जयपुर। जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गुरुवार दोपहर उस समय यात्रियों की सांसें अटक गईं, जब उदयपुर से जयपुर पहुंची इंडिगो की फ्लाइट रनवे पर टचडाउन के बाद दोबारा हवा में उठ गई। पायलट ने लैंडिंग को अबॉर्ट करते हुए विमान का गो-अराउंड कराया। इसके बाद विमान करीब 20 मिनट तक अतिरिक्त चक्कर लगाने के बाद दोबारा लैंडिंग के लिए आया और दोपहर 1:02 बजे सुरक्षित रूप से रनवे पर उतरा। विमान में 39 यात्री और चार क्रू सदस्य सवार थे।
जानकारी के अनुसार, उदयपुर से जयपुर के लिए रवाना हुई इंडिगो की फ्लाइट ने गुरुवार दोपहर करीब 12:42 बजे जयपुर एयरपोर्ट पर लैंडिंग के लिए अप्रोच किया। विमान रनवे पर टचडाउन कर चुका था, लेकिन इसी दौरान पायलट ने लैंडिंग को आगे बढ़ाने के बजाय विमान को दोबारा हवा में उठा लिया। इसके बाद विमान ने एयरपोर्ट के ऊपर करीब 20 मिनट तक अतिरिक्त राउंड पूरा किया।
20 मिनट बाद सुरक्षित लैंडिंग
करीब 20 मिनट बाद विमान ने फिर से जयपुर एयरपोर्ट पर लैंडिंग के लिए अप्रोच किया। इस बार पायलट ने विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई। विमान के रनवे पर उतरने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। हालांकि, घटना के दौरान किसी यात्री या क्रू सदस्य के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है।
सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित नहीं होने पर किया जाता है गो-अराउंड
एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, विमान की लैंडिंग के दौरान यदि पायलट को लगता है कि अप्रोच निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है या किसी कारण से तत्काल सुरक्षित लैंडिंग संभव नहीं है, तो गो-अराउंड प्रक्रिया अपनाई जाती है। इसमें विमान को रनवे से दोबारा हवा में उठाकर एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत अतिरिक्त चक्कर कराया जाता है। परिस्थितियां अनुकूल होने के बाद विमान को फिर से लैंडिंग के लिए लाया जाता है।
गो-अराउंड विमानन क्षेत्र में सामान्य सुरक्षा प्रक्रिया मानी जाती है। इसका उद्देश्य किसी संभावित जोखिम से बचते हुए विमान और यात्रियों की सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित करना होता है। जयपुर एयरपोर्ट पर हुई इस घटना में भी पायलट ने लैंडिंग को रोककर विमान को दोबारा हवा में ले जाने का फैसला किया।
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हालांकि, इस मामले में पायलट ने आखिर किस वजह से गो-अराउंड किया, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। एयरपोर्ट सूत्रों ने भी गो-अराउंड के पीछे किसी एक निश्चित कारण की पुष्टि नहीं की है।

