झांसी में बेतवा नदी में डूबे दोनों भाइयों के शव बुधवार को बरामद हो गए। आज सुबह लगभग 7 बजे पहले छोटे भाई मनीष रायकवार (20) का शव दिखा। इसके 6 घंटे बाद बड़े भाई महेंद्र रायकवार (24) का शव बरामद हो गया। दोनों शव बहकर लगभग दो किलोमीटर दूर नदी किनारे पहुंच चुके थे। गोताखोरों की मदद से शवों को बाहर निकलवाया गया। पुलिस ने पंचनामा भरकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पूरा मामला बरुआसागर थाना क्षेत्र का है। पिता के साथ नदी पर गए थे महेंद्र रायकवार (24) और मनीष रायकवार (20) बरुआसागर के कटरा मोहल्ले के रहने वाले थे। उनके पिता राजू रायकवार ने बेतवा नदी में मछली पकड़ने का ठेका लिया है। राजू के 3 बेटे महेंद्र (24), मनीष (20) और अमित (17) थे। एक बेटे महेंद्र की शादी नेहा से हुई थी। उसके दो बेटे कुलदीप (5) व धीरज (3) हैं। महेंद्र और मनीष पिता के काम में हाथ बटाते थे। मृतक के जीजा बृजेंद्र ने बताया- मंगलवार सुबह राजू अपने दो बेटों महेंद्र और मनीष के साथ नदी पर पहुंचा था। वह थोड़ा काम में व्यस्त हो गया। इस दौरान सुबह लगभग 7 बजे महेंद्र और मनीष नाव लेकर नदी में उतर गए। तेज बहाव होने के कारण दोनों नाव नहीं संभाल और देखते ही देखते नाव पलट गई। डूब चुके थे दोनों भाई जीजा बृजेंद्र ने आगे बताया- महेंद्र और उसके भाई मनीष को तैरना नहीं आता था। पिता राजू को भी तैरना नहीं आता था। नदी के किनारे बेबस खड़ा पिता राजू दोनों बेटों को डूबते हुए देखकर फूट फूटकर रोने लगा। आसपास के लोग दूसरी नाव लेकर नदी में उतर गए। आधे दूर तक पहुंचे, लेकिन तब तक दोनों पानी में समा गए। इसके बाद वे नजर नहीं आए। सूचना पर पूरा गांव पहुंच गया और तलाश में जुट गए। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम भी आ गई। अंधेरा होने की वजह से रेस्क्यू अभियान बंद करना पड़ा। दोनों भाइयों के शव नदी में मिले जीजा ने आगे बताया- आज सुबह लगभग 7 बजे दो किलोमीटर दूर मनीष का शव दिखा। पुलिस ने मनीष के शव को कब्जे में लेकर महेंद्र की तलाश जारी रखी। इसके लगभग 6 घंटे बाद महेंद्र का शव भी बरामद हो गया। दोनों के शव मिलने के बाद घर में मातम छाया है।

