला गया था। जोगेंद्र ने बताया, दोपहर करीब 1 बजे भोला खाना खाने के लिए घर आया था। बहू ने उसे खाना खिलाया और थोड़ी देर आराम करने के लिए छोड़ दिया। उसका हर दिन का यही रूटीन था। दोपहर करीब 3 बजे वह उठा और अपनी बेटी के हाथ में मोबाइल देकर घर से निकल गया।” रात करीब 8 बजे तक जब भोला घर नहीं लौटा तो बहू ने फोन कर इसकी जानकारी दी। बहू ने कहा, “पापा, वो अभी तक घर नहीं लौटे हैं। पता नहीं कहां चले गए हैं। फोन भी घर पर ही छोड़कर गए हैं।” बहू की बात सुनते ही मैं घबरा गया। मैंने तुरंत भोला की तलाश शुरू कर दी। पहले आसपास और गांव में उसे खोजा गया। काफी देर तक पता नहीं चला तो गांव के दूसरे लोग भी तलाश में जुट गए। इसी दौरान पता चला कि सफीना भी अपने घर से गायब है। दोनों के एक साथ गायब होने की जानकारी मिलने के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। ग्रामीणों ने परिवार से कहा कि रात में तलाश जारी रखिए और सुबह होते ही थाने में गुमशुदगी की FIR दर्ज कराइए। हमलोग रातभर बेटे को खोजते रहे। सुबह होने पर थाना जाने की तैयारी कर ही रहे थे कि अचानक खबर मिली कि भोला और सफीना दोनों के शव पेड़ से लटके हुए मिले हैं। सफीना बच्चों से प्यार करती थी, हमें उसके अफेयर की जानकारी नहीं भोला के परिवार से बात करने के बाद हम वहां से निकले तो सामने सफीना का ससुराल था। 4 कदम आगे बढ़ते ही सफीना का घर आ गया, वहां द्वार पर पति सलाउलाह बैठा था। दैनिक भास्कर की बातचीत में सलाउल्लाह ने बताया, शादी को करीब 13 साल हो गए थे। सफीना घर पर अच्छे से रहती थी। घर के सभी काम संभालती थी। बच्चों की देखभाल से लेकर उन्हें नहलाकर स्कूल भेजने तक की जिम्मेदारी वही निभाती थी। घटना वाले दिन मैं सुबह करीब 8 बजे दुकान चला गया था। दोपहर करीब 1 बजे खाना खाने के लिए घर आया और खाना खाने के बाद दोबारा दुकान चला गया। इस दौरान मेरी पत्नी घर पर ही थी। दोपहर करीब 3 बजे के बाद मेरी बच्ची स्कूल से घर आई। वह रो रही थी। हमारे सामने रहने वाले पड़ोसी ने आकर मुझसे कहा, आपकी बच्ची रो रही है, उसकी मां कहां है? मैंने कहा कि शायद वह घास काटने के लिए गई होगी। मोबाइल भी उसके पास ही होगा।” इसके बाद मैंने पत्नी को कई बार फोन किया, लेकिन फोन नहीं उठा। शाम करीब 7 बजे जब मैं घर पहुंचा तो पत्नी को चारों तरफ तलाशना शुरू किया। आसपास और रास्तों में खोजबीन की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। इसके बाद मुझे लगा कि शायद वह अपने मायके या किसी रिश्तेदार के घर गई होगी और वहां से फोन कर देगी। रात में जब मैं बिस्तर पर सोने गया तो देखा कि उसका मोबाइल मेरे सिरहाने रखा हुआ है। मोबाइल देखकर मैं चौंक गया। वह मोबाइल हमेशा अपने पास रखती थी, लेकिन उस दिन उसे घर पर छोड़कर चली गई थी। तभी मेरे मन में शंका हुई। 2014 में की थी दूसरी शादी सलाउल्लाह ने आगे बताया, मुझे डर था कि कहीं पत्नी के साथ कोई दुर्घटना न हो गई हो। मैंने पड़ोसी से कहा, चलिए थाना में सनहा दे देते हैं। अगर कोई दुर्घटना हो गई होगी तो बाद में हम भी फंस जाएंगे और पुलिस को जवाब देना पड़ेगा। जब हमलोग सुबह थाना निकलने वाले थे तभी मेरे मोबाइल पर एक मैसेज आया। मैसेज में सूचना थी कि दो लड़का-लड़की एक पेड़ से लटके हुए हैं। मैसेज देखने के बाद मैंने मोबाइल पर फोटो देखी। इसके बाद मैं तुरंत