चंदौली में सदर कोतवाली पुलिस, साइबर और सर्विलांस की संयुक्त टीम ने बुधवार शाम 4:45 बजे एक आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान बिहार के खगड़िया जिले के मानसी थाना क्षेत्र निवासी विजय कुमार राय के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, विजय ने फर्जी रेल कर्मचारी बनकर एसबीआई से 20 लाख रुपए का पर्सनल लोन लिया था। लोन लेने के बाद वह करीब चार साल से बैंक और पुलिस को चकमा दे रहा था। फर्जी दस्तावेज लगाकर लिया था लोन जिला मुख्यालय स्थित एसबीआई की आईटीसी मॉल शाखा से 15 नवंबर 2022 को विजय ने 20 लाख रुपए का पर्सनल लोन लिया था। उसने खुद को रेलवे कर्मचारी बताया था। बैंक में रेलवे की फर्जी पे-स्लिप और दूसरे दस्तावेज जमा किए थे। किस्त जमा नहीं हुई तो खुला फर्जीवाड़ा लोन की किस्तें जमा नहीं होने पर बैंक कर्मचारियों ने लोन लेने वाले का सत्यापन कराया। जांच में पता चला कि विजय कुमार राय रेलवे कर्मचारी नहीं है। उसके द्वारा जमा किए गए दस्तावेज भी फर्जी पाए गए। इसके बाद बैंक की ओर से 14 अगस्त 2026 को सदर कोतवाली में विजय के खिलाफ केस दर्ज कराया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपी पुलिस के हाथ लगा मामले की जांच के दौरान सदर कोतवाली पुलिस ने साइबर और सर्विलांस टीम की मदद ली। बुधवार शाम टीम ने विजय कुमार राय को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, वह लंबे समय से गिरफ्तारी से बच रहा था। कानपुर में रहकर करता था प्राइवेट काम पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह कानपुर में रहकर प्राइवेट काम करता था। उसने रेलवे कर्मचारी बनने के लिए फर्जी पे-स्लिप, रेलवे विभाग का प्रमाण पत्र और दूसरे दस्तावेज तैयार किए थे। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उसने एसबीआई से 20 लाख रुपए का पर्सनल लोन पास कराया था। पुलिस टीम में ये रहे शामिल कार्रवाई करने वाली टीम में सदर कोतवाल बिंदेश्वर प्रसाद पांडेय, दुर्गेश यादव, उमंग राय, राजकुमार सरोज, साइबर सेल प्रभारी मिर्जा रिजवान बेग, संतोष सिंह और मनीष कुमार शामिल रहे।

