भागलपुर में बाढ़ के पानी में डूबे स्कूल:घुटने भर पानी से होकर क्लास तक पहुंच रहे बच्चे, अभिभावक कर रहे छुट्‌टी की मांग

भागलपुर में बाढ़ के पानी में डूबे स्कूल:घुटने भर पानी से होकर क्लास तक पहुंच रहे बच्चे, अभिभावक कर रहे छुट्‌टी की मांग

भागलपुर जिले के नाथनगर में गंगा का जलस्तर बढ़ने और लगातार बारिश होने से कई सरकारी स्कूलों की व्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है। बेलखुरिया, मनिहारी और मनियारपुर के स्कूलों में बाढ़ और बारिश का पानी घुस गया है। कई जगहों पर घुटने भर से लेकर कई फीट तक पानी जमा है। इस वजह से बच्चों का स्कूल पहुंचना और कक्षाओं तक जाना मुश्किल हो गया है। पानी जमा होने के कारण छात्र-छात्राओं के आने-जाने से उनकी सुरक्षा को लेकर भी अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। अभिभावक जल निकासी और छुट्टी की मांग कर रहे हैं। बेलखुरिया पंचायत के मध्य विद्यालय बेलखुरिया की हालत सबसे ज्यादा चिंताजनक है। स्कूल परिसर में घुटने तक पानी जमा है। मुख्य गेट से लेकर स्कूल के अंदर तक पानी फैला हुआ है। तस्वीरों में कई बच्चे कंधे पर स्कूल बैग लेकर पानी के बीच से गुजरते दिख रहे हैं। पानी के बीच से बच्चों का आना-जाना खतरनाक है। खासकर छोटे बच्चों को फिसलने, गिरने या पानी में किसी दुर्घटना का डर है। देखें कुछ तस्वीरें… क्लास तक जाना नामुमकिन लगता है कक्षा आठ की छात्रा नीतू कुमारी ने बताया कि स्कूल परिसर के बाहर बहुत पानी जमा है। पैदल चलकर अंदर जाना लगभग नामुमकिन हो गया है। कक्षाओं तक पहुंचने में भी परेशानी हो रही है। छात्राओं का कहना है कि जब तक पानी नहीं निकलता, तब तक या तो स्कूल में तुरंत पानी निकालने का इंतजाम किया जाए या हालात सामान्य होने तक छुट्टी दी जाए।
मनिहारी विद्यालय में क्लास तक पहुंचा पानी

