गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर परिसर के अंदर इस बार गणेश चतुर्थी की तैयारियां बड़े ही खास अंदाज में चल रही हैं। यहां भगवान गणेश की एक बेहद ही अलग और भव्य मूर्ति बनाई जा रही है, जिसके 25 सिर और 52 हाथ हैं। मूर्ति की खास बात यह है कि इसका विशाल रूप देखकर ही लोग हैरान और खुश हो रहे हैं। शहर के लोग इस कलाकारी को देखने के लिए अभी से खिंचे चले आ रहे हैं। इस मूर्ति को बनाने का काम पिछले 2 महीनों से लगातार चल रहा है। इसे पश्चिम बंगाल के कोलकाता से आए कारीगर तैयार कर रहे हैं। इसे बनाने वाले कार्तिकेय पाल का कहना है कि वे हर साल गणेश उत्सव पर कुछ नया और अलग करने की कोशिश करते हैं। इसी सोच के तहत इस बार 25 सिर और 52 हाथों वाली गणेश जी की प्रतिमा बनाने का फैसला लिया गया। यह पूरी मूर्ति लगभग 13 फीट की ऊंचाई की है और इसे बनाने में करीब 70 से 80 हजार रुपये से ज्यादा की लागत आई है। फिनिशिंग का काम अंतिम चरण में
मूर्ति की फिनिशिंग का काम अब अपने आखिरी चरण में है। तय प्लान के मुताबिक, 13 तारीख को यह मूर्ति गोरखनाथ के वर्कशॉप से अपनी डिलीवरी के लिए रवाना कर दी जाएगी। बताया जा रहा है कि इस खास प्रतिमा को शहर के जगन्नाथपुर में स्थापित किया जाएगा। पंडाल में सजने पर बढ़ेगी भव्यता
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इतनी बड़ी और अलग डिजाइन की भगवान गणेश की मूर्ति उन्होंने पहले कभी नहीं देखी थी। गोरखनाथ में इस मूर्ति की बनावट और सुंदरता को लेकर काफी चर्चा है। मूर्ति अभी से ही इतना आकर्षित कर रही है तो जब पंडाल में सजेगी की कितना भव्य लगेगा। तमाम लोग मंदिर पहुंच कर लोग तस्वीरें खींच रहे हैं और कारीगरों की जमकर तारीफ कर रहे हैं। तमाम सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और क्रिएटर इसकी वीडियो अपने एकाउंट पर पोस्ट करके बढ़िया व्यू और लाइक पा रहे हैं।

