खेल प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें निखारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ‘मशाल’ परियोजना के तहत मास्टर ट्रेनर्स के लिए दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन राजगीर खेल अकादमी में आज से होगा। इस गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राज्यभर से चयनित प्रशिक्षकों को आधुनिक खेल मूल्यांकन तकनीकों, बैटरी टेस्ट और डिजिटल रिपोर्टिंग प्रणाली में पूरी तरह दक्ष बनाना है, ताकि वे धरातल पर प्रतिभा खोज अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित कर सकें। डिजिटल पोर्टल पर पंजीकरण और रोल नंबर आवंटन के साथ होगी शुरुआत कार्यशाला के पहले दिन की शुरुआत प्रतिभागियों के डिजिटल पोर्टल पर पंजीकरण और रोल नंबर आवंटन के साथ होगी। इसके पश्चात तकनीकी सहयोगी संस्था अर्न्स्ट एंड यंग द्वारा मशाल परियोजना के दूरगामी विजन, उद्देश्यों और संचालन रणनीति पर विस्तृत परिचर्चा सत्र आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण को व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए सभी प्रशिक्षुओं को रोल नंबर के आधार पर तीन अलग-अलग वर्गों—कक्षा 1 (रोल 1 से 50), कक्षा 2 (रोल 51 से 100) और कक्षा 3 (रोल 101 से अधिक) में विभाजित किया गया है। ट्रेनर्स को फिटनेस आकलन समेत अन्य बारीकियों से कराया जाएगा अवगत रोटेशन प्रणाली के तहत आयोजित इन सत्रों में एक ओर जहां प्रशिक्षकों को बैटरी टेस्ट के व्यावहारिक मानकों, शारीरिक मापदंडों और फिटनेस आकलन की बारीकियों से अवगत कराया जाएगा, वहीं दूसरी ओर डिजिटल पोर्टल पर खिलाड़ियों का डेटा संधारित करने की तकनीकी प्रक्रिया समझाई जाएगी। इन तकनीकी सत्रों के सफल संचालन में खेल प्रशिक्षक राजीव लोचन, हुसैन एसके, रवि रावत, खुशबू कुमारी, सौरभ, चंदन दास, विशाल मौलिक, आलोक पांडेय, अभिषेक कुमार, कुमार आनंद, मुकेश, सुधांशु, जागृति और श्याम कुमार चौधरी प्रमुख भूमिका निभाएंगे। वहीं पोर्टल संचालन से जुड़े तकनीकी सत्रों का नेतृत्व नवीन, इम्तियाज, खेमराज, शिवम, पीयूष और यश की तकनीकी टीम द्वारा किया जाएगा। ऑन-ग्राउंड बैटरी टेस्ट का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया जाएगा कार्यशाला के दूसरे दिन सभी वर्गों के प्रशिक्षुओं के लिए ऑन-ग्राउंड बैटरी टेस्ट का व्यावहारिक अभ्यास कराया जाएगा, जिसमें प्रत्येक खेल विधा के अनुसार फिटनेस मानकों की जांच की जाएगी। कार्यक्रम के समापन सत्र में सभागार में एक संयुक्त प्रश्नोत्तरी व संशय निवारण सत्र आयोजित होगा, जिसमें डिजिटल पोर्टल और फील्ड मूल्यांकन से जुड़े सभी तकनीकी सवालों का मौके पर ही समाधान किया जाएगा, ताकि प्रशिक्षण प्राप्त मास्टर ट्रेनर अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को सटीक रूप से तराश सकें। खेल प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें निखारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ‘मशाल’ परियोजना के तहत मास्टर ट्रेनर्स के लिए दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन राजगीर खेल अकादमी में आज से होगा। इस गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राज्यभर से चयनित प्रशिक्षकों को आधुनिक खेल मूल्यांकन तकनीकों, बैटरी टेस्ट और डिजिटल रिपोर्टिंग प्रणाली में पूरी तरह दक्ष बनाना है, ताकि वे धरातल पर प्रतिभा खोज अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित कर सकें। डिजिटल पोर्टल पर पंजीकरण और रोल नंबर आवंटन के साथ होगी शुरुआत कार्यशाला के पहले दिन की शुरुआत प्रतिभागियों के डिजिटल पोर्टल पर पंजीकरण और रोल नंबर आवंटन के साथ होगी। इसके पश्चात तकनीकी सहयोगी संस्था अर्न्स्ट एंड यंग द्वारा मशाल परियोजना के दूरगामी विजन, उद्देश्यों और संचालन रणनीति पर विस्तृत परिचर्चा सत्र आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण को व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए सभी प्रशिक्षुओं को रोल नंबर के आधार पर तीन अलग-अलग वर्गों—कक्षा 1 (रोल 1 से 50), कक्षा 2 (रोल 51 से 100) और कक्षा 3 (रोल 101 से अधिक) में विभाजित किया गया है। ट्रेनर्स को फिटनेस आकलन समेत अन्य बारीकियों से कराया जाएगा अवगत रोटेशन प्रणाली के तहत आयोजित इन सत्रों में एक ओर जहां प्रशिक्षकों को बैटरी टेस्ट के व्यावहारिक मानकों, शारीरिक मापदंडों और फिटनेस आकलन की बारीकियों से अवगत कराया जाएगा, वहीं दूसरी ओर डिजिटल पोर्टल पर खिलाड़ियों का डेटा संधारित करने की तकनीकी प्रक्रिया समझाई जाएगी। इन तकनीकी सत्रों के सफल संचालन में खेल प्रशिक्षक राजीव लोचन, हुसैन एसके, रवि रावत, खुशबू कुमारी, सौरभ, चंदन दास, विशाल मौलिक, आलोक पांडेय, अभिषेक कुमार, कुमार आनंद, मुकेश, सुधांशु, जागृति और श्याम कुमार चौधरी प्रमुख भूमिका निभाएंगे। वहीं पोर्टल संचालन से जुड़े तकनीकी सत्रों का नेतृत्व नवीन, इम्तियाज, खेमराज, शिवम, पीयूष और यश की तकनीकी टीम द्वारा किया जाएगा। ऑन-ग्राउंड बैटरी टेस्ट का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया जाएगा कार्यशाला के दूसरे दिन सभी वर्गों के प्रशिक्षुओं के लिए ऑन-ग्राउंड बैटरी टेस्ट का व्यावहारिक अभ्यास कराया जाएगा, जिसमें प्रत्येक खेल विधा के अनुसार फिटनेस मानकों की जांच की जाएगी। कार्यक्रम के समापन सत्र में सभागार में एक संयुक्त प्रश्नोत्तरी व संशय निवारण सत्र आयोजित होगा, जिसमें डिजिटल पोर्टल और फील्ड मूल्यांकन से जुड़े सभी तकनीकी सवालों का मौके पर ही समाधान किया जाएगा, ताकि प्रशिक्षण प्राप्त मास्टर ट्रेनर अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को सटीक रूप से तराश सकें।