वहां के लिए निकल गया। वहां पहुंचकर देखा कि लोग पहले से ही जमा थे। जैसे ही आगे बढ़ा पेड़ से लटकी मेरी ही पत्नी थी। बता दें कि भोला-लीलावती की साल 2016 में शादी हुई थी। दोनों को एक बेटी है। वहीं, सफीना की साल 2014 में सलाउलाह के साथ शादी हुई थी। इन्हें 4 बच्चे हैं, जिसमें 3 बेटियां और बेटा है। बता दें कि सलाउलाह की सफीना से दूसरी शादी थी, उसकी पहली पत्नी की मौत हो चुकी है। पुलिस को आत्महत्या का शक, हत्या के एंगल को भी नहीं किया खारिज DSP कुमारी प्रियंका ने बताया कि हरसिद्धि पुलिस को सोनबरसा गिरि टोला सरेह के पास आम के बगीचे में युवक-युवती के शव पेड़ से लटके होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचने के बाद दोनों की पहचान भोला बैठा और सफीना खातून के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में दोनों के बीच प्रेम-प्रसंग की बात सामने आई है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। हालांकि, गांव में दोनों की हत्या कर शव पेड़ से लटकाए जाने की चर्चा भी है, इसलिए पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए FSL और डॉग स्क्वाड की टीम को बुलाया गया है। पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और FSL जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। “दोनों कभी-कभी मिला करते थे। पड़ोसी थे, इसलिए जान-पहचान और बातचीत होना नॉर्मल बात थी। हमें कभी लगा ही नहीं कि दोनों के बीच प्यार है या उनका अफेयर चल रहा है।” यह कहना है सफीना खातून के पति सलाउल्लाह खान का। दरअसल, मोतिहारी में शुक्रवार की सुबह करीब 20 फीट ऊंचे आम के पेड़ से एक हिंदू युवक और मुस्लिम महिला के शव लटके मिले। दोनों की पहचान हरसिद्धि थाना क्षेत्र के पकड़िया गांव निवासी जोगेंद्र बैठा के बेटे भोला बैठा (30) और उसी इलाके की सफीना खातून (30) के रूप में हुई है। भोला का शव सफीना के दुपट्टे से लटका था, जबकि सफीना का शव भोला के गमछे से लटका मिला। बताया जा रहा है, सफीना की शादी के करीब 10 साल बाद उसकी भोला से नजदीकियां बढ़ीं और दोनों के बीच प्रेम-संबंध बन गया। घटना हरसिद्धि थाना क्षेत्र के सोनबरसा गिरि टोला सरेह स्थित आम के बगीचे की है। पहले घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए… धर्म अलग फिर भी दोनों को एक दूसरे से कैसे हुआ प्यार? 2 साल का प्यार मौत तक कैसे पहुंचा? क्या दोनों ने खुदकुशी की या फिर उनकी हत्या कर शवों को पेड़ से लटकाया गया? पुलिस किन बिंदुओं पर कर रही जांच? सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए पूरी खबर… घटनास्थल से 2KM दूर मृतकों का घर घटना की जानकारी मिलने के बाद दैनिक भास्कर की टीम जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर मृतकों के गांव पहुंची। टीम उसी रास्ते से होकर गुजरी, जहां शुक्रवार सुबह भोला और सफीना के शव आम के पेड़ से लटके मिले थे। घटनास्थल पर पहुंचने के बाद वहां का मंजर कई सवाल खड़े कर रहा था। आम के पेड़ की एक टहनी से करीब 10 फीट की ऊंचाई पर भोला का शव लटका था, जबकि दूसरी टहनी से करीब 8 फीट की ऊंचाई पर सफीना का शव मिला था। दोनों के शव के ठीक नीचे जमीन पर उनकी चप्पलें एक ही जगह पर साथ रखी हुई थी। घटनास्थल से आगे बढ़ने पर रास्ता आसान नहीं था। भास्कर की टीम ने नाव का सहारा