दरभंगा। रैयाम चीनी मिल परिसर स्थित निरीक्षण भवन में बुधवार को राज्य योजना के तहत गन्ना प्रौद्योगिकी विस्तार कार्यक्रम 2026-27 के अंतर्गत एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें करीब 350 गन्ना उत्पादक किसानों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को वैज्ञानिक और उन्नत तकनीक अपनाकर गन्ने की खेती करने, उत्पादन बढ़ाने तथा फसल की गुणवत्ता बेहतर करने के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में कृषि विज्ञान केंद्र, जाले के वरीय वैज्ञानिक ने किसानों को गुणवत्तापूर्ण गन्ना बीज के चयन से लेकर बीज उपचार, सिंचाई प्रबंधन, खाद एवं उर्वरक के संतुलित प्रयोग और कीट एवं रोग नियंत्रण की वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी दी। किसानों को बताया गया कि बेहतर उत्पादन के लिए खेती के प्रत्येक चरण में वैज्ञानिक पद्धति अपनाना जरूरी है। गन्ना क्षेत्र विस्तार और यंत्रीकरण योजना का लाभ लेने की अपील सहायक निदेशक, ईख विकास ने किसानों को गन्ना उद्योग विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने किसानों से गन्ने के क्षेत्र का विस्तार करने के साथ यंत्रीकरण योजना का लाभ उठाने की अपील की। साथ ही किसानों से समय पर गन्ना पंजीकरण कराने को कहा, ताकि उन्हें विभागीय योजनाओं और चीनी मिल से जुड़ी सुविधाओं का लाभ मिल सके। 2028 तक रैयाम और सकरी मिल चालू करने की तैयारी कार्यक्रम में इंडियन पोटाश लिमिटेड के केन हेड/प्रतिनिधि विनोद कुमार तिवारी ने कहा कि कंपनी रैयाम और सकरी चीनी मिलों को वर्ष 2028 तक निर्धारित गन्ना लक्ष्य की पूर्ति के साथ चालू करने की दिशा में काम कर रही है। दोनों चीनी मिलों के संचालन के लिए करीब 50 लाख क्विंटल गन्ने की आवश्यकता होगी। इसके लिए लगभग 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की खेती जरूरी होगी। उन्होंने बताया कि चालू वर्ष में करीब 5 हजार एकड़ क्षेत्र में बीज के लिए गन्ने की खेती कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके आधार पर अगले वर्ष लगभग 25 हजार एकड़ में गन्ने की खेती का विस्तार करने की योजना है। कंपनी की ओर से किसानों को उन्नत तकनीक के साथ आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा। डीएम और विधायक ने मिल के संयुक्त कार्यालय के लिए सौंपी चाभी कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी कौशल कुमार और दरभंगा ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेश कुमार मंडल ने गन्ना उद्योग विभाग एवं चीनी मिल के संयुक्त कार्यालय के संचालन के लिए निरीक्षण भवन की चाभी मिल प्रतिनिधि को सौंपी। अब इस भवन में गन्ना उद्योग विभाग और चीनी मिल से संबंधित कार्यालय का संचालन किया जाएगा। रैयाम में कार्यालय शुरू होने से स्थानीय किसानों को गन्ना पंजीकरण, विभागीय योजनाओं, गन्ना क्षेत्र विस्तार, यंत्रीकरण और खेती से जुड़ी तकनीकी जानकारी के लिए स्थानीय स्तर पर सुविधा उपलब्ध होगी। इससे किसानों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूर स्थित कार्यालयों का चक्कर लगाने से भी राहत मिलने की उम्मीद है। जल्द होगा रैयाम और सकरी मिलों का शिलान्यास डीएम कौशल कुमार ने कहा कि रैयाम और सकरी चीनी मिल का शिलान्यास जल्द होने वाला है। बिहार कैबिनेट की ओर से इंडियन पोटाश लिमिटेड को दोनों चीनी मिलों से संबंधित कार्य आगे बढ़ाने के लिए निर्देशित किया गया है। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक क्षेत्र में गन्ने की खेती करने और वैज्ञानिक तकनीक अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि दोनों चीनी मिलों के संचालन के लिए पर्याप्त मात्रा में गन्ने की उपलब्धता जरूरी है। इसके लिए किसानों को अभी से गन्ने की खेती के क्षेत्र का विस्तार करने और बेहतर उत्पादन वाली तकनीक अपनाने की दिशा में काम करना होगा। मिल तक गन्ना पहुंचाने की समस्या दूर करने पर भी जोर डीएम ने कहा कि किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गन्ने को खेत से चीनी मिल तक पहुंचाने में आने वाली समस्याओं को दूर करने के लिए क्षेत्र की सड़कों के चौड़ीकरण और आवश्यक आधारभूत संरचना के विकास की दिशा में भी काम किया जाएगा। इससे भविष्य में गन्ने की ढुलाई को आसान बनाने में मदद मिलेगी। रैयाम में कार्यालय संचालन शुरू होने के बाद किसानों को गन्ना पंजीकरण से लेकर विभागीय योजनाओं, क्षेत्र विस्तार, यंत्रीकरण और तकनीकी मार्गदर्शन से जुड़ी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर मिलने लगेंगी। अधिकारियों के अनुसार, इसका उद्देश्य मिलों के संचालन की तैयारी के साथ-साथ किसानों को गन्ना उत्पादन के लिए आवश्यक संसाधन और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराना है। अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और किसानों की रही मौजूदगी कार्यक्रम में सहायक समाहर्ता कल्पना रावत, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, ईख पदाधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्र जाले के वैज्ञानिक, इंडियन पोटाश लिमिटेड के प्रतिनिधि विनोद कुमार तिवारी, स्थानीय मुखिया, पैक्स अध्यक्ष सहित विभागीय अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गन्ना उत्पादक किसानों ने भाग लेकर खेती से जुड़ी तकनीकी जानकारी प्राप्त की। दरभंगा। रैयाम चीनी मिल परिसर स्थित निरीक्षण भवन में बुधवार को राज्य योजना के तहत गन्ना प्रौद्योगिकी विस्तार कार्यक्रम 2026-27 के अंतर्गत एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें करीब 350 गन्ना उत्पादक किसानों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को वैज्ञानिक और उन्नत तकनीक अपनाकर गन्ने की खेती करने, उत्पादन बढ़ाने तथा फसल की गुणवत्ता बेहतर करने के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में कृषि विज्ञान केंद्र, जाले के वरीय वैज्ञानिक ने किसानों को गुणवत्तापूर्ण गन्ना बीज के चयन से लेकर बीज उपचार, सिंचाई प्रबंधन, खाद एवं उर्वरक के संतुलित प्रयोग और कीट एवं रोग नियंत्रण की वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी दी। किसानों को बताया गया कि बेहतर उत्पादन के लिए खेती के प्रत्येक चरण में वैज्ञानिक पद्धति अपनाना जरूरी है। गन्ना क्षेत्र विस्तार और यंत्रीकरण योजना का लाभ लेने की अपील सहायक निदेशक, ईख विकास ने किसानों को गन्ना उद्योग विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने किसानों से गन्ने के क्षेत्र का विस्तार करने के साथ यंत्रीकरण योजना का लाभ उठाने की अपील की। साथ ही किसानों से समय पर गन्ना पंजीकरण कराने को कहा, ताकि उन्हें विभागीय योजनाओं और चीनी मिल से जुड़ी सुविधाओं का लाभ मिल सके। 