इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन विनिर्माता कंपनी अल्ट्रावायलेट तमिलनाडु के होसुर में अपनी नयी विनिर्माण इकाई ‘बिग्गा (बिग ग्लोबल एम्बिशन) फैक्टरी’ स्थापित करने की योजना बना रही है। कंपनी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अल्ट्रावायलेट के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नारायण सुब्रमण्यम ने पीटीआई-के साथ साक्षात्कार में कहा कि कंपनी इस नई इकाई में अगले पांच साल के दौरान 779 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
‘बिग्गा फैक्टरी’ को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा और इसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता 2,50,000 वाहन तक पहुंचाई जाएगी। मांग बढ़ने पर इस इकाई को 5,00,000 वाहन सालाना के उत्पादन के लिए तैयार किया जाएगा। सुब्रमण्यम ने कहा, ‘‘फिलहाल हमने अगले पांच वर्षों के लिए 779 करोड़ रुपये के निवेश की बात की है।
इस अवधि में पूरी सुविधा की क्षमता 2,50,000 इकाइयों तक बढ़ाई जाएगी। इसके बाद विस्तार का अगला चरण और अधिक आक्रामक हो सकता है, क्योंकि इलेक्ट्रिक वाहन बाजार तेजी से बढ़ रहा है।’’
यह नई इकाई कर्नाटक की बेंगलुरु स्थित अल्ट्रावायलेट की मौजूदा विनिर्माण सुविधा के अतिरिक्त होगी। इस नई फैक्टरी में कंपनी का टेसेरैक्ट इलेक्ट्रिक स्कूटर बनाया जाएगा।
इसके अलावा यहां स्पोर्ट्स, क्रॉसओवर, क्रूजर, स्ट्रीट और स्कूटर जैसे विभिन्न खंड के भविष्य के उत्पादों का भी उत्पादन किया जाएगा। कंपनी ने कहा कि इस उत्पादन विस्तार से करीब 2,000 रोजगार के अवसर पैदा होंगे और अगले पांच वर्षों में यह संख्या और बढ़ सकती है। अल्ट्रावायलेट के सह-संस्थापक एवं मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (सीटीओ) नीरज राजमोहन ने कहा, ‘‘होसुर एक प्रमुख विनिर्माण केंद्र है, जहां पहले से मजबूत वाहन उद्योग पारिस्थितिकी तंत्र मौजूद है।
यहां आपूर्ति श्रृंखला के फायदे हैं और यह अल्ट्रावायलेट के अनुसंधान एवं विकास केंद्र तथा मौजूदा आपूर्तिकर्ताओं के नेटवर्क के भी करीब है।