लगातार हुई बारिश का असर मध्य विद्यालय मनिहारी में भी देखने को मिला। रातभर हुई मूसलाधार बारिश के बाद विद्यालय परिसर और कक्षाओं में भारी जलजमाव हो गया। कई फीट तक पानी जमा होने के कारण विद्यालय में पठन-पाठन का कार्य प्रभावित हो गया है।
विद्यालय की शिक्षिका अनामिका गुप्ता, बीपीएससी टीआरई-1 ने बताया कि एक दिन पहले तक पानी का स्तर कम था, लेकिन रातभर हुई तेज बारिश के बाद स्थिति काफी खराब हो गई। शिक्षक और बच्चे विद्यालय पहुंचे जरूर हैं, लेकिन जलजमाव के बीच सामान्य रूप से कक्षाएं संचालित करना मुश्किल है। उन्होंने बताया कि प्रभारी और वरिष्ठ शिक्षक के विद्यालय पहुंचने के बाद स्थिति से संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। जलजमाव के कारण विद्यालय के संचालन को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। बच्चों की यूनिफॉर्म, किताब-कॉपी और स्कूल बैग भी पानी से भीगने का खतरा बना हुआ है।
मिट्टी भरकर विद्यालय परिसर ऊंचा करने की मांग
नाथनगर प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय मनियारपुर में भी गंगा का बढ़ता पानी प्रवेश कर गया है। विद्यालय परिसर में घुटने से अधिक पानी जमा होने के कारण पठन-पाठन पूरी तरह प्रभावित है। विद्यालय के शौचालय सहित कई बुनियादी सुविधाएं भी पानी में डूब गई हैं।
विद्यालय के विशिष्ट शिक्षक मनोज प्रसाद यादव ने बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ हर साल विद्यालय को बाढ़ की समस्या का सामना करना पड़ता है। पानी भर जाने से खासकर छोटे बच्चों का विद्यालय आना जोखिम भरा हो जाता है। उन्होंने कहा कि केवल तत्काल राहत से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि विद्यालय को बाढ़ से सुरक्षित करने के लिए स्थायी उपाय जरूरी है।
शिक्षक मनोज प्रसाद यादव ने बिहार सरकार और मुख्यमंत्री से विद्यालय की समस्या का स्थायी समाधान कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि विद्यालय परिसर में पर्याप्त मिट्टी भरकर इसे ऊंचा कर दिया जाए तो राहत मिलेगी। भागलपुर जिले के नाथनगर में गंगा का जलस्तर बढ़ने और लगातार बारिश होने से कई सरकारी स्कूलों की व्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है। बेलखुरिया, मनिहारी और मनियारपुर के स्कूलों में बाढ़ और बारिश का पानी घुस गया है। कई जगहों पर घुटने भर से लेकर कई फीट तक पानी जमा है। इस वजह से बच्चों का स्कूल पहुंचना और कक्षाओं तक जाना मुश्किल हो गया है। पानी जमा होने के कारण छात्र-छात्राओं के आने-जाने से उनकी सुरक्षा को लेकर भी अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। अभिभावक जल निकासी और छुट्टी की मांग कर रहे हैं। बेलखुरिया पंचायत के मध्य विद्यालय बेलखुरिया की हालत सबसे ज्यादा चिंताजनक है। स्कूल परिसर में घुटने तक पानी जमा है। मुख्य गेट से लेकर स्कूल के अंदर तक पानी फैला हुआ है। तस्वीरों में कई बच्चे कंधे पर स्कूल बैग लेकर पानी के बीच से गुजरते दिख रहे हैं। पानी के बीच से बच्चों का आना-जाना खतरनाक है। खासकर छोटे बच्चों को फिसलने, गिरने या पानी में किसी दुर्घटना का डर है। देखें कुछ तस्वीरें… क्लास तक जाना नामुमकिन लगता है कक्षा आठ की छात्रा नीतू कुमारी ने बताया कि स्कूल परिसर के बाहर बहुत पानी जमा है। पैदल चलकर अंदर जाना लगभग नामुमकिन हो गया है। कक्षाओं तक पहुंचने में भी परेशानी हो रही है। छात्राओं का कहना है कि जब तक पानी नहीं निकलता, तब तक या तो स्कूल में तुरंत पानी निकालने का इंतजाम किया जाए या हालात सामान्य होने तक छुट्टी दी जाए।
मनिहारी विद्यालय में क्लास तक पहुंचा पानी

लगातार हुई बारिश का असर मध्य विद्यालय मनिहारी में भी देखने को मिला। रातभर हुई मूसलाधार बारिश के बाद विद्यालय परिसर और कक्षाओं में भारी जलजमाव हो गया। कई फीट तक पानी जमा होने के कारण विद्यालय में पठन-पाठन का कार्य प्रभावित हो गया है।
विद्यालय की शिक्षिका अनामिका गुप्ता, बीपीएससी टीआरई-1 ने बताया कि एक दिन पहले तक पानी का स्तर कम था, लेकिन रातभर हुई तेज बारिश के बाद स्थिति काफी खराब हो गई। शिक्षक और बच्चे विद्यालय पहुंचे जरूर हैं, लेकिन जलजमाव के बीच सामान्य रूप से कक्षाएं संचालित करना मुश्किल है। उन्होंने बताया कि प्रभारी और वरिष्ठ शिक्षक के विद्यालय पहुंचने के बाद स्थिति से संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। जलजमाव के कारण विद्यालय के संचालन को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। बच्चों की यूनिफॉर्म, किताब-कॉपी और स्कूल बैग भी पानी से भीगने का खतरा बना हुआ है।
मिट्टी भरकर विद्यालय परिसर ऊंचा करने की मांग
नाथनगर प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय मनियारपुर में भी गंगा का बढ़ता पानी प्रवेश कर गया है। विद्यालय परिसर में घुटने से अधिक पानी जमा होने के कारण पठन-पाठन पूरी तरह प्रभावित है। विद्यालय के शौचालय सहित कई बुनियादी सुविधाएं भी पानी में डूब गई हैं।
विद्यालय के विशिष्ट शिक्षक मनोज प्रसाद यादव ने बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ हर साल विद्यालय को बाढ़ की समस्या का सामना करना पड़ता है। पानी भर जाने से खासकर छोटे बच्चों का विद्यालय आना जोखिम भरा हो जाता है। उन्होंने कहा कि केवल तत्काल राहत से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि विद्यालय को बाढ़ से सुरक्षित करने के लिए स्थायी उपाय जरूरी है।
शिक्षक मनोज प्रसाद यादव ने बिहार सरकार और मुख्यमंत्री से विद्यालय की समस्या का स्थायी समाधान कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि विद्यालय परिसर में पर्याप्त मिट्टी भरकर इसे ऊंचा कर दिया जाए तो राहत मिलेगी।  

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