दरभंगा में मंगलवार को 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार से झुलसकर मजदूर की मौत हो गई। मृतक कुनौनी गांव के रहने वाले रंजीत शर्मा (35) है। जो संकन्हाई गांव में एक किसान के निर्माणाधीन मकान में मजदूरी करने गए थे। इसी दौरान बारिश होने लगी और उन्हें करंट लगा गया। स्थानीय लोगों ने बिरौल अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया, पर जान नहीं बची। परिजन इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा भी किया। घटना गौड़ाबौराम प्रखंड के संकन्हाई गांव की है। तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
वार्ड सदस्य लक्ष्मण पोद्दार ने आरोप लगाया कि रंजीत मेरे वार्ड का रहने वाला था। वह मंगलवार को काम करने गया था। बारिश के दौरान 11 हजार वोल्ट के करंट की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गया। लक्ष्मण पोद्दार ने कहा कि यदि रंजीत का समय पर इलाज हो जाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि 35 वर्षीय युवक की मौत से उसके तीन बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। सदमे में पत्नी बार-बार हो रही थी बेहोश
पत्नी ललिता देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। वह बार-बार बेहोश हो जा रही थीं। रोते हुए वह कह रही थीं कि अब तीनों बच्चों का पालन-पोषण कौन करेगा, उन्हें कौन पढ़ाएगा और परिवार का खर्च कैसे चलेगा। परिजनों के मुताबिक रंजीत ही मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। मृतक के परिवार में पत्नी ललिता देवी, तीन पुत्र और अन्य परिजन हैं। दरभंगा में मंगलवार को 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार से झुलसकर मजदूर की मौत हो गई। मृतक कुनौनी गांव के रहने वाले रंजीत शर्मा (35) है। जो संकन्हाई गांव में एक किसान के निर्माणाधीन मकान में मजदूरी करने गए थे। इसी दौरान बारिश होने लगी और उन्हें करंट लगा गया। स्थानीय लोगों ने बिरौल अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया, पर जान नहीं बची। परिजन इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा भी किया। घटना गौड़ाबौराम प्रखंड के संकन्हाई गांव की है। तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
वार्ड सदस्य लक्ष्मण पोद्दार ने आरोप लगाया कि रंजीत मेरे वार्ड का रहने वाला था। वह मंगलवार को काम करने गया था। बारिश के दौरान 11 हजार वोल्ट के करंट की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गया। लक्ष्मण पोद्दार ने कहा कि यदि रंजीत का समय पर इलाज हो जाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि 35 वर्षीय युवक की मौत से उसके तीन बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। सदमे में पत्नी बार-बार हो रही थी बेहोश
पत्नी ललिता देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। वह बार-बार बेहोश हो जा रही थीं। रोते हुए वह कह रही थीं कि अब तीनों बच्चों का पालन-पोषण कौन करेगा, उन्हें कौन पढ़ाएगा और परिवार का खर्च कैसे चलेगा। परिजनों के मुताबिक रंजीत ही मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। मृतक के परिवार में पत्नी ललिता देवी, तीन पुत्र और अन्य परिजन हैं।

