‘मुझे शर्म आती है, मुंबई-गोवा हाईवे के उद्घाटन में नहीं जाऊंगा’: नितिन गडकरी ने की नया रिकॉर्ड बनाने की घोषणा

‘मुझे शर्म आती है, मुंबई-गोवा हाईवे के उद्घाटन में नहीं जाऊंगा’: नितिन गडकरी ने की नया रिकॉर्ड बनाने की घोषणा

Nitin Gadkari: मुंबई-गोवा राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण और चौड़ीकरण में हो रही देरी को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक बार फिर ठेकेदारों और अधिकारियों पर नाराजगी जताई है। करीब डेढ़ दशक से जारी इस परियोजना में हुई देरी पर गडकरी ने फिर सार्वजनिक रूप से असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें इस बात की शर्मिंदगी है कि मुंबई-गोवा हाईवे को पूरा होने में बहुत ज्यादा समय लग रहा है। इसी वजह से उन्होंने औपचारिक उद्घाटन समारोह में शामिल न होने का फैसला किया है।

गोवा के पोरवोरिम में 6-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए गडकरी ने कहा कि मुंबई-गोवा हाईवे के काम में कई ठेकेदार विफल रहे। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें खुद शर्मिंदगी महसूस होती है और वह इस हाईवे के उद्घाटन में शामिल नहीं होंगे। लेकिन वह अक्टूबर में मुंबई एयरपोर्ट से सड़क मार्ग के जरिये गोवा जाएंगे और राजमार्ग का व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण करेंगे।

‘मुझे एक और वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना है’

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ठेकेदारों और अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के संकेत देते हुए कहा कि उनके विभाग के नाम दुनिया में सात वर्ल्ड रिकॉर्ड हैं, लेकिन अब वह एक और रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह ज्यादा से ज्यादा ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट और अधिकारियों को निलंबित करने का रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं।

गडकरी के इस बयान को मुंबई-गोवा हाईवे के निर्माण में लगातार हो रही देरी को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

गडकरी ने यह भी कहा कि हाईवे पूरा होने में हुई देरी के लिए उनकी गलती नहीं है। उन्होंने कहा कि परियोजना में कई ठेकेदार काम पूरा करने में फेल रहे, जिसके कारण निर्माण कार्य लंबे समय तक खिंचता रहा।

440 km लंबे हाईवे का काम 90-95% पूरा

मुंबई-गोवा राष्ट्रीय राजमार्ग की लंबाई करीब 440 किलोमीटर है। गडकरी के मुताबिक, अब इस हाईवे का करीब 90 से 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि हाल ही में इस संबंध में बैठक हुई है और अब अक्टूबर में वह खुद मुंबई से गोवा तक कार से यात्रा करेंगे। इस दौरान वह पूरे हाईवे का निरीक्षण करेंगे और देखेंगे कि सड़क का निर्माण किस तरह किया गया है।

बारिश के बाद हाईवे पर गड्ढे और जलभराव

मुंबई-गोवा हाईवे का चौड़ीकरण लंबे समय से जारी है और इसमें लगातार देरी होती रही है। हाल में अपग्रेड किए गए कुछ हिस्सों में पहली ही मानसूनी बारिश के बाद गड्ढे और सड़क उखड़ने की शिकायतें सामने आई हैं। इसके कारण कई जगहों पर यातायात प्रभावित हो रहा है और वाहन चालकों को जाम का सामना करना पड़ रहा है।

टोल शुरू, लेकिन सुविधाओं पर सवाल

मुंबई-गोवा हाईवे पर खरपाडा टोल प्लाजा से मई में टोल वसूली भी शुरू हो चुकी है। हालांकि, दूसरी ओर हाईवे के कुछ हिस्सों में निर्माण कार्य, मरम्मत, डायवर्जन और यातायात संबंधी समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं।

2021 में बना मंकी ओवरपास भी ढहा

मुंबई-गोवा हाईवे पर सुरक्षा को लेकर भी चिंता सामने आई है। कन्नाला एनिमल सेंक्चुरी के पास 2021 में बनाया गया मंकी ओवरपास ढह गया है। यह ओवरपास बंदरों को सुरक्षित तरीके से सड़क पार कराने के उद्देश्य से बनाया गया था। इसके ढहने से हाईवे परियोजना में निर्माण गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

पोरवोरिम एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्घाटन

गडकरी बुधवार को गोवा के पोरवोरिम में 5.15 किमी लंबे 6-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह में पहुंचे थे। इस परियोजना पर 641.46 करोड़ रुपये की लागत आई है।

मुंबई-गोवा हाईवे को लेकर गडकरी की सख्त टिप्पणी के बाद अब अक्टूबर में उनके प्रस्तावित मुंबई से गोवा सड़क निरीक्षण पर सबकी नजर रहेगी। खास तौर पर यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बचे हुए काम, सड़क की गुणवत्ता और लंबे समय से लंबित परियोजना को लेकर सरकार की ओर से आगे क्या कार्रवाई की जाती है।

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