मुजफ्फरपुर जिले के बोचहां में गुरुवार को सैकड़ों उर्वरक दुकानदारों ने थोक विक्रेताओं के खिलाफ प्रदर्शन किया। दुकानदारों का आरोप है कि थोक विक्रेता यूरिया और डीएपी तय कीमत से ज्यादा दाम पर बेच रहे हैं। उर्वरक विक्रेता संघ ने चेतावनी दी है कि उचित दाम पर खाद नहीं मिलने तक वे थोक विक्रेताओं से खाद का उठाव नहीं करेंगे। दुकानदारों के मुताबिक, 250 रुपये की यूरिया उन्हें करीब 300 रुपये में मिल रही है। वहीं, 1300 रुपये वाली डीएपी 1600 रुपये से ज्यादा में दी जा रही है। दुकानदारों का यह भी कहना है कि ज्यादा कीमत के अलावा थोक विक्रेता कई बार साइड प्रोडक्ट के नाम पर दूसरे उत्पाद भी खरीदने का दबाव बनाते हैं। इससे उर्वरक दुकानदारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। विक्रेताओं ने आरोप लगाया कि शिकायत करने के बावजूद थोक विक्रेताओं पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। इस वजह से दुकानदारों में कृषि विभाग के अधिकारियों के प्रति भी नाराजगी है। प्रदर्शन के बाद संघ के पदाधिकारियों ने साफ किया कि जब तक थोक स्तर पर उर्वरक दुकानदारों को तय और उचित दाम पर खाद नहीं मिलती, तब तक वे खाद का उठाव नहीं करेंगे। संघ ने सभी दुकानदारों से इस फैसले पर एकजुट रहने की अपील की है। साथ ही कहा है कि फैसला न मानने वाले दुकानदारों पर संघ अपने स्तर पर कार्रवाई करेगा। हालांकि, किसानों को परेशानी न हो, इसे लेकर दुकानदारों ने स्पष्ट किया कि उनके पास वर्तमान में जो यूरिया और डीएपी उपलब्ध है, उसका वितरण किसानों के बीच जारी रखा जाएगा। दुकानदारों का कहना है कि उनका आंदोलन किसानों के खिलाफ नहीं, बल्कि खाद की खरीद-बिक्री में उचित दर और पारदर्शिता सुनिश्चित कराने के लिए है। अपनी मांगों को लेकर उर्वरक विक्रेता संघ की ओर से प्रखंड कृषि पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। संघ ने ज्ञापन को मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री समेत संबंधित विभाग के वरीय पदाधिकारियों तक भेजने की मांग की है। विक्रेताओं ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। हालांकि, किसानों को परेशानी न हो, इसे लेकर दुकानदारों ने स्पष्ट किया कि उनके पास वर्तमान में जो यूरिया और डीएपी उपलब्ध है, उसका वितरण किसानों के बीच जारी रखा जाएगा। दुकानदारों का कहना है कि उनका आंदोलन किसानों के खिलाफ नहीं, बल्कि खाद की खरीद-बिक्री में उचित दर और पारदर्शिता सुनिश्चित कराने के लिए है।
अपनी मांगों को लेकर उर्वरक विक्रेता संघ की ओर से प्रखंड कृषि पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। संघ ने ज्ञापन को मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री समेत संबंधित विभाग के वरीय पदाधिकारियों तक भेजने की मांग की है। विक्रेताओं ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मुजफ्फरपुर जिले के बोचहां में गुरुवार को सैकड़ों उर्वरक दुकानदारों ने थोक विक्रेताओं के खिलाफ प्रदर्शन किया। दुकानदारों का आरोप है कि थोक विक्रेता यूरिया और डीएपी तय कीमत से ज्यादा दाम पर बेच रहे हैं। उर्वरक विक्रेता संघ ने चेतावनी दी है कि उचित दाम पर खाद नहीं मिलने तक वे थोक विक्रेताओं से खाद का उठाव नहीं करेंगे। दुकानदारों के मुताबिक, 250 रुपये की यूरिया उन्हें करीब 300 रुपये में मिल रही है। वहीं, 1300 रुपये वाली डीएपी 1600 रुपये से ज्यादा में दी जा रही है। दुकानदारों का यह भी कहना है कि ज्यादा कीमत के अलावा थोक विक्रेता कई बार साइड प्रोडक्ट के नाम पर दूसरे उत्पाद भी खरीदने का दबाव बनाते हैं। इससे उर्वरक दुकानदारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। विक्रेताओं ने आरोप लगाया कि शिकायत करने के बावजूद थोक विक्रेताओं पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। इस वजह से दुकानदारों में कृषि विभाग के अधिकारियों के प्रति भी नाराजगी है। प्रदर्शन के बाद संघ के पदाधिकारियों ने साफ किया कि जब तक थोक स्तर पर उर्वरक दुकानदारों को तय और उचित दाम पर खाद नहीं मिलती, तब तक वे खाद का उठाव नहीं करेंगे। संघ ने सभी दुकानदारों से इस फैसले पर एकजुट रहने की अपील की है। साथ ही कहा है कि फैसला न मानने वाले दुकानदारों पर संघ अपने स्तर पर कार्रवाई करेगा। हालांकि, किसानों को परेशानी न हो, इसे लेकर दुकानदारों ने स्पष्ट किया कि उनके पास वर्तमान में जो यूरिया और डीएपी उपलब्ध है, उसका वितरण किसानों के बीच जारी रखा जाएगा। दुकानदारों का कहना है कि उनका आंदोलन किसानों के खिलाफ नहीं, बल्कि खाद की खरीद-बिक्री में उचित दर और पारदर्शिता सुनिश्चित कराने के लिए है। अपनी मांगों को लेकर उर्वरक विक्रेता संघ की ओर से प्रखंड कृषि पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। संघ ने ज्ञापन को मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री समेत संबंधित विभाग के वरीय पदाधिकारियों तक भेजने की मांग की है। विक्रेताओं ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। हालांकि, किसानों को परेशानी न हो, इसे लेकर दुकानदारों ने स्पष्ट किया कि उनके पास वर्तमान में जो यूरिया और डीएपी उपलब्ध है, उसका वितरण किसानों के बीच जारी रखा जाएगा। दुकानदारों का कहना है कि उनका आंदोलन किसानों के खिलाफ नहीं, बल्कि खाद की खरीद-बिक्री में उचित दर और पारदर्शिता सुनिश्चित कराने के लिए है।
अपनी मांगों को लेकर उर्वरक विक्रेता संघ की ओर से प्रखंड कृषि पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। संघ ने ज्ञापन को मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री समेत संबंधित विभाग के वरीय पदाधिकारियों तक भेजने की मांग की है। विक्रेताओं ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