2028 तक रैयाम और सकरी मिल चालू करने की तैयारी कार्यक्रम में इंडियन पोटाश लिमिटेड के केन हेड/प्रतिनिधि विनोद कुमार तिवारी ने कहा कि कंपनी रैयाम और सकरी चीनी मिलों को वर्ष 2028 तक निर्धारित गन्ना लक्ष्य की पूर्ति के साथ चालू करने की दिशा में काम कर रही है। दोनों चीनी मिलों के संचालन के लिए करीब 50 लाख क्विंटल गन्ने की आवश्यकता होगी। इसके लिए लगभग 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की खेती जरूरी होगी। उन्होंने बताया कि चालू वर्ष में करीब 5 हजार एकड़ क्षेत्र में बीज के लिए गन्ने की खेती कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके आधार पर अगले वर्ष लगभग 25 हजार एकड़ में गन्ने की खेती का विस्तार करने की योजना है। कंपनी की ओर से किसानों को उन्नत तकनीक के साथ आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा। डीएम और विधायक ने मिल के संयुक्त कार्यालय के लिए सौंपी चाभी कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी कौशल कुमार और दरभंगा ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेश कुमार मंडल ने गन्ना उद्योग विभाग एवं चीनी मिल के संयुक्त कार्यालय के संचालन के लिए निरीक्षण भवन की चाभी मिल प्रतिनिधि को सौंपी। अब इस भवन में गन्ना उद्योग विभाग और चीनी मिल से संबंधित कार्यालय का संचालन किया जाएगा। रैयाम में कार्यालय शुरू होने से स्थानीय किसानों को गन्ना पंजीकरण, विभागीय योजनाओं, गन्ना क्षेत्र विस्तार, यंत्रीकरण और खेती से जुड़ी तकनीकी जानकारी के लिए स्थानीय स्तर पर सुविधा उपलब्ध होगी। इससे किसानों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूर स्थित कार्यालयों का चक्कर लगाने से भी राहत मिलने की उम्मीद है। जल्द होगा रैयाम और सकरी मिलों का शिलान्यास डीएम कौशल कुमार ने कहा कि रैयाम और सकरी चीनी मिल का शिलान्यास जल्द होने वाला है। बिहार कैबिनेट की ओर से इंडियन पोटाश लिमिटेड को दोनों चीनी मिलों से संबंधित कार्य आगे बढ़ाने के लिए निर्देशित किया गया है। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक क्षेत्र में गन्ने की खेती करने और वैज्ञानिक तकनीक अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि दोनों चीनी मिलों के संचालन के लिए पर्याप्त मात्रा में गन्ने की उपलब्धता जरूरी है। इसके लिए किसानों को अभी से गन्ने की खेती के क्षेत्र का विस्तार करने और बेहतर उत्पादन वाली तकनीक अपनाने की दिशा में काम करना होगा। मिल तक गन्ना पहुंचाने की समस्या दूर करने पर भी जोर डीएम ने कहा कि किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गन्ने को खेत से चीनी मिल तक पहुंचाने में आने वाली समस्याओं को दूर करने के लिए क्षेत्र की सड़कों के चौड़ीकरण और आवश्यक आधारभूत संरचना के विकास की दिशा में भी काम किया जाएगा। इससे भविष्य में गन्ने की ढुलाई को आसान बनाने में मदद मिलेगी। रैयाम में कार्यालय संचालन शुरू होने के बाद किसानों को गन्ना पंजीकरण से लेकर विभागीय योजनाओं, क्षेत्र विस्तार, यंत्रीकरण और तकनीकी मार्गदर्शन से जुड़ी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर मिलने लगेंगी। अधिकारियों के अनुसार, इसका उद्देश्य मिलों के संचालन की तैयारी के साथ-साथ किसानों को गन्ना उत्पादन के लिए आवश्यक संसाधन और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराना है। अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और किसानों की रही मौजूदगी कार्यक्रम में सहायक समाहर्ता कल्पना रावत, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, ईख पदाधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्र जाले के वैज्ञानिक, इंडियन पोटाश लिमिटेड के प्रतिनिधि विनोद कुमार तिवारी, स्थानीय मुखिया, पैक्स अध्यक्ष सहित विभागीय अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गन्ना उत्पादक किसानों ने भाग लेकर खेती से जुड़ी तकनीकी जानकारी प्राप्त की।

