मेरठ की केसरगंज मंडी में मस्जिद के अंदर हो रहे निर्माण का विरोध तेज हो गया है। शुक्रवार को मेरठ मर्चेंट एसोसिएशन ने भी जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपना विरोध दर्ज करा दिया। संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन देकर अवैध निर्माण गिराकर मस्जिद को अपने वास्तविक रूप में लाई जाने की मांग की है। व्यापारी ईश्वर चंद कंसल ने कहा कि उनकी केसरगंज मंडी में अंग्रेजों के समय में एक छोटी सी मस्जिद थी। मंडी में आने वाले पल्लेदार इसमें नमाज पढ़ा करते थे। वर्तमान में कुछ लोगों ने इस मस्जिद का स्वरूप पूरी तरह बदल दिया है। बाहरी लोग नमाज पढ़ने के बहाने यहां आकर माहौल बिगड़ने की साजिश रच रहे हैं। कोई आपत्ति करता है तो उसके साथ अभद्रता की जाती है। अवैध रूप से कराया जा रहा निर्माण
मेरठ मर्चेंट एसोसिएशन के महामंत्री नरेंद्र गोयल ने बताया कि केसरगंज हिंदू बाहुल्य इलाका है लेकिन मुस्लिम समाज के कुछ लोग साजिश के तहत यहां मकान की खरीद फरोख्त कर रहे हैं। सोची समझी साजिश के तहत यह काम किया जा रहा है, इसके विपरीत परिणाम सामने आने लगे हैं। यहां अवैध निर्माण का खेल भी शुरू हो गया है जिसे रोका जाना जरूरी है। मस्जिद में भी चल रहा अवैध निर्माण
एक व्यापारी ने बताया कि उनके यहां छोटी सी मस्जिद थी लेकिन धीरे-धीरे उसका विस्तार किया जा रहा है। गुरुवार को व्यापारियों को सूचना मिली की मस्जिद के तीसरे स्थल पर अवैध रूप से निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इस बात की शिकायत व्यापारियों ने अफसरों से की। अफसरों ने गंभीरता दिखाते हुए तत्काल उस निर्माण को रुकवा दिया। निर्माण करने वालों पर हो करवाई
जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन में व्यापारियों ने पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। रातों-रात पिलर डाल दिए गए और छत बनाने का काम शुरू कर दिया गया। सवाल यह है कि निर्माण करने वालों ने क्या मेरठ विकास प्राधिकरण और प्रशासन से अनुमति ली थी? अगर नहीं तो प्रशासन को तत्काल किए गए अवैध निर्माण को ध्वस्त कराना चाहिए। सचिन बोले- साजिश कर रही इशारा अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने व्यापारियों का समर्थन किया है। उन्होंने जिलाधिकारी, मेडा उपाध्यक्ष और प्रदेश के मुख्यमंत्री से मस्जिद में बिना अनुमति निर्माण कराने वालों पर कार्रवाई की मांग की है। ताकि फिर कोई ऐसी कोशिश ना कर सके।

