हिंदू संगठनों ने भी उठाई शाही-जामा मस्जिद जांच की मांग:बौद्ध मंदिर होने के दावे को दिया समर्थन, CM योगी से उच्चस्तरीय जांच की मांग

हिंदू संगठनों ने भी उठाई शाही-जामा मस्जिद जांच की मांग:बौद्ध मंदिर होने के दावे को दिया समर्थन, CM योगी से उच्चस्तरीय जांच की मांग

मेरठ की शाही जामा मस्जिद को लेकर उठे दावे के बीच अब हिंदू संगठनों ने भी जांच की मांग का समर्थन किया है। हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने भी ASI सर्वे कराने की मांग उठाई है। हाल ही में जिला बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री और वरिष्ठ अधिवक्ता राम कुमार शर्मा ने शाही जामा मस्जिद परिसर की वैज्ञानिक जांच और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) से सर्वे कराने की मांग की है। उन्होंने कमिश्नर और जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई थी । अधिवक्ता राम कुमार शर्मा का दावा है कि वर्तमान शाही जामा मस्जिद के नीचे प्राचीन बौद्ध मठ, विहार अथवा अन्य पुरातात्विक संरचनाएं मौजूद हो सकती हैं। उन्होंने अपने ज्ञापन में मेरठ जिला गजेटियर-1904, चीनी यात्री ह्वेनसांग के यात्रा वृत्तांत और क्षेत्र के प्राचीन इतिहास से जुड़े संदर्भों का हवाला दिया है। हालांकि, इन दावों की अभी आधिकारिक पुरातात्विक पुष्टि नहीं हुई है। हिंदू संगठनों ने भी उठाई जांच की मांग हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही समेत हिंदू संगठनों की ओर से भी ASI सर्वे और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। संगठनों का कहना है कि यदि परिसर से जुड़े ऐतिहासिक दावे हैं तो उनका वैज्ञानिक तरीके से परीक्षण होना चाहिए। साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुगलकाल में कथित रूप से तोड़े गए मंदिरों से जुड़े मामलों की भी उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई है। प्रशासन के स्तर पर मामले में उपलब्ध दस्तावेजों और कानूनी पहलुओं की समीक्षा की जा रही है। फिलहाल शाही जामा मस्जिद के नीचे बौद्ध मठ या मंदिर होने का दावा आधिकारिक रूप से प्रमाणित नहीं है। अब जांच और विशेषज्ञों की रिपोर्ट से ही इन दावों की वास्तविकता स्पष्ट होगी। संरचना में पुराने स्तंभों का भी दावा मामले में इतिहासकार प्रो. केडी शर्मा के पुराने दावे का भी उल्लेख किया गया है। उनके अनुसार शाही जामा मस्जिद की संरचना में ऐसे प्रस्तर स्तंभ और अवशेष दिखाई देते हैं, जो प्राचीन मौर्य या बौद्धकालीन स्थापत्य से मिलते-जुलते हैं। इसी आधार पर विशेषज्ञों से वैज्ञानिक जांच कराने की मांग की गई है। उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति बनाने की मांग अधिवक्ता राम कुमार शर्मा द्वारा दिए गए ज्ञापन में ASI, राज्य पुरातत्व विभाग, इतिहासकारों, पुरातत्वविदों, बौद्ध अध्ययन विशेषज्ञों, भू-विज्ञानियों और जिला प्रशासन की संयुक्त विशेषज्ञ समिति बनाकर जांच कराने की मांग की गई है। मांग है कि वैज्ञानिक और पुरातात्विक जांच के जरिए यह स्पष्ट किया जाए कि मस्जिद परिसर से जुड़े पुराने स्थापत्य और बौद्ध मठ संबंधी दावों में कितनी तथ्यात्मकता है।

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