गंगा पर फ्लोटिंग क्लिनिक, बाढ़ प्रभावितों को 24 घंटे इलाज:खगड़िया में गर्भवती महिलाओं के लिए इमरजेंसी सेवा,मोबाइल हेल्थ सेंटर एक्टिव

गंगा पर फ्लोटिंग क्लिनिक, बाढ़ प्रभावितों को 24 घंटे इलाज:खगड़िया में गर्भवती महिलाओं के लिए इमरजेंसी सेवा,मोबाइल हेल्थ सेंटर एक्टिव

खगड़िया में बाढ़ और जलजमाव के बीच खगड़िया में स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों की दहलीज तक पहुंचाने की अनूठी पहल की गई है। परबत्ता प्रखंड के अगुवानी घाट पर गंगा नदी में राज्य का इकलौता ‘फ्लोटिंग क्लिनिक’ यानी तैरता स्वास्थ्य केंद्र संचालित किया जा रहा है। यह तैरता क्लिनिक बाढ़ प्रभावित और नदी किनारे रहने वाले लोगों के साथ श्रद्धालुओं को भी जरूरत पड़ने पर तत्काल प्राथमिक और आपात चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रहा है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… सावन से लगातार चल रहा फ्लोटिंग क्लिनिक सावन महीने से संचालित यह फ्लोटिंग क्लिनिक 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं दे रहा है। यहां आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी दवाएं, मेडिकल उपकरण और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉक्टर कशिश ने बताया कि क्लिनिक पर एक अनुभवी डॉक्टर और दो स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की गई है। नदी और बाढ़ के बीच तुरंत मिलेगा उपचार फ्लोटिंग क्लिनिक का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को मिलेगा, जिनका बाढ़ के दौरान सड़क संपर्क प्रभावित हो जाता है। नदी के बीच या बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में अचानक तबीयत बिगड़ने पर मरीज को दूर के अस्पताल ले जाने से पहले यहीं तत्काल प्राथमिक और इमरजेंसी उपचार दिया जा सकेगा। गर्भवती महिलाओं के लिए भी विशेष इंतजाम क्लिनिक में गर्भवती महिलाओं की आपात स्थिति को देखते हुए सुरक्षित प्रसव की सुविधा का भी इंतजाम किया गया है। बाढ़ के दौरान सड़क मार्ग से अस्पताल पहुंचने में होने वाली देरी को देखते हुए यह सुविधा काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आपात स्थिति में प्रसूता को तत्काल चिकित्सा सहायता मिलने से जोखिम कम करने में मदद मिलेगी। बोट एंबुलेंस के बाद अब फ्लोटिंग क्लिनिक खगड़िया में बाढ़ प्रभावित लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रयास पहले भी किया जा चुका है। अगस्त 2020 में तत्कालीन जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष के कार्यकाल में जिले में ‘बोट एंबुलेंस’ सेवा शुरू की गई थी। अब उसी तर्ज पर फ्लोटिंग क्लिनिक की शुरुआत की गई है, जो बाढ़ और नदी प्रभावित इलाकों में मोबाइल हेल्थ सेंटर की तरह काम कर रहा है। डीएम बोले- जरूरत के अनुसार मौके पर मिलेगा इलाज खगड़िया के जिलाधिकारी विक्रम विरकर ने बताया कि फ्लोटिंग क्लिनिक का उद्देश्य बाढ़ प्रभावित लोगों तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना है। जहां भी जरूरत होगी, वहां इस माध्यम से समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा। खासकर गर्भवती महिलाओं के लिए सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध रखने का प्रयास किया गया है, ताकि आपात स्थिति में उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े। तैरता स्वास्थ्य केंद्र लोगों के लिए काफी उपयोगी गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव और जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों में सड़क संपर्क बाधित होने की स्थिति में यह तैरता स्वास्थ्य केंद्र लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित हो रहा है। नदी किनारे बसे गांवों और बाढ़ के दौरान मुख्य अस्पतालों से