जयपुर। प्रदेश में शुक्रवार को 6 नगर निगम, 20 नगर परिषद और 121 नगर पालिकाओं में मतदान होने के साथ ही 113 नवगठित निकायों सहित सभी 309 नगरीय निकायों में मतदान की प्रक्रिया पूरी हो गई। इसके साथ ही इन निकायों के 10167 वार्डों के लिए 38889 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला ईवीएम में बंद हो गया। मतदान के दौरान कुछ स्थानों पर ईवीएम में तकनीकी खराबी की शिकायतें आईं।
मशीनों में गड़बड़ी के कारण मतदान प्रभावित हुआ और कुछ केंद्रों पर मतदाताओं ने नाराजगी जताई। जरूरत के अनुसार मशीनें बदली गईं। संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था रही। दोनों चरणों में 77 पार्षदों का निर्विरोध निर्वाचन हो गया, जबकि टोंक जिले के एक वार्ड में बहिष्कार के कारण कोई नामांकन नहीं होने से मतदान नहीं हुआ।

कब-कब कितने फीसदी हुए मतदान
निकाय चुनाव के पहले चरण में 9 सितंबर को 76.41 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि शुक्रवार को दूसरे चरण में शाम 6 बजे तक 70.74 प्रतिशत मतदान होने की जानकारी आई है। दोनों चरण में कुल 72.95 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि 2024 में लोकसभा के लिए 62.07 प्रतिशत और 2023 में विधानसभा के लिए 75.33 प्रतिशत मतदान हुआ।
निर्दलीय प्रत्याशियों पर भी नजर
पिछली बार 2019 से 2021 के बीच प्रदेश की सभी 196 नगरीय निकायों में चार चरणों में चुनाव हुए थे, जिनके लिए 70.31 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बार प्रदेश के 10 नगर निगमों में से पांच में मतदान में बढ़ोतरी हुई, जबकि पांच में गिरावट आई। जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर और पाली नगर निगम के चुनाव इस चरण का सबसे बड़ा सियासी केंद्र रहे। इन शहरों में भाजपा और कांग्रेस के साथ निर्दलीय प्रत्याशियों के बीच मुकाबले पर भी नजर रही। 10 नगर निगमों के नतीजे राज्य की शहरी राजनीति में दोनों प्रमुख दलों की पकड़ का संकेत देंगे।
यह वीडियो भी देखें :
14 सितंबर होगी मतगणना
अब सभी की नजर 14 सितंबर को होने वाली मतगणना पर है। दोनों चरणों की मतगणना एक साथ होगी। इसके बाद 21 सितंबर को महापौर और सभापति तथा 22 सितंबर को उप महापौर, उप सभापति और नगर पालिकाओं के उपाध्यक्ष के चुनाव होंगे।

