जमुई पुलिस ने आर्थिक अपराध से जुड़े मामले में फरार आरोपी रघुनंदन यादव को गिरफ्तार किया है। रघुनंदन यादव (37) जमुई जिले के सिकंदरा थाना क्षेत्र के पंचमहुआ गांव का रहने वाला है। उसके पिता का नाम राजेंद्र प्रसाद है। उसे 8 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 111(3), 111(4), 111(5), 111(6), 111(7), 336(2), 336(3), 340(2) और 61(2) के तहत मामला दर्ज है। आर्थिक अपराध थाने में दर्ज इस केस में संगठित आपराधिक गतिविधियों से बड़ी मात्रा में संपत्ति बनाने के आरोपों की जांच चल रही है। 17 अन्य सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज पुलिस ने बताया कि यह मामला कुख्यात अपराधी गुड्डू यादव और उसके गिरोह के 17 अन्य सदस्यों के खिलाफ दर्ज किया गया था। आरोप है कि गिरोह के सदस्यों ने पिछले 15-16 सालों में संगठित आपराधिक गतिविधियों से बड़े पैमाने पर संपत्ति जमा की है। इस मामले में कोर्ट से तलाशी वारंट मिलने के बाद पुलिस ने 28 जुलाई 2026 को एक अभियान चलाया था। एसटीएफ, जमुई पुलिस और शेखपुरा जिला पुलिस ने मिलकर गुड्डू यादव और अन्य नामजद आरोपियों के कुल 25 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। इस दौरान कई अहम चीजें बरामद हुईं और पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। जमा की गई संपत्तियों की होगी जांच आर्थिक अपराध इकाई ने निर्देश दिए हैं कि संगठित आर्थिक अपराध से जुड़े आरोपियों, उनके सहयोगियों और उन्हें बचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में उनकी आर्थिक गतिविधियों और जमा की गई संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। जमुई पुलिस ने आर्थिक अपराध से जुड़े मामले में फरार आरोपी रघुनंदन यादव को गिरफ्तार किया है। रघुनंदन यादव (37) जमुई जिले के सिकंदरा थाना क्षेत्र के पंचमहुआ गांव का रहने वाला है। उसके पिता का नाम राजेंद्र प्रसाद है। उसे 8 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 111(3), 111(4), 111(5), 111(6), 111(7), 336(2), 336(3), 340(2) और 61(2) के तहत मामला दर्ज है। आर्थिक अपराध थाने में दर्ज इस केस में संगठित आपराधिक गतिविधियों से बड़ी मात्रा में संपत्ति बनाने के आरोपों की जांच चल रही है। 17 अन्य सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज पुलिस ने बताया कि यह मामला कुख्यात अपराधी गुड्डू यादव और उसके गिरोह के 17 अन्य सदस्यों के खिलाफ दर्ज किया गया था। आरोप है कि गिरोह के सदस्यों ने पिछले 15-16 सालों में संगठित आपराधिक गतिविधियों से बड़े पैमाने पर संपत्ति जमा की है। इस मामले में कोर्ट से तलाशी वारंट मिलने के बाद पुलिस ने 28 जुलाई 2026 को एक अभियान चलाया था। एसटीएफ, जमुई पुलिस और शेखपुरा जिला पुलिस ने मिलकर गुड्डू यादव और अन्य नामजद आरोपियों के कुल 25 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। इस दौरान कई अहम चीजें बरामद हुईं और पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। जमा की गई संपत्तियों की होगी जांच आर्थिक अपराध इकाई ने निर्देश दिए हैं कि संगठित आर्थिक अपराध से जुड़े आरोपियों, उनके सहयोगियों और उन्हें बचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में उनकी आर्थिक गतिविधियों और जमा की गई संपत्तियों की भी जांच की जा रही है।