लिया और करीब 2 किलोमीटर का सफर तय कर पहले भोला के घर पहुंची। घर के अंदर पत्नी और बेटी का रो-रोकर बुरा हाल था। वहीं, भोला के पिता जोगेंद्र आंगन में चौकी पर बैठे बेटे को याद कर रहे थे। पत्नी के सामने हाथ में हाथ डालकर घुमता था भोला भास्कर की टीम ने भोला की पत्नी लीलावती देवी से बात करने की कोशिश की। पति की मौत के सदमे में वह ज्यादा कुछ बोल नहीं पा रही थी। कुछ देर बाद उसने सिर्फ इतना बताया कि घर से आखिरी बार निकलते समय भोला ने मुझसे कहा था- “अब मैं जा रहा हूं, कभी वापस लौटकर नहीं आऊंगा।” लीलावती देवी ने बताया, भोला पहले भी कई बार इस तरह की बातें किया करते थे, इसलिए उस दिन भी मैंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। भोला आमतौर पर अपना मोबाइल फोन कभी घर पर छोड़कर नहीं जाते थे, लेकिन घटना वाले दिन उन्होंने अपना फोन बेटी के हाथ में दे दिया था। उस वक्त मुझे यह बात थोड़ी अजीब लगी, लेकिन मैंने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। जब भास्कर ने भोला और सफीना के बीच चल रहे रिश्ते को लेकर सवाल किया तो पत्नी ने कहा, मुझे इस बारे में जानकारी थी। भोला कई बार मेरे सामने ही सफीना का हाथ पकड़कर उसके साथ निकल जाते थे। मैं सब कुछ जानने के बावजूद चुप रही। इसकी सबसे बड़ी वजह मेरी बेटी थी। मैं अपना घर और शादी टूटने नहीं देना चाहती थी। मुझे उम्मीद थी कि किसी तरह परिवार को संभाल लिया जाएगा और बात आगे नहीं बढ़ेगी, लेकिन मुझे इस बात का अंदाजा नहीं था कि यह सुसाइड तक चला जाएगा। बहू के फोन से मिली बेटे के गायब होने की जानकारी इसके बाद भास्कर की टीम ने भोला के पिता जोगेंद्र बैठा से बात की। उन्होंने बताया, मैं खेती करता हूं। मेरा बेटा भोला किराना दुकान चलाने के साथ पिकअप गाड़ी भी चलाता था। घटना वाले दिन भी सुबह सब कुछ रोज की तरह ही था। सुबह करीब 8 बजे खाना खाने के बाद मैं खेती के काम से निकल गया था। भोला भी मेरे साथ ही किराना दुकान पर काम के लिए चला गया था। जोगेंद्र ने बताया, दोपहर करीब 1 बजे भोला खाना खाने के लिए घर आया था। बहू ने उसे खाना खिलाया और थोड़ी देर आराम करने के लिए छोड़ दिया। उसका हर दिन का यही रूटीन था। दोपहर करीब 3 बजे वह उठा और अपनी बेटी के हाथ में मोबाइल देकर घर से निकल गया।” रात करीब 8 बजे तक जब भोला घर नहीं लौटा तो बहू ने फोन कर इसकी जानकारी दी। बहू ने कहा, “पापा, वो अभी तक घर नहीं लौटे हैं। पता नहीं कहां चले गए हैं। फोन भी घर पर ही छोड़कर गए हैं।” बहू की बात सुनते ही मैं घबरा गया। मैंने तुरंत भोला की तलाश शुरू कर दी। पहले आसपास और गांव में उसे खोजा गया। काफी देर तक पता नहीं चला तो गांव के दूसरे लोग भी तलाश में जुट गए। इसी दौरान पता चला कि सफीना भी अपने घर से गायब है। दोनों के एक साथ गायब होने की जानकारी मिलने के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। ग्रामीणों ने परिवार से कहा कि रात में तलाश जारी रखिए और सुबह होते ही थाने में गुमशुदगी की FIR दर्ज कराइए। हमलोग रातभर बेटे को खोजते रहे। सुबह होने पर थाना जाने की तैयारी कर ही रहे थे कि अचानक खबर मिली कि भोला और सफीना दोनों के शव पेड़ से लटके हुए मिले हैं। सफीना बच्चों से प्यार करती थी, हमें उसके अफेयर की जानकारी नहीं भोला के परिवार से बात करने के बाद हम वहां से निकले तो सामने सफीना का ससुराल था। 