उन्नाव के शुक्लागंज में गंगाघाट रेलवे क्रासिंग पर प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है। गुरुवार को सेतु निगम और रेलवे के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने मौके का निरीक्षण किया। टीम ने प्रस्तावित आरओबी के पिलर की जगह, ऊंचाई, ओएचई लाइन और रेलवे की भविष्य की योजनाओं को लेकर चर्चा की। हालांकि, निर्माण से जुड़े कुछ बिंदुओं पर दोनों विभागों के बीच अभी सहमति नहीं बन सकी है। संयुक्त टीम ने सबसे पहले रेलवे क्रासिंग के पास स्थित मछली मंडी का निरीक्षण किया। यहीं प्रस्तावित आरओबी के पिलर खड़े किए जाने हैं। सेतु निगम के अधिकारियों ने पिलर की ऊंचाई और स्थान को लेकर रेलवे अधिकारियों से चर्चा की। इसके बाद टीम रेलवे क्रासिंग पर पहुंची और ओएचई लाइन समेत रेलवे के प्रस्तावित कार्यों को लेकर जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान राज्य सेतु निगम के सहायक अभियंता अरविंद कुमार सागर, आईओडब्ल्यू रहमान गजल, पीडब्ल्यूआई महेश मीणा, जेई पीआरडी अंकित तिवारी और ऑपरेटिंग ट्रैफिक इंस्पेक्टर अनिलेश वर्मा मौजूद रहे। सेतु निगम के ठेकेदार और अन्य कर्मचारी भी टीम के साथ रहे। मिट्टी की जांच सफल, अब निर्माण की प्रक्रिया तेज प्रस्तावित आरओबी के लिए जून में रेलवे क्रासिंग के ढाल के पास मिट्टी के नमूने लिए गए थे। नमूनों को जांच के लिए लैब भेजा गया था। अधिकारियों के मुताबिक मिट्टी की जांच सफल रही है। इसके बाद आरओबी निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। सेतु निगम के अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित आरओबी को गंगा नदी पर बनने वाले नए पुल से जोड़ा जाएगा। इससे शुक्लागंज क्षेत्र में आवागमन बेहतर होने की उम्मीद है। 11 मीटर ऊंचाई पर बनेगा आरओबी सेतु निगम के सहायक अभियंता अरविंद कुमार सागर ने बताया कि आरओबी रेलवे क्रासिंग के ऊपर करीब 11 मीटर की ऊंचाई पर बनाया जाएगा। इसका दूसरा सिरा गंगाघाट कोतवाली के पास उतारा जाएगा। आरओबी बनने से रेलवे क्रासिंग पर वाहनों का दबाव कम होगा और यातायात सुचारु होने में मदद मिलेगी। संयुक्त प्रस्ताव तैयार, सहमति के बाद शुरू होगी प्रक्रिया आरओबी निर्माण को लेकर रेलवे और सेतु निगम की ओर से संयुक्त प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। फिलहाल दोनों विभागों के बीच निर्माण से जुड़े कुछ तकनीकी बिंदुओं पर बातचीत जारी है। पुराने पुल के ध्वस्तीकरण का टेंडर जारी, एनओसी अटकी अंग्रेजों के समय निर्मित पुराना पुल लंबे समय से क्षतिग्रस्त है। इसके ध्वस्तीकरण के लिए रेलवे की ओर से टेंडर जारी किया जा चुका है। सेतु निगम के एई ने बताया कि नए पुल के निर्माण की जद में पुराने पुल की कुछ कोठियां आ रही हैं। इनके संबंध में रेलवे से एनओसी मांगी गई है, लेकिन अभी तक एनओसी नहीं मिली है। अधिकारियों के मुताबिक एनओसी मिलने में देरी हुई तो नए पुल के निर्माण की प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है।

