WHO ने Bhutan को रेबीज मुक्त घोषित किया, जानें कुत्ते के काटने के बाद कब लगवाना चाहिए इंजेक्शन

WHO ने Bhutan को रेबीज मुक्त घोषित किया, जानें कुत्ते के काटने के बाद कब लगवाना चाहिए इंजेक्शन

Rabies Symptoms: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भूटान को कुत्तों से इंसानों में फैलने वाले रेबीज को खत्म करने वाले देश के रूप में मान्यता दी है। WHO के अनुसार, भूटान दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र का पहला देश है जिसने कुत्तों से इंसानों में फैलने वाले रेबीज को सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में खत्म किया है। इसके लिए भूटान ने लंबे समय तक कुत्तों के टीकाकरण, बीमारी की निगरानी और लोगों के इलाज पर काम किया। आइए जानते हैं कि भूटान ने रेबीज को खत्म करने में कैसे सफलता हासिल की और कुत्ते के काटने या खरोंचने के बाद समय पर इलाज लेना क्यों जरूरी है।

रेबीज क्या होता है

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, रेबीज एक वायरल बीमारी है। इसके लक्षण दिखाई देने के बाद यह बीमारी लगभग हमेशा जानलेवा होती है। हालांकि, किसी संक्रमित जानवर के संपर्क में आने के बाद समय पर सही इलाज मिलने से रेबीज से होने वाली मौत को रोका जा सकता है।

कुत्ते से इंसानों में कैसे फैलता है रेबीज

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, इंसानों में रेबीज के ज्यादातर मामले संक्रमित जानवरों के संपर्क में आने से होते हैं। कुत्ते इंसानों में रेबीज फैलाने वाले सबसे प्रमुख जानवर हैं। संक्रमित कुत्ते के काटने या खरोंचने से वायरस शरीर में पहुंच सकता है। इसलिए रेबीज को रोकने के लिए कुत्तों का बड़े स्तर पर टीकाकरण बहुत जरूरी है।

कुत्ते के काटने या खरोंचने पर क्या करें

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति को ऐसे जानवर ने काटा या खरोंचा है जिससे रेबीज होने की आशंका है, तो उसे तुरंत घाव को साबुन और पानी से कम से कम 15 मिनट तक अच्छी तरह धोना चाहिए। इसके बाद डॉक्टर की सलाह के अनुसार रेबीज से बचाव के लिए वैक्सीन और जरूरत पड़ने पर अन्य जरूरी इलाज दिया जा सकता है।

भूटान ने कैसे रोका रेबीज

WHO के अनुसार, भूटान ने एक दशक से ज्यादा समय तक रेबीज को रोकने के लिए लगातार काम किया। इसमें कुत्तों का टीकाकरण, रेबीज की निगरानी और इंसानों में बीमारी से बचाव के लिए जरूरी इलाज शामिल रहा। भूटान ने इंसानों, जानवरों और पर्यावरण के स्वास्थ्य को साथ में ध्यान में रखते हुए अलग अलग क्षेत्रों के बीच मिलकर काम किया।

WHO के अनुसार, किसी देश में कुत्तों से इंसानों में फैलने वाले रेबीज के खत्म होने की पुष्टि के लिए यह भी देखा जाता है कि कम से कम दो साल तक इस बीमारी से इंसानों की मौत नहीं हुई हो और भविष्य में बीमारी के दोबारा फैलने की स्थिति से निपटने की व्यवस्था मौजूद हो।

रेबीज से बचाव कैसे करें

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, रेबीज से बचाव के लिए कुत्तों का टीकाकरण सबसे जरूरी उपायों में से एक है। वहीं, किसी संदिग्ध संक्रमित जानवर के काटने या खरोंचने के बाद घाव को तुरंत अच्छी तरह धोना और समय पर डॉक्टर से इलाज लेना जरूरी है। सही समय पर बचाव का इलाज मिलने से रेबीज से होने वाली मौत को रोका जा सकता है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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