4 कदम आगे बढ़ते ही सफीना का घर आ गया, वहां द्वार पर पति सलाउलाह बैठा था। दैनिक भास्कर की बातचीत में सलाउल्लाह ने बताया, शादी को करीब 13 साल हो गए थे। सफीना घर पर अच्छे से रहती थी। घर के सभी काम संभालती थी। बच्चों की देखभाल से लेकर उन्हें नहलाकर स्कूल भेजने तक की जिम्मेदारी वही निभाती थी। घटना वाले दिन मैं सुबह करीब 8 बजे दुकान चला गया था। दोपहर करीब 1 बजे खाना खाने के लिए घर आया और खाना खाने के बाद दोबारा दुकान चला गया। इस दौरान मेरी पत्नी घर पर ही थी। दोपहर करीब 3 बजे के बाद मेरी बच्ची स्कूल से घर आई। वह रो रही थी। हमारे सामने रहने वाले पड़ोसी ने आकर मुझसे कहा, आपकी बच्ची रो रही है, उसकी मां कहां है? मैंने कहा कि शायद वह घास काटने के लिए गई होगी। मोबाइल भी उसके पास ही होगा।” इसके बाद मैंने पत्नी को कई बार फोन किया, लेकिन फोन नहीं उठा। शाम करीब 7 बजे जब मैं घर पहुंचा तो पत्नी को चारों तरफ तलाशना शुरू किया। आसपास और रास्तों में खोजबीन की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। इसके बाद मुझे लगा कि शायद वह अपने मायके या किसी रिश्तेदार के घर गई होगी और वहां से फोन कर देगी। रात में जब मैं बिस्तर पर सोने गया तो देखा कि उसका मोबाइल मेरे सिरहाने रखा हुआ है। मोबाइल देखकर मैं चौंक गया। वह मोबाइल हमेशा अपने पास रखती थी, लेकिन उस दिन उसे घर पर छोड़कर चली गई थी। तभी मेरे मन में शंका हुई। 2014 में की थी दूसरी शादी सलाउल्लाह ने आगे बताया, मुझे डर था कि कहीं पत्नी के साथ कोई दुर्घटना न हो गई हो। मैंने पड़ोसी से कहा, चलिए थाना में सनहा दे देते हैं। अगर कोई दुर्घटना हो गई होगी तो बाद में हम भी फंस जाएंगे और पुलिस को जवाब देना पड़ेगा। जब हमलोग सुबह थाना निकलने वाले थे तभी मेरे मोबाइल पर एक मैसेज आया। मैसेज में सूचना थी कि दो लड़का-लड़की एक पेड़ से लटके हुए हैं। मैसेज देखने के बाद मैंने मोबाइल पर फोटो देखी। इसके बाद मैं तुरंत वहां के लिए निकल गया। वहां पहुंचकर देखा कि लोग पहले से ही जमा थे। जैसे ही आगे बढ़ा पेड़ से लटकी मेरी ही पत्नी थी। बता दें कि भोला-लीलावती की साल 2016 में शादी हुई थी। दोनों को एक बेटी है। वहीं, सफीना की साल 2014 में सलाउलाह के साथ शादी हुई थी। इन्हें 4 बच्चे हैं, जिसमें 3 बेटियां और बेटा है। बता दें कि सलाउलाह की सफीना से दूसरी शादी थी, उसकी पहली पत्नी की मौत हो चुकी है। पुलिस को आत्महत्या का शक, हत्या के एंगल को भी नहीं किया खारिज DSP कुमारी प्रियंका ने बताया कि हरसिद्धि पुलिस को सोनबरसा गिरि टोला सरेह के पास आम के बगीचे में युवक-युवती के शव पेड़ से लटके होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचने के बाद दोनों की पहचान भोला बैठा और सफीना खातून के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में दोनों के बीच प्रेम-प्रसंग की बात सामने आई है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। हालांकि, गांव में दोनों की हत्या कर शव पेड़ से लटकाए जाने की चर्चा भी है, इसलिए पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए FSL और डॉग स्क्वाड की टीम को बुलाया गया है। पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और FSL जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

