टोंक जिले में बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए गुरुवार को राष्ट्रीय पोषण माह की शुरुआत हुई। आवां कस्बे के आंगनबाड़ी सेक्टर में रंगोली और पोषक खाद्य पदार्थों की प्रदर्शनी लगाकर अभियान का शुभारंभ किया गया। इस दौरान ‘सही पोषण, देश रोशन’ का संदेश दिया गया। यह अभियान 8 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान महिलाओं और बच्चों की सेहत और पोषण को लेकर कई जागरूकता कार्यक्रम होंगे। महीनेभर बच्चों का वजन और लंबाई नापी जाएगी अभियान के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के वजन और लंबाई की जांच की जाएगी। इससे बच्चों की बढ़त पर नजर रखी जाएगी। साथ ही पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी अलग-अलग जानकारी देने वाली गतिविधियां भी रोज आयोजित होंगी। सरकारी पोषाहार से पौष्टिक खाना बनाने की जानकारी कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने महिलाओं को पोषण सामग्री के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों से मिलने वाले सरकारी पोषाहार से घर पर स्वादिष्ट और पौष्टिक खाना कैसे बनाया जा सकता है। इससे बच्चों को कुपोषण से बचाने में मदद मिलेगी। सब्जियां, दाल, मोटे अनाज और फलों की प्रदर्शनी कार्यक्रम में स्थानीय स्तर पर मिलने वाले पोषक खाद्य पदार्थों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, मोटे अनाज और मौसमी फल रखे गए। महिलाओं को इनमें मिलने वाले विटामिन और मिनरल्स के बारे में बताया गया। साथ ही इन्हें रोज के खाने में शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने केंद्र पर पोषण से जुड़ी रंग-बिरंगी रंगोली बनाई। इसके जरिए ‘सही पोषण, देश रोशन’ का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में देवली बाल विकास परियोजना अधिकारी रामेश्वरी मीणा, महिला पर्यवेक्षक सरोज वर्मा, आवां सेक्टर की सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और स्थानीय महिलाएं मौजूद रहीं।

