बिहार में बिजली की अधिकतम मांग करीब 9.5 गीगावाट तक पहुंच गई है और सरकार भविष्य की बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए लगातार तैयारी कर रही है। राज्य के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय राजधानी में बंगाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के ऊर्जा सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि पहले ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती थी।
मंत्री ने कहा कि लगातार बिजली आपूर्ति उनकी सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है। राज्य ने बिजली क्षेत्र में प्रगति की है और आज शहरी क्षेत्रों में 23 से 24 घंटे, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 22 से 23 घंटे बिजली की आपूर्ति हो रही है। उन्होंने कहा, ‘‘बिहार 2.22 करोड़ उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति कर रहा है और 9,475 मेगावाट की अधिकतम मांग को सफलतापूर्वक पूरा किया है।’’
कुमार ने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य के हर घर तक बिजली पहुंचाना है और भविष्य की बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए बिजली के बुनियादी ढांचे का निर्माण जारी रखा जाएगा।
केंद्र की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के बारे में उन्होंने कहा कि राज्य में यह पहल अच्छी तरह आगे बढ़ रही है। सरकार का लक्ष्य इस साल 10 लाख घरों में सौर ऊर्जा की सुविधा उपलब्ध कराना है।

