झुंझुनूं में 94 बूथों पर 74.70% मतदान:सबसे ज्यादा वार्ड 17 बूथ 23 पर 85.42% मतदान, वार्ड 32 बूथ 47 पर सिर्फ 55.88% पड़े

झुंझुनूं में 94 बूथों पर 74.70% मतदान:सबसे ज्यादा वार्ड 17 बूथ 23 पर 85.42% मतदान, वार्ड 32 बूथ 47 पर सिर्फ 55.88% पड़े

झुंझुनूं जिले की मंड्रेला नगर पालिका का वार्ड नंबर-13 लोकतंत्र की ऐसी अनोखी तस्वीर पेश कर रहा है, जहां पूरा चुनाव महज 92 मतदाताओं के इर्द-गिर्द सिमट गया है। जिले के सभी निकायों में यह सबसे छोटा वार्ड माना जा रहा है। खास बात यह है कि यहां तीन प्रत्याशी मैदान में हैं और चुनावी गणित ऐसा बन रहा है कि केवल 25 से 30 वोट पाने वाला उम्मीदवार भी जीत का ताज पहन सकता है। यहां 11 सितंबर को वोटिंग होगी। जहां दूसरे वार्डों में प्रत्याशी सैकड़ों-हजारों लोगों तक पहुंचने के लिए रैलियां, सभाएं और जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं, वहीं वार्ड-13 में चुनाव पूरी तरह व्यक्तिगत संपर्क पर टिका हुआ है। यहां लगभग हर मतदाता प्रत्याशियों के लिए जाना-पहचाना चेहरा है। ऐसे में प्रत्येक वोट की अहमियत कई गुना बढ़ गई है। महिलाएं पुरुषों से अधिक वार्ड नंबर-13 में कुल 92 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें 44 पुरुष और 48 महिला मतदाता हैं। यानी महिलाओं की संख्या पुरुषों से पांच अधिक है। यही कारण है कि प्रत्याशियों का विशेष फोकस महिला मतदाताओं पर भी बना हुआ है। तीन उम्मीदवार, सीधी और कांटे की टक्कर इस वार्ड में पार्षद पद के लिए तीन प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। विनायक कुमार – भारतीय जनता पार्टी नितिन शर्मा – निर्दलीय रतनलाल भार्गव – निर्दलीय
घर-घर जाकर व्यक्तिगत संपर्क तीनों उम्मीदवार घर-घर जाकर व्यक्तिगत संपर्क कर रहे हैं। छोटे वार्ड की वजह से प्रचार पूरी तरह आमने-सामने की बातचीत और व्यक्तिगत रिश्तों पर केंद्रित हो गया है।
25-30 वोट ही बना सकते हैं विजेता
त्रिकोणीय मुकाबले में यदि वोटों का संतुलित बंटवारा हुआ तो किसी प्रत्याशी को जीत के लिए 25 से 30 वोट ही पर्याप्त हो सकते है। कुछ मतदाताओं का रुख भी पूरे चुनाव का परिणाम बदल सकता है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस वार्ड में चुनाव किसी लहर से नहीं बल्कि व्यक्तिगत संबंध, भरोसे और आखिरी समय तक किए गए जनसंपर्क से तय होगा। यहां एक-एक वोट का महत्व किसी बड़े विधानसभा चुनाव से कम नहीं है। हर मतदाता बनेगा निर्णायक वार्ड-13 की सबसे बड़ी खासियत यही है कि यहां हर मतदाता सीधे चुनाव परिणाम को प्रभावित कर सकता है। बड़े चुनावों में जहां एक वोट का असर दिखाई नहीं देता, वहीं इस वार्ड में एक वोट हार-जीत का अंतर बन सकता है। यही वजह है कि प्रत्याशी किसी भी मतदाता को नाराज करने का जोखिम नहीं लेना चाहते। मंड्रेला नगर पालिका का यह वार्ड इस बार पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की निगाहें मतगणना पर टिकी हैं कि 92 मतदाताओं वाला यह छोटा-सा वार्ड किसे अपना पार्षद चुनकर लोकतंत्र की इस अनोखी कहानी का विजेता बनाता है।
वार्ड नंबर-13 (मंड्रेला नगर पालिका) कुल मतदाता : 92 पुरुष : 44 महिला : 48 कुल प्रत्याशी : 3 भाजपा : 1 निर्दलीय : 2

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