कट जाने वाले क्षेत्रों में तत्काल चिकित्सा सुविधा पहुंचाने में फ्लोटिंग क्लिनिक अहम भूमिका निभा सकता है। खगड़िया में बाढ़ और जलजमाव के बीच खगड़िया में स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों की दहलीज तक पहुंचाने की अनूठी पहल की गई है। परबत्ता प्रखंड के अगुवानी घाट पर गंगा नदी में राज्य का इकलौता ‘फ्लोटिंग क्लिनिक’ यानी तैरता स्वास्थ्य केंद्र संचालित किया जा रहा है। यह तैरता क्लिनिक बाढ़ प्रभावित और नदी किनारे रहने वाले लोगों के साथ श्रद्धालुओं को भी जरूरत पड़ने पर तत्काल प्राथमिक और आपात चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रहा है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… सावन से लगातार चल रहा फ्लोटिंग क्लिनिक सावन महीने से संचालित यह फ्लोटिंग क्लिनिक 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं दे रहा है। यहां आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी दवाएं, मेडिकल उपकरण और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉक्टर कशिश ने बताया कि क्लिनिक पर एक अनुभवी डॉक्टर और दो स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की गई है। नदी और बाढ़ के बीच तुरंत मिलेगा उपचार फ्लोटिंग क्लिनिक का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को मिलेगा, जिनका बाढ़ के दौरान सड़क संपर्क प्रभावित हो जाता है। नदी के बीच या बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में अचानक तबीयत बिगड़ने पर मरीज को दूर के अस्पताल ले जाने से पहले यहीं तत्काल प्राथमिक और इमरजेंसी उपचार दिया जा सकेगा। गर्भवती महिलाओं के लिए भी विशेष इंतजाम क्लिनिक में गर्भवती महिलाओं की आपात स्थिति को देखते हुए सुरक्षित प्रसव की सुविधा का भी इंतजाम किया गया है। बाढ़ के दौरान सड़क मार्ग से अस्पताल पहुंचने में होने वाली देरी को देखते हुए यह सुविधा काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आपात स्थिति में प्रसूता को तत्काल चिकित्सा सहायता मिलने से जोखिम कम करने में मदद मिलेगी। बोट एंबुलेंस के बाद अब फ्लोटिंग क्लिनिक खगड़िया में बाढ़ प्रभावित लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रयास पहले भी किया जा चुका है। अगस्त 2020 में तत्कालीन जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष के कार्यकाल में जिले में ‘बोट एंबुलेंस’ सेवा शुरू की गई थी। अब उसी तर्ज पर फ्लोटिंग क्लिनिक की शुरुआत की गई है, जो बाढ़ और नदी प्रभावित इलाकों में मोबाइल हेल्थ सेंटर की तरह काम कर रहा है। डीएम बोले- जरूरत के अनुसार मौके पर मिलेगा इलाज खगड़िया के जिलाधिकारी विक्रम विरकर ने बताया कि फ्लोटिंग क्लिनिक का उद्देश्य बाढ़ प्रभावित लोगों तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना है। जहां भी जरूरत होगी, वहां इस माध्यम से समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा। खासकर गर्भवती महिलाओं के लिए सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध रखने का प्रयास किया गया है, ताकि आपात स्थिति में उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े। तैरता स्वास्थ्य केंद्र लोगों के लिए काफी उपयोगी गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव और जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों में सड़क संपर्क बाधित होने की स्थिति में यह तैरता स्वास्थ्य केंद्र लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित हो रहा है। नदी किनारे बसे गांवों और बाढ़ के दौरान मुख्य अस्पतालों से कट जाने वाले क्षेत्रों में तत्काल चिकित्सा सुविधा पहुंचाने में फ्लोटिंग क्लिनिक अहम भूमिका निभा सकता है।  

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