जयपुर- एमडी ड्रग्स तस्कर 1000 किलोमीटर पीछा कर पकड़ा:नागौर में खड़ा किया सप्लाई का बड़ा नेटवर्क, मुंबई में नौकरी के दौरान शुरू किया था अवैध कारोबार

जयपुर- एमडी ड्रग्स तस्कर 1000 किलोमीटर पीछा कर पकड़ा:नागौर में खड़ा किया सप्लाई का बड़ा नेटवर्क, मुंबई में नौकरी के दौरान शुरू किया था अवैध कारोबार

नशे के कारोबार के खिलाफ राजस्थान पुलिस की कार्रवाई के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने बड़ी सफलता हासिल की है। ‘ऑपरेशन रानीरोना’ के तहत टीम ने करीब एक साल से फरार चल रहे 25 हजार रुपए के इनामी एमडी तस्कर रामनिवास उर्फ रामू विश्नोई (32) को दमन से गिरफ्तार किया है। आरोपी जयपुर से करीब 1000 किलोमीटर दूर दमन में अपने मामा के किराये के कमरे में छिपकर रह रहा था। एएनटीएफ टीम ने कई रातों तक ट्रेन से सफर कर उसका पीछा किया और आखिरकार दबिश देकर उसे पकड़ लिया। आईजी एएनटीएफ विकास कुमार ने बताया कि आरोपी नागौर जिले के जायल तहसील के रोटू गांव का रहने वाला है। चूरू पुलिस ने उसके खिलाफ 25 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। मुंबई में नौकरी के दौरान शुरू हुआ एमडी का कारोबार पुलिस के अनुसार रामनिवास ने वर्ष 2011 में 12वीं पास करने के बाद मुंबई में एक कोरियर कंपनी में नौकरी शुरू की थी। इसी दौरान वह नशा करने वाले हाईप्रोफाइल लोगों के संपर्क में आया। यहां उसे एमडी के सेवन और कारोबार की जानकारी मिली। धीरे-धीरे वह खुद एमडी का सेवन करने लगा और बाद में मुंबई के तस्करों के संपर्क में आकर खरीद-फरोख्त शुरू कर दी। शुरुआत में वह करीब 100 ग्राम एमडी खरीदकर बेचता था। बाद में नागौर और आसपास के इलाकों में सप्लाई बढ़ाई और मांग बढ़ने पर 500 से 700 ग्राम तक की खेप पहुंचाने लगा। कुछ समय में वह नागौर क्षेत्र में एमडी का बड़ा सप्लायर बन गया। एक किलो एमडी पर दो लाख रुपए का मुनाफा जांच में सामने आया कि रामनिवास मुंबई से करीब 8 लाख रुपए प्रति किलो की दर से एमडी खरीदता था और नागौर में अपने तय ग्राहकों को करीब 10 लाख रुपए किलो तक में बेचता था। यानी उसे प्रत्येक किलो पर करीब 2 लाख रुपए का मुनाफा होता था। वह ट्रेन और बस से मुंबई से नशे की खेप लाकर नागौर और आसपास सप्लाई करता था। महीने में उसके करीब दो चक्कर लगते थे। नशे की कमाई से बनाया मकान, खरीदी गाड़ियां एमडी तस्करी से अर्जित रकम से रामनिवास ने बड़ा मकान बनवाया, गाड़ियां खरीदीं, पुराना कर्ज चुकाया और पत्नी के लिए सोने-चांदी के आभूषण खरीदे। नागौर पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ के तहत उसके निर्माणाधीन मकान पर कार्रवाई की थी। तस्करी में इस्तेमाल उसकी दो कारों को भी सीज किया गया। साथी तस्कर की गिरफ्तारी से खुला राज रामनिवास के फरार होने की शुरुआत रतनगढ़ पुलिस की कार्रवाई के बाद हुई। पुलिस ने एमडी की सप्लाई करने जा रहे नरसीराम समेत चार लोगों को पकड़ा था। पूछताछ में नरसीराम ने बताया कि वह रामनिवास उर्फ रामू विश्नोई का स्थायी ग्राहक था और उससे एमडी खरीदता था। इसके बाद संबंधित एनडीपीएस मामले में रामनिवास का नाम सामने आया और वह फरार हो गया। 24 फरवरी 2026 को चूरू पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया। जयपुर में 10 महीने फ्लैट में छिपा रहा पुलिस से बचने के लिए रामनिवास पहले गांव और आसपास के जंगलों तथा खेतों में छिपता रहा। इसके बाद वह जयपुर पहुंच गया। यहां उसने मुहाना मंडी स्थित अर्बन ज्वैल्स के एक फ्लैट में करीब 10 महीने तक फरारी काटी। खास बात यह रही कि फरारी के दौरान भी उसने एमडी का कारोबार नहीं छोड़ा। जयपुर में रहते हुए वह अपने तस्कर साथियों के संपर्क में रहा और सप्लाई करता रहा। इसी सिलसिले में उसके मनाली और दमन तक जाने की जानकारी पुलिस को मिली। 5.400 किलो एमडी की खेप में भी था वांछित 27 अगस्त 2026 को एमडी की बड़ी खेप जयपुर ले जाते समय जायल में पुलिस ने नाकाबंदी की थी। रामनिवास एमडी से भरी कार को दूसरी कार से एस्कॉर्ट कर रहा था। नाकाबंदी के दौरान वह मौके से फरार हो गया, जबकि उसके साथी तस्कर का नाबालिग भतीजा पुलिस के हत्थे चढ़ गया। कार की तलाशी में 5.400 किलो एमडी बरामद हुई। इस मामले में जायल थाने में प्रकरण दर्ज किया गया और रामनिवास को भी वांछित किया गया। इसके बाद वह साथियों के साथ मनाली और अंबाला गया। कुछ समय जयपुर में रुकने के बाद आगरा-मध्यप्रदेश होते हुए दमन पहुंच गया और अपने मामा के यहां छिप गया। ठिकाने बदलता रहा, एएनटीएफ करती रही पीछा एएनटीएफ टीम लगातार रामनिवास के बारे में आसूचना जुटा रही थी। गांव और आसपास के इलाकों में तलाश के बाद पता चला कि वह लगातार ठिकाने बदल रहा है। जांच में उसके जयपुर, मनाली, आगरा-मध्यप्रदेश होते हुए दमन पहुंचने की जानकारी सामने आई। दमन में वह अपने मामा के किराये के कमरे में छिपा हुआ था। पुख्ता सूचना मिलने के बाद एएनटीएफ टीम ने स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाई और कमरे का पता लगाया। कई रातों तक ट्रेन में सफर, फिर दमन में दबिश आरोपी की लोकेशन की पुष्टि होने के बाद एएनटीएफ टीम कई रातों तक ट्रेन से सफर कर दमन पहुंची। वहां स्थानीय स्तर पर जानकारी विकसित करने के बाद टीम ने उसके मामा के किराये के कमरे की पहचान की। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से दबिश देकर रामनिवास उर्फ रामू विश्नोई को गिरफ्तार कर लिया गया।

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