बिजनौर में पानी निकासी के लिए नाला बनाने के दौरान घरों के बाहर बने रैंप तोड़े जाने पर अनुपम और जनक विहार कॉलोनी के दर्जनों लोग नाराज हो गए। गुरुवार को वो कलेक्ट्रेट पहुंचे और डीएम को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने जबरन रैंप तोड़ने का आरोप लगाते हुए संयुक्त टीम से जांच कराने की मांग की। दरअसल, मंगलवार को तहसील प्रशासन की टीम साईं विहार कॉलोनी में नाला खोदने पहुंची थी। टीम के साथ बुलडोजर भी था। साईं विहार और अनुपम विहार कॉलोनियों में नाला खोदने का काम शुरू होते ही लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया। साईं विहार कॉलोनी के लोगों ने घरों के बाहर बने रैंप तोड़े जाने पर आपत्ति जताई। इसके बावजूद टीम ने बुलडोजर चलाकर कई रैंप तोड़ दिए। इस दौरान महिलाओं और कॉलोनी के लोगों ने विरोध भी किया था। गुरुवार दोपहर करीब एक बजे कॉलोनी के दर्जनों लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने डीएम को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि वे अनुपम विहार और जनक विहार कॉलोनी के रहने वाले हैं। ये कॉलोनियां साल 2000 में बसी थीं, जबकि साईं विहार कॉलोनी इनके पीछे साल 2015 में बनी। कॉलोनी के लोगों का आरोप है कि साईं विहार कॉलोनी, जनक विहार कॉलोनी से नीचे तल पर बसी है। इस वजह से जनक विहार की नाली ऊंची है। साईं विहार कॉलोनी के लोगों ने नाली को नीचा करने के लिए एसडीएम कोर्ट में एक आवेदन दिया था। इस आवेदन पर नोटिस जारी हुए और जवाब भी दिया गया। लेकिन जवाब को नजरअंदाज करते हुए 21 अगस्त को एक आदेश जारी कर दिया गया। लोगों ने ज्ञापन में तहसीलदार सदर पर भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस के साथ तहसील की टीम ने उन लोगों के रैंप भी तोड़े हैं, जिनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं था। उन्होंने डीएम से पूरे मामले की संयुक्त टीम बनाकर जांच कराने की मांग की है। की इस मौके पर योगेंद्र कुमार ,उदयवीर सिंह, नौबहार सिंह ,अनूप कुमार, तेजपाल सिंह, वीरपाल सिंह ,गंगा प्रसाद ,सतीश कुमार, सहित दर्जन लोग मौजूद रहे।

