वाराणसी के मंडुआडीह थाने में लखनऊ के शराब कारोबारी अरविंद कुमार जायसवाल ने मुकदमा दर्ज कराया है। मुकदमा कोडीन कफ सिरप माफिया शुभम जायसवाल के सहयोगी जेल में बंद वैभव जायसवाल, उसकी पत्नी शिवांगी और मां राधिका के नाम पर दर्ज हुई है। आरोप है कि अपना बकाया 8 लाख रुपए मांगने पर पहले शुभम जायसवाल के नाम पर धमकी दी गयी। उसके बाद जब वह पैसा मांगने आया तो उसे बंधक बना लिया और मारपीट की गयी। किसी तरह उनके चंगुल से छूटा तो जान से मुझपर गोली चला दी। फिलहाल पुलिस ने संबंधित धराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल में बंद वैभव की पत्नी और मां की तलाश शुरू कर दी है। शराब की सप्लाई करती थी अरविंद की फर्म लखनऊ के शराब कारोबारी अरविंद जायसवाल ने पुलिस कोई बताया – मेरी बी हाइव एन्क्लेव एलएलपी फर्म लखनऊ में है। मेरी फर्म लखनऊ और वाराणसी में शराब की आपूर्ति करती है। इसी क्रम में वाराणसी की शिवांगी जायसवाल और राधिका जायसवाल ने अपनी फर्म के लिए नियमति रूप से शराब की आपूर्ति कराई थी। लगातार इनके फर्म को हमारी फर्म से सप्लाई हुई और पेमेंट होता था। दोनों कोडीन कफ सिरप माफिया के सहयोगी और जेल में बंद वीभगव जायसवाल की पत्नी और मां हैं। रोक लिया पेमेंट, दी धमकी अरविंद ने बताया – कुछ दिन बाद राधिका और शिवांगी दोनों की फर्म ने मिलकर कुल 8 लाख 66 हजार 845 रुपए रोक लिए। जिसमें शिवांगी की फर्म ने 2 लाख 66 हजार 390 रुपए और राधिका की फर्म ने 6 लाख 455 रुपए रोक लिए। इस पैसे को मैंने कई बार मांगा पर मुझे यह पैसा नहीं दिया गया। उस समय वैभव जायसवाल जेल नहीं गया था। उससे बकाया मांगा तो उसने भगोड़े शुभम जायसवाल के नाम की धमकी दी। पैसे मांगने और आपूर्ति रोकने पर जान से मारने की धमकी दी। 25 मार्च को चला दी गोली अरविंद ने बताया – 25 मार्च को वैभव ने पैसा देने के नाम पर चौकाघाट पर बुलाया था। वहां उसकी पत्नी और मां भी मौजूद थीं। मैंने पैसे मांगे तो उन्होंने मुझे बंधक बनाकर मारापीटा। इसके बाद मै वहां से किसी तरह निकला तो मेरे ऊपर लक्ष्य करके गोली चला दी। पुलिस ने कुछ दिन बाद वैभव को पकड़ लिया। लेकिन लगातार मुझे धमकियां दी जा रही हैं। पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा थानाध्यक्ष दिगंबर उपाध्याय ने बताया – शराब कारोबारी की तहरीर पर बीएनएस की धारा 318(4), 115(2), 351(3), 127(2) और 109(1) में मुकदमा पंजीकृत किया है। वैभव अभी जेल में बंद हैं। उसकी पत्नी और मां की तलाश की जा रही है।

