सीवान में बैंक हड़ताल का असर, शाखाओं पर लटके ताले:SBI-ग्रामीण बैंक के सामने कर्मचारियों का प्रदर्शन,कामकाज ठप; ग्राहक परेशान

सीवान में बैंक हड़ताल का असर, शाखाओं पर लटके ताले:SBI-ग्रामीण बैंक के सामने कर्मचारियों का प्रदर्शन,कामकाज ठप; ग्राहक परेशान

सीवान में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर शुक्रवार को हुई राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल का असर सीवान में भी देखने को मिला। जिले की विभिन्न बैंक शाखाओं में ताले लटके रहे और बैंककर्मियों ने कामकाज ठप रखकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। बैंक बंद रहने से नकद जमा-निकासी, चेक क्लीयरेंस, पासबुक अपडेट, KYC और ऋण से जुड़े काम समेत कई शाखा आधारित सेवाएं प्रभावित रहीं। जरूरी बैंकिंग काम से पहुंचे ग्राहकों और कारोबारियों को परेशानी उठानी पड़ी। SBI और उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक के सामने प्रदर्शन शहर में SBI की मुख्य शाखा और उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक के जिला परिषद कैंपस स्थित कार्यालय के सामने बैंककर्मियों ने प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग बैंककर्मियों ने कहा कि लंबे समय से पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग की जा रही है। UFBU के अनुसार मार्च 2024 में हुए समझौते के बाद पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था का प्रस्ताव सरकार की मंजूरी के लिए भेजा गया था, लेकिन अब तक इस पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। भर्ती से लेकर पेंशन तक कई मांगें यूनियनों की मांगों में पर्याप्त संख्या में क्लेरिकल और सब-स्टाफ की भर्ती, पेंशन अपडेट, पेंशनरों के लिए समान डीए व्यवस्था और NPS से OPS में जाने का विकल्प शामिल है। इसके अलावा अन्य लंबित कर्मचारी मुद्दों के समाधान की भी मांग की जा रही है। PLI व्यवस्था को लेकर भी विरोध Performance Linked Incentive (PLI) की मौजूदा व्यवस्था को लेकर भी बैंक यूनियनों और सरकार के बीच मतभेद हैं। UFBU ने इस मुद्दे का समाधान बातचीत के जरिए करने की मांग की है। डिजिटल बैंकिंग रही सामान्य हड़ताल का असर मुख्य रूप से शाखा आधारित सेवाओं पर पड़ा। ATM, UPI, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहीं। हालांकि नकदी जमा-निकासी, चेक और अन्य शाखा आधारित काम के लिए ग्राहकों को परेशानी हुई। 28 से 30 सितंबर तक फिर हड़ताल UFBU ने 11 सितंबर की हड़ताल के बाद भी आंदोलन जारी रखने का कार्यक्रम घोषित किया है। मांगों का समाधान नहीं होने पर 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी गई है। इसके बाद 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का भी ऐलान किया गया है। व्यापारियों पर भी पड़ा असर सीवान में बैंक शाखाओं के बंद रहने से आम ग्राहकों के साथ व्यापारियों और व्यवसायिक लेन-देन से जुड़े लोगों को भी परेशानी हुई। बैंककर्मियों ने सरकार से लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग दोहराई। सीवान में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर शुक्रवार को हुई राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल का असर सीवान में भी देखने को मिला। जिले की विभिन्न बैंक शाखाओं में ताले लटके रहे और बैंककर्मियों ने कामकाज ठप रखकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। बैंक बंद रहने से नकद जमा-निकासी, चेक क्लीयरेंस, पासबुक अपडेट, KYC और ऋण से जुड़े काम समेत कई शाखा आधारित सेवाएं प्रभावित रहीं। जरूरी बैंकिंग काम से पहुंचे ग्राहकों और कारोबारियों को परेशानी उठानी पड़ी। SBI और उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक के सामने प्रदर्शन शहर में SBI की मुख्य शाखा और उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक के जिला परिषद कैंपस स्थित कार्यालय के सामने बैंककर्मियों ने प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग बैंककर्मियों ने कहा कि लंबे समय से पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग की जा रही है। UFBU के अनुसार मार्च 2024 में हुए समझौते के बाद पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था का प्रस्ताव सरकार की मंजूरी के लिए भेजा गया था, लेकिन अब तक इस पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। भर्ती से लेकर पेंशन तक कई मांगें यूनियनों की मांगों में पर्याप्त संख्या में क्लेरिकल और सब-स्टाफ की भर्ती, पेंशन अपडेट, पेंशनरों के लिए समान डीए व्यवस्था और NPS से OPS में जाने का विकल्प शामिल है। इसके अलावा अन्य लंबित कर्मचारी मुद्दों के समाधान की भी मांग की जा रही है। PLI व्यवस्था को लेकर भी विरोध Performance Linked Incentive (PLI) की मौजूदा व्यवस्था को लेकर भी बैंक यूनियनों और सरकार के बीच मतभेद हैं। UFBU ने इस मुद्दे का समाधान बातचीत के जरिए करने की मांग की है। डिजिटल बैंकिंग रही सामान्य हड़ताल का असर मुख्य रूप से शाखा आधारित सेवाओं पर पड़ा। ATM, UPI, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहीं। हालांकि नकदी जमा-निकासी, चेक और अन्य शाखा आधारित काम के लिए ग्राहकों को परेशानी हुई। 28 से 30 सितंबर तक फिर हड़ताल UFBU ने 11 सितंबर की हड़ताल के बाद भी आंदोलन जारी रखने का कार्यक्रम घोषित किया है। मांगों का समाधान नहीं होने पर 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी गई है। इसके बाद 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का भी ऐलान किया गया है। व्यापारियों पर भी पड़ा असर सीवान में बैंक शाखाओं के बंद रहने से आम ग्राहकों के साथ व्यापारियों और व्यवसायिक लेन-देन से जुड़े लोगों को भी परेशानी हुई। बैंककर्मियों ने सरकार से लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग दोहराई।  